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पंचायत चुनाव के बाद लपरी में मौत का सिलसिला

जौनपुर।  सोंधी विकास खंड के लपरी गांव मे बीते पंचायत चुनाव के बाद से अब तक दो दर्जन लोगों के सांस फूलने , बुखार व पेट दर्द से मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना है।   चुनाव के बाद लपरी गांव में अब तक कुल लगभग दो दर्जन लोगों के सांस फूलने तथा बुखार व पेट में मरोड़ दर्द से दम तोड़  चुके हैं। यह सिलसिला जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ ने भी अपनी भूमिका को नहीं निभाया यदि इन सभी इन्होनेे स्वास्थ्य विभाग को समय से जानकारियां दी होती तो शायद कुछ लोगों की जान को बचाया जा सकता था। मृतकों में रामबरन विन्द की की 45 वर्षीया पत्नी आचल, ,  राजेन्द्र प्रसाद, भगवान दास, पलालू खां की पत्नी,  कादीर खां की पत्नी , बृजलाल विन्द, इरशाद अहमद, रफीक कुरैशी, बांकेलाल गुप्ता, पूरनराम , राम अचल राम शामिल है।   ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चुनाव के तीसरे दिन से लोगों के सांस फूलने तथा पेट में मरोड़ दर्द व बुखार के लक्षण थे और एक माह के अंन्दर औसतन हर रोज एक से दो लोगों की मौत हो जाती थी।   प्रधान इरशाद अहमद ने बताया कि गांव में मरने वालों की संख्या दो दर्जन से अधिक है। कोई भी जिम्मेदार इस संबंध में जानकारी लेने नही आया।

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जौनपुर।  सोंधी विकास खंड के लपरी गांव मे बीते पंचायत चुनाव के बाद से अब तक दो दर्जन लोगों के सांस फूलने , बुखार व पेट दर्द से मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना है।   चुनाव के बाद लपरी गांव में अब तक कुल लगभग दो दर्जन लोगों के सांस फूलने तथा बुखार व पेट में मरोड़ दर्द से दम तोड़  चुके हैं। यह सिलसिला जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ ने भी अपनी भूमिका को नहीं निभाया यदि इन सभी इन्होनेे स्वास्थ्य विभाग को समय से जानकारियां दी होती तो शायद कुछ लोगों की जान को बचाया जा सकता था। मृतकों में रामबरन विन्द की की 45 वर्षीया पत्नी आचल, ,  राजेन्द्र प्रसाद, भगवान दास, पलालू खां की पत्नी,  कादीर खां की पत्नी , बृजलाल विन्द, इरशाद अहमद, रफीक कुरैशी, बांकेलाल गुप्ता, पूरनराम , राम अचल राम शामिल है।   ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चुनाव के तीसरे दिन से लोगों के सांस फूलने तथा पेट में मरोड़ दर्द व बुखार के लक्षण थे और एक माह के अंन्दर औसतन हर रोज एक से दो लोगों की मौत हो जाती थी।   प्रधान इरशाद अहमद ने बताया कि गांव में मरने वालों की संख्या दो दर्जन से अधिक है। कोई भी जिम्मेदार इस संबंध में जानकारी लेने नही आया।

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