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कृष्ण सुदामा के मिलन को देख भावुक हुए भक्त

सगरा सुन्दरपुर,प्रतापगढ़। डांडी के पूरे नगरहन मे आयोजित भागवत  कथा  भागवत व्यास अनिलेश जी महाराज जी ने कृष्ण सुदामा का भाव  पूर्ण वर्णन किया।   कार्यक्रम मे    कृष्ण सुदामा के भाव  पूर्ण झांकी मे सुदामा जी अपनी पत्नी के बार बार कहने पर वह अपने बाल सखा कृष्ण से मिलने जाते है और शक्ल सूरत देख कर द्वार पाल धक्का देकर मिलने नही देते,बहुत ही अनुनय विनय के बाद द्वार पाल  भगवान श्रीकृष्ण   को सुदामा के आने की खबर  देते है खबर पाकर  कृष्ण जी  सुदामा जी से मिलने नंगे पांव दौड़ आते है ये दृश्य देख भक्तों की आंखों मे आँसू आ जाते है  और अपने हाथ से सुदामा जी के पांव को पखार कर तीन मुट्ठी चावल खाकर सुदामा जी को त्रिलोक देने   का  भी भाव  पूर्ण झांकी को संजय शुक्ल कृष्ण और सौरभ त्रिपाठी ने  सुदामा के चरित्र को जीवन्त चित्रण किया ।  मुख्य यजमान पारस नाथ शुक्ल ने आरती उतारी ।इस मौके पर क्षेत्र के लोग मौजूद रहे ।

 

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सगरा सुन्दरपुर,प्रतापगढ़। डांडी के पूरे नगरहन मे आयोजित भागवत  कथा  भागवत व्यास अनिलेश जी महाराज जी ने कृष्ण सुदामा का भाव  पूर्ण वर्णन किया।   कार्यक्रम मे    कृष्ण सुदामा के भाव  पूर्ण झांकी मे सुदामा जी अपनी पत्नी के बार बार कहने पर वह अपने बाल सखा कृष्ण से मिलने जाते है और शक्ल सूरत देख कर द्वार पाल धक्का देकर मिलने नही देते,बहुत ही अनुनय विनय के बाद द्वार पाल  भगवान श्रीकृष्ण   को सुदामा के आने की खबर  देते है खबर पाकर  कृष्ण जी  सुदामा जी से मिलने नंगे पांव दौड़ आते है ये दृश्य देख भक्तों की आंखों मे आँसू आ जाते है  और अपने हाथ से सुदामा जी के पांव को पखार कर तीन मुट्ठी चावल खाकर सुदामा जी को त्रिलोक देने   का  भी भाव  पूर्ण झांकी को संजय शुक्ल कृष्ण और सौरभ त्रिपाठी ने  सुदामा के चरित्र को जीवन्त चित्रण किया ।  मुख्य यजमान पारस नाथ शुक्ल ने आरती उतारी ।इस मौके पर क्षेत्र के लोग मौजूद रहे ।

 

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