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चुनाव के बाद गांव गांव में सुलग रही आक्रोश की चिंगारी समर्थक अपने अपने प्रत्याशी की जीत का कर रहे दावा

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। पंचायत चुनाव का मतदान सम्पन्न होने के बाद गांव गांव में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। समर्थक अपने अपने प्रत्याशी की निश्चित जीत का जहां दावा कर रहे है। वही प्रत्येक गांव में कहासुनी होना आम बात हो गई है। कुछ स्थानो पर मारपीट की नौबत भी आ रही है। चुनाव मैदान में विरोध करने वाले समर्थको की कुण्डली भी प्रत्याशी तैयार कर रहे है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि परिणाम आने के बाद विभिन्न प्रत्याशियों का समर्थन करने वाले कार्यकर्ताओं पर साजिश का संकट आने वाला है। मतदान के दिन किस गुट के लोगो ने विरोध किया, किसने समर्थन किया। यह सूचना चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवार अपने समर्थको से जुटाने का प्रयास कर रहे है। कई प्रत्याशी तो मतदान के पहले की तरह गांव गांव, घर घर जाकर लोगो को चुनाव में सहयोग करने के साथ ही विरोध करने वालो के बारे में भी जानकारी जुटाने का काम कर रहे है। बताते चले कि मतदान के दिन बूथो पर हालात पूरी तरह से बदल गए थे। चुनाव के पहले साथ साथ सफर करने वाले साथी भी अलग अलग दलो व प्रत्याशियों के बीच में पूरी तरह बंटे हुए नजर आ रहे थे। अब देखना यह है कि चुनाव परिणाम आने के बाद जिले के हालात क्या रहेंगे। 19 अप्रैल को हुए चुनाव के बाद विभिन्न राजनैतिक दलो व समर्थन करने वाले लोगो के बीच में सियासी जंग रूकने का नाम नहीं ले रही है। हर गली, गांव चैराहे पर अपने अपने प्रत्याशी के विजयी होने का पुख्ता दावा किया जा रहा है। वही हार जीत के लिए पैसे व खाने पीने की चीजो की शर्त भी लगाई जा रही है। खास बात तो यह है कि चुनावी रंजिश की वजह से इन दिनो गांव गिरांव का माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है। हर समर्थक अपने प्रत्याशी की जीत के लिए दावा करता घूम रहा है। वही चुनाव मंे विरोध करने वाले लोगो की कुण्डली भी तैयार करके नेताओं के पास पहुंचाने का काम किया जा रहा है। चुनाव परिणाम आने के बाद विरोध करने वाले समर्थको को सियासी साजिश का शिकार होने का खतरा बढ़ गया है। बताते चले कि 19 अप्रैल को हुए मतदान के दिन जनपद के अधिकांश बूथो पर मतदान करने व फर्जी मतदान करने को लेकर विभिन्न राजनैतिक दलो के समर्थको के बीच में गर्मागरम बहस होने के साथ ही कही कही मारपीट होने तक की नौबत आ गई थी। इस वजह से गांवो मे अंदर ही अंदर आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। जो कि चुनाव परिणाम आने के बाद खतरनाक रूप धारणा कर सकती है।

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। पंचायत चुनाव का मतदान सम्पन्न होने के बाद गांव गांव में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। समर्थक अपने अपने प्रत्याशी की निश्चित जीत का जहां दावा कर रहे है। वही प्रत्येक गांव में कहासुनी होना आम बात हो गई है। कुछ स्थानो पर मारपीट की नौबत भी आ रही है। चुनाव मैदान में विरोध करने वाले समर्थको की कुण्डली भी प्रत्याशी तैयार कर रहे है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि परिणाम आने के बाद विभिन्न प्रत्याशियों का समर्थन करने वाले कार्यकर्ताओं पर साजिश का संकट आने वाला है। मतदान के दिन किस गुट के लोगो ने विरोध किया, किसने समर्थन किया। यह सूचना चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवार अपने समर्थको से जुटाने का प्रयास कर रहे है। कई प्रत्याशी तो मतदान के पहले की तरह गांव गांव, घर घर जाकर लोगो को चुनाव में सहयोग करने के साथ ही विरोध करने वालो के बारे में भी जानकारी जुटाने का काम कर रहे है। बताते चले कि मतदान के दिन बूथो पर हालात पूरी तरह से बदल गए थे। चुनाव के पहले साथ साथ सफर करने वाले साथी भी अलग अलग दलो व प्रत्याशियों के बीच में पूरी तरह बंटे हुए नजर आ रहे थे। अब देखना यह है कि चुनाव परिणाम आने के बाद जिले के हालात क्या रहेंगे। 19 अप्रैल को हुए चुनाव के बाद विभिन्न राजनैतिक दलो व समर्थन करने वाले लोगो के बीच में सियासी जंग रूकने का नाम नहीं ले रही है। हर गली, गांव चैराहे पर अपने अपने प्रत्याशी के विजयी होने का पुख्ता दावा किया जा रहा है। वही हार जीत के लिए पैसे व खाने पीने की चीजो की शर्त भी लगाई जा रही है। खास बात तो यह है कि चुनावी रंजिश की वजह से इन दिनो गांव गिरांव का माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है। हर समर्थक अपने प्रत्याशी की जीत के लिए दावा करता घूम रहा है। वही चुनाव मंे विरोध करने वाले लोगो की कुण्डली भी तैयार करके नेताओं के पास पहुंचाने का काम किया जा रहा है। चुनाव परिणाम आने के बाद विरोध करने वाले समर्थको को सियासी साजिश का शिकार होने का खतरा बढ़ गया है। बताते चले कि 19 अप्रैल को हुए मतदान के दिन जनपद के अधिकांश बूथो पर मतदान करने व फर्जी मतदान करने को लेकर विभिन्न राजनैतिक दलो के समर्थको के बीच में गर्मागरम बहस होने के साथ ही कही कही मारपीट होने तक की नौबत आ गई थी। इस वजह से गांवो मे अंदर ही अंदर आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। जो कि चुनाव परिणाम आने के बाद खतरनाक रूप धारणा कर सकती है।

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