प्रतापगढ। संचेतना का 53वां राष्ट्रीय कवि सम्मेलन और मुशायरा तब और ऐतिहासिक हो गया, जब एक हिन्दू कवि डॉ. अनुज ने नाते पाक का तराना छेड़ा। पूरा मंच और पांडाल तालियों से गुंजायमान हो गया। इससे हमारी कौमी एकता को बहुत ताकत मिलती नजर आयी।
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