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गर्मी आते ही आगजनी की घटनाओ का बढ़ा खतरा संसाधनो की कमी से होगी समस्या

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में आगजनी की घटनाएं होने का खतरा बढ़ गया है। वही फायर ब्रिगेड के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं है। इससे आगजनी की घटनाएं होने पर फायर ब्रिगेड को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। यदि एक इलाके में एक साथ दो स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुई तो आग को काबू करने में काफी दिक्कत होगी। बताते चले कि गर्मी के मौसम मंे जर्जर विद्युत तारो के टूटने की घटनाएं बढ़ जाती है। इससे कभी कभी भीषण आग लग जाती है। आग से तमाम किसानों की फसल भी चैपट हो जाती है। जिले में कुल सात फायर स्टेशन है। सदर स्थित फायर बिग्रेड के जिला मुख्यालय लालगंज, सांगीपुर, कुण्डा, उदयपुर, संग्रामगढ़ व रानीगंज फायर स्टेशनों पर कुल 17 दमकल होना चाहिए। जबकि सिर्फ छह दमकल है। इसके अलावा दो छोटी जीप भी है। इससे यदि एक इलाके में दो जगह आग लग जाए तो फायर ब्रिगेड की दमकल एक ही जगह पहुंच सकेगी। इसी तरह 17 चालक होने चाहिए परन्तु वर्तमान समय में सिर्फ सात चालक है। यही नहीं जनपद में 133 फायर मैन सिपाहियो का नियतन है। जबकि वर्तमान समय में सिर्फ 60 सिपाही है। इसमें से कई सिपाही अवकाश पर भी रहते है। इससे फायर स्टेशनों को चलाने में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाएं भी बढ़ जाती है। उस समय एक ही दिन कई स्थानों पर आग लगने की सूचनाएं आती है। ऐसे में एक साथ आग की एक से अधिक घटना होने पर आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को काफी मशक्कत करना पड़ेगा। ऐसे में लोगो के साथ ही फायर ब्रिगेड कर्मी भी चिन्तित है। हालांकि विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि जो भी संसाधन है, उसके बेहतर इस्तेमाल की रणनीति बनाई जा रही है। जिससे आगजनी की घटना में कम से कम नुकसान हो सके।

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में आगजनी की घटनाएं होने का खतरा बढ़ गया है। वही फायर ब्रिगेड के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं है। इससे आगजनी की घटनाएं होने पर फायर ब्रिगेड को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। यदि एक इलाके में एक साथ दो स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुई तो आग को काबू करने में काफी दिक्कत होगी। बताते चले कि गर्मी के मौसम मंे जर्जर विद्युत तारो के टूटने की घटनाएं बढ़ जाती है। इससे कभी कभी भीषण आग लग जाती है। आग से तमाम किसानों की फसल भी चैपट हो जाती है। जिले में कुल सात फायर स्टेशन है। सदर स्थित फायर बिग्रेड के जिला मुख्यालय लालगंज, सांगीपुर, कुण्डा, उदयपुर, संग्रामगढ़ व रानीगंज फायर स्टेशनों पर कुल 17 दमकल होना चाहिए। जबकि सिर्फ छह दमकल है। इसके अलावा दो छोटी जीप भी है। इससे यदि एक इलाके में दो जगह आग लग जाए तो फायर ब्रिगेड की दमकल एक ही जगह पहुंच सकेगी। इसी तरह 17 चालक होने चाहिए परन्तु वर्तमान समय में सिर्फ सात चालक है। यही नहीं जनपद में 133 फायर मैन सिपाहियो का नियतन है। जबकि वर्तमान समय में सिर्फ 60 सिपाही है। इसमें से कई सिपाही अवकाश पर भी रहते है। इससे फायर स्टेशनों को चलाने में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाएं भी बढ़ जाती है। उस समय एक ही दिन कई स्थानों पर आग लगने की सूचनाएं आती है। ऐसे में एक साथ आग की एक से अधिक घटना होने पर आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को काफी मशक्कत करना पड़ेगा। ऐसे में लोगो के साथ ही फायर ब्रिगेड कर्मी भी चिन्तित है। हालांकि विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि जो भी संसाधन है, उसके बेहतर इस्तेमाल की रणनीति बनाई जा रही है। जिससे आगजनी की घटना में कम से कम नुकसान हो सके।

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