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मृतका के पति की तीन ह साल पहले हो चुकी है मौत

कुंडा प्रतापगढ़। विधवा मालती देवी की हत्या कहीं उसकी संपत्ति के लालच में तो नहीं कर दी गई। क्योंकि संपत्ति को लेकर पारिवारिक विवाद था। हलांकि उसके एक बेटी भी है। घटनास्थल से अगर वह न भागती तो उसकी भी हत्या हो सकती थी। शुक्रवार सायंकाल पोस्टमार्टम के बाद मृतका मालती देवी का शव घर पहुंचा, परंतु उसका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा। स्वर्गीय छेदीलाल यादव के 3 पुत्र छोटे लाल यादव, जगन्नाथ यादव तथा रामदेव यादव है। रामदेव की शादी मानिकपुर थाना क्षेत्र के सरपटा गांव में हुई थी। पति-पत्नी के दांपत्य जीवन में एक बेटा अभय कुमार हुआ था। परंतु कुछ दिनों के बाद पति पत्नी के बीच संबंध खराब होने पर रामदेव ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया था, तो वह अपने बेटे के साथ मायके में रहने लगी। इधर रामदेव ने महेशगंज थाना क्षेत्र के  बदगवां गाव से तलाकशुदा महिला मालती देवी को पत्नी बनाकर लाया थाा। जिससे एक बेटी शिवानी पैदा हुई, जो इस समय लगभग 10 वर्ष की है। 3 वर्ष पूर्व पति रामदेव की मौत हो गई थी। तब से वह अपने जेठ जगन्नाथ के साथ रहने लगीी। जगन्नाथ जीविकोपार्जन के लिए मुंबई में रहता है। साथ रहते हुए भी दोनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद भी होता था। महिला मेहनत मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रही थी। गुरुवार को लगभग 4:00 बजे अपने गांव से जयचंद पुर बाजार जाने के लिए हीरागंज राजबहा मार्ग से बेटी शिवानी के साथ जा रही थी। सटीक मुखबिरी के आधार पर वह गांव से राय काशीपुर के बीच पहुंची थी। इसी दौरान काला ड्रेस पहने दो नकाबपोश बाइक सवार पहुंचे तथा उसे रोककर कुछ पूछने लगे। इतने में बाइक में बैठा पीछे-पीछे वाला व्यक्ति चाकू ले कर हमला कर दिया।  महिला चिल्लाते हुए भागी लेकिन थोड़ी दूर पर गिर गई। मां के ऊपर हमला होता देख बेटी शिवानी जान बचाकर हल्ला गुहार करते हुए गांव की तरफ भागी। इतने में बाइक सवार हमलावर बाइक से नहर मार्ग से बाबागंज की तरफ फरार हो गए थे। मृतका के माता पिता का पहले ही स्वर्गवास हो चुका है। दो भाई जीविकोपार्जन के लिए भट्ठे पर परदेश में नौकरी करते हैं। गांव वाले मृतका के घर भी नहीं जा रहे हैं। आम चर्चा है कि पारिवारिक मामले में हम क्यों जाएं। ऐसा प्रतीत होता है कि विधवा मालती देवी की हत्या कहीं न कहीं संपत्ति की लालच में तो नहीं की गई है। जानकारी पर थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी तक मृतका केे पक्ष की की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। हालांकि शुक्रवार को संग्रामगढ़ पुलिस व एसओजी की टीम घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जांच शुरू कर दी गई है।देखना है पुलिस ईमानदारी से जांच कर घटना का पर्दाफाश करती है अथवा ठंडे बस्ते में डाल देती है।

कुंडा प्रतापगढ़। विधवा मालती देवी की हत्या कहीं उसकी संपत्ति के लालच में तो नहीं कर दी गई। क्योंकि संपत्ति को लेकर पारिवारिक विवाद था। हलांकि उसके एक बेटी भी है। घटनास्थल से अगर वह न भागती तो उसकी भी हत्या हो सकती थी। शुक्रवार सायंकाल पोस्टमार्टम के बाद मृतका मालती देवी का शव घर पहुंचा, परंतु उसका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा। स्वर्गीय छेदीलाल यादव के 3 पुत्र छोटे लाल यादव, जगन्नाथ यादव तथा रामदेव यादव है। रामदेव की शादी मानिकपुर थाना क्षेत्र के सरपटा गांव में हुई थी। पति-पत्नी के दांपत्य जीवन में एक बेटा अभय कुमार हुआ था। परंतु कुछ दिनों के बाद पति पत्नी के बीच संबंध खराब होने पर रामदेव ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया था, तो वह अपने बेटे के साथ मायके में रहने लगी। इधर रामदेव ने महेशगंज थाना क्षेत्र के  बदगवां गाव से तलाकशुदा महिला मालती देवी को पत्नी बनाकर लाया थाा। जिससे एक बेटी शिवानी पैदा हुई, जो इस समय लगभग 10 वर्ष की है। 3 वर्ष पूर्व पति रामदेव की मौत हो गई थी। तब से वह अपने जेठ जगन्नाथ के साथ रहने लगीी। जगन्नाथ जीविकोपार्जन के लिए मुंबई में रहता है। साथ रहते हुए भी दोनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद भी होता था। महिला मेहनत मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रही थी। गुरुवार को लगभग 4:00 बजे अपने गांव से जयचंद पुर बाजार जाने के लिए हीरागंज राजबहा मार्ग से बेटी शिवानी के साथ जा रही थी। सटीक मुखबिरी के आधार पर वह गांव से राय काशीपुर के बीच पहुंची थी। इसी दौरान काला ड्रेस पहने दो नकाबपोश बाइक सवार पहुंचे तथा उसे रोककर कुछ पूछने लगे। इतने में बाइक में बैठा पीछे-पीछे वाला व्यक्ति चाकू ले कर हमला कर दिया।  महिला चिल्लाते हुए भागी लेकिन थोड़ी दूर पर गिर गई। मां के ऊपर हमला होता देख बेटी शिवानी जान बचाकर हल्ला गुहार करते हुए गांव की तरफ भागी। इतने में बाइक सवार हमलावर बाइक से नहर मार्ग से बाबागंज की तरफ फरार हो गए थे। मृतका के माता पिता का पहले ही स्वर्गवास हो चुका है। दो भाई जीविकोपार्जन के लिए भट्ठे पर परदेश में नौकरी करते हैं। गांव वाले मृतका के घर भी नहीं जा रहे हैं। आम चर्चा है कि पारिवारिक मामले में हम क्यों जाएं। ऐसा प्रतीत होता है कि विधवा मालती देवी की हत्या कहीं न कहीं संपत्ति की लालच में तो नहीं की गई है। जानकारी पर थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी तक मृतका केे पक्ष की की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। हालांकि शुक्रवार को संग्रामगढ़ पुलिस व एसओजी की टीम घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जांच शुरू कर दी गई है।देखना है पुलिस ईमानदारी से जांच कर घटना का पर्दाफाश करती है अथवा ठंडे बस्ते में डाल देती है।

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