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हिंदू सनातन धर्म की संस्कृति का एक अंग है दुरदुरिया ःअतुल महाराज

कुंडा प्रतापगढ़। बाबागंज ब्लॉक के बगल स्थित मां भद्रकाली शक्तिपीठ पर पूजा समिति द्वारा आयोजित 51 सौ महिलाओं के दुरदुरिया कार्यक्रम मैं मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे सुविख्यात कथा वाचक अतुल जी महाराज ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि दुरदुरिया हिंदू सनातन धर्म की संस्कृति का एक हिस्सा है जिससे सामाजिक समरसता का संदेश समाज के लोगों में जाता है इससे समाज में व्याप्त तमाम तरह की कुरीतियों का भी अंत होता है हमारी सनातन मातृशक्ति इस परंपरा को जीवंत रखे हुए हैं बिना मातृशक्ति के पुरुष का जीवन अधूरा होता है सनातन धर्म में हर शुभ काम के पहले व बाद में हमारे यहां दुरदुरिया चबाने का बहुत पुरातन से ही प्रचलन चला रहा है जिसमें हमारी मात्र रूपी महिलाएं अवसान देवी का आवाहन कर अपनी शुभ ता एवं अपने को अखंड सौभाग्यवती रखने का बर मांगती हैं यह वैदिक सनातन धर्म परंपरा का प्रतीक है शक्तिपीठ पर सुदूर 10 किलोमीटर के दायरे में सभी महिलाओं को आमंत्रित कर दुरदुरिया का कार्यक्रम किया गया था जिसमें मंदिर पूजा समिति के सभी कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया इस मौके पर आयोजक हुकुमचंद जायसवाल मूलचंद जायसवाल सुमित केसरवानी कृष्ण चंद्र जायसवाल संतोष शुक्ला आदर्श शुक्ला लाल जी शुक्ला कोटेदार प्रधान प्रतिनिधि यीशु शुक्ला कुंवर राजवर्धन सिंह बच्चा पवन शुक्ला समेत क्षेत्र के सैकड़ों मां भद्रकाली के भक्त मौजूद रहे

कुंडा प्रतापगढ़। बाबागंज ब्लॉक के बगल स्थित मां भद्रकाली शक्तिपीठ पर पूजा समिति द्वारा आयोजित 51 सौ महिलाओं के दुरदुरिया कार्यक्रम मैं मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे सुविख्यात कथा वाचक अतुल जी महाराज ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि दुरदुरिया हिंदू सनातन धर्म की संस्कृति का एक हिस्सा है जिससे सामाजिक समरसता का संदेश समाज के लोगों में जाता है इससे समाज में व्याप्त तमाम तरह की कुरीतियों का भी अंत होता है हमारी सनातन मातृशक्ति इस परंपरा को जीवंत रखे हुए हैं बिना मातृशक्ति के पुरुष का जीवन अधूरा होता है सनातन धर्म में हर शुभ काम के पहले व बाद में हमारे यहां दुरदुरिया चबाने का बहुत पुरातन से ही प्रचलन चला रहा है जिसमें हमारी मात्र रूपी महिलाएं अवसान देवी का आवाहन कर अपनी शुभ ता एवं अपने को अखंड सौभाग्यवती रखने का बर मांगती हैं यह वैदिक सनातन धर्म परंपरा का प्रतीक है शक्तिपीठ पर सुदूर 10 किलोमीटर के दायरे में सभी महिलाओं को आमंत्रित कर दुरदुरिया का कार्यक्रम किया गया था जिसमें मंदिर पूजा समिति के सभी कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया इस मौके पर आयोजक हुकुमचंद जायसवाल मूलचंद जायसवाल सुमित केसरवानी कृष्ण चंद्र जायसवाल संतोष शुक्ला आदर्श शुक्ला लाल जी शुक्ला कोटेदार प्रधान प्रतिनिधि यीशु शुक्ला कुंवर राजवर्धन सिंह बच्चा पवन शुक्ला समेत क्षेत्र के सैकड़ों मां भद्रकाली के भक्त मौजूद रहे

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