जामताली शुक्लान गांव में सात दिवसीय संगीतमयी भागवत कथा का भव्य आयोजन….
जामताली प्रतापगढ़ I रानीगंज तहसील क्षेत्र के जामताली शुक्लान गांव में रामसुंदर तिवारी के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया है। इस दौरान दूर दूर से आए भक्तगणों को कथा के दूसरे दिनअमृतमयी कथा का रसपान करा रहे अयोध्या के आचार्य श्रीमद्भागवत कथा के मर्मज्ञ कथावाचक परम् पूज्य श्री राम मिश्रा ने मनोहार कथा मे कहा कि एक बार राजा परीक्षित शिकार खेलने के लिए गए तो जंगल में कलयुग से राजा परीक्षित की मुलाकात हुई राजा परीक्षित ने कहा मेरे जीते जी अधर्म का साम्राज्य स्थापित नहीं हो सकता तब कलयुग ने राजा परीक्षित से शरण मांगी तो राजा परीक्षित ने कहा कि तुम चार जगहों पर रह सकते हो। जहां जुआ खेला जाता हो जहां मदिरा सेवन होता हो जहां हिंसा होती हो और जहां पर परस्त्री संग होता हो तो कलयुग ने कहा महाराज यह पर्याप्त नहीं है तो राजा परीक्षित ने कहा तुम स्वर्ण में भी रह सकते हो तो तुरंत कलयुग राजा परीक्षित के मुकुट में प्रवेश कर गया और उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई । दिन भर घूमते घूमते राजा को प्यास लगी और राजा एक ऋषि के आश्रम में पहुंचे जहां उन्होंने ऋषि से बार-बार पानी मांगा किंतु ऋषि समाधि में लीन होने के कारण बोल नहीं सके जिसके कारण उन्होंने एक मृत सर्प ऋषि के गले में लपेट दिया ऋषि का बड़ा पुत्र श्रृंगी बड़ा ही तेजवान था उसे जानकारी होते ही उसने राजा को श्राप दे दिया और कहा कि जिसने मेरे पिता का घोर अपमान किया है उसकी आज के सातवें दिन तक्षक नाग के काटने से मृत्यु हो जाएगी इस प्रकार कलयुग में आज भी इन पांचों जगहों में जिसका मन लगता है उसकी बुद्धि नष्ट हो जाती है उन्होंने कहा कि जब जब अत्याचार बढ़ता है तब तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतरित हुए और दुष्टों संहार किए इस दौरान उन्होंने बताया कि इस कलयुग में भी भक्ति के मार्ग पर चलने और भगवत भजन करने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए अनेक धार्मिक उपाय बताएं ।इस दौरान उन्होंने श्रीमदभगवत गीता और भागवत महापुराण दोनों की विशेषताओं का वर्णन किया सुन कर लोग भावविभोर हो गए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर भागवत कथा में प्रमुख रूप से चेतन शुक्ला, विमल शुक्ला, आदित्य शुक्ला ,पवन तिवारी, अनिल तिवारी ,नीरज शुक्ला, रोहित शुक्ला, विनय शुक्ला, सचिन शुक्ला, पंकज शुक्ला, खेलन शुक्ला, प्रधान प्रमोद दुबे, आदि अनेक भक्त उपस्थित रहे !



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