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पुलिसिया कारनामाः किशोरी को बंधक बनाकर पीटने वालों पर मेहरबान सिविल लाइंस चौकी प्रभारी

एसपी के आदेश पर कराया मेडिकल टेस्ट लेकिन नहीं दर्ज की रिपोर्ट अब समझौते के लिए बना रहे दबाव
प्रतापगढ़। पुलिस जब चाहे जो कारनामा कर सकती है चाहे अपने अधिकारी के आदेश का उल्लंघन करना ही क्यों न हो। अपराधी को क्लीन चिट दे देना और पीड़ित को फंसा देने का फंडा पुलिस से बेहतर और कौन कर सकता है। ऐसा ही एक मामला प्रतापगढ़ जनपद के कोतवाली थाना अंतर्गत गड़ई चकदेइया का सामने आया है। जहां एक किशोरी को काम कराने के नाम पर बुलाया गया फिर उस पर चोरी का आरोप लगाकर बंधक बनाया और जमकर पीटा। पीड़िता के परिवार वाले चौकी और थाने का चक्कर लगाते रहे लेकिन पुलिस के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। अंततः पुलिस अधीक्षक से मिले तो उन्होंने मेडिकल कराकर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाली पुलिस ने मेडिकल तो करवाया लेकिन रिपोर्ट आज तक दर्ज नहीं की। पीड़िता के परिजनों ने दोबारा पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार की है। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार गड़ई चकदेइया, थाना कोतवाली नगर जनपद प्रतापगढ़ निवासी शिवराज (परिवर्तित नाम) के गांव के चेतप्रकाश पाण्डेय सुत चन्द्रभूषण पाण्डेय चन्दिकन देवी धाम रोड़ मीरा भवन प्रतापगढ़ मकान बना कर रहते हैं। चेतप्रकाश पाण्डेय ने उसकी नाबालिक लड़की जिसकी उम्र लगभग 17वर्ष है को यह कहकर कि मेरी पत्नी अपरिहार्य कारणवश अपने मायके चली गई है बच्चे अकेले हैं बच्चों की देख-रेख व खाना बनाने के लिए मेरे घर भेज दो। परिजनों को विश्वास में लेकर अपने घर बुलाये पीड़िता चेतप्रकाश के घर रह कर ही देखभाल व घर का खाना आदि बनाकर सेवा कर रही थी। व वही रहकर अपनी स्नातक की परीक्षा दे रही थी। बीती 28 जनवरी जब चेतप्रकाश की पत्नी घर आयी तो प्रार्थी अपनी लड़की को अपने घर वापस ले जाने को कहा। इस पर चेतप्रकाश ने ये कहते हुए पीड़िता को रोक लिया कि अभी अपनी लड़की को यही रहने दो कुछ समय बाद हम भेज देंगे। पीड़िता के पिता के अनुसार बीती 05 फरवरी को चेत प्रकाश ने उसको बताया कि घर का कुछ सामान गायब हो गया है। मुझे आप की लड़की पर शक है तो मैंने उन्हें कहा कि जैसे हो अपना शक दूर करिए हम लोग गरीब जरूर है मैं और मेरी लड़की चोर नहीं है। तब से चेत प्रकाश प्रार्थी की उक्त नाबालिक लड़की को अपने घर पर ही रखे रहे और प्रार्थी की लड़की को मार-पीटकर प्रताड़ित करते रहे। बीती 13 फरवरी को जब पिता समय लगभग 8 बजे सुबह अपनी लड़की का हाल-चाल जानने परीक्षा के सम्बन्ध में जानकारी करने चेत प्रकाश के घर गया तो मालूम हुआ कि लड़की का उक्त चेत प्रकाश आदि जबरन परीक्षा देने से रोक दिये तथा इतना प्रताड़ित किया कि लड़की का मानसिक सन्तुलन प्रताड़ना के कारण डर-वश विगड़ गया था। इसके बाद आरोपी ने चेत प्रकाश ने पीड़िता के पिता को धमकी देकर स्थानीय चौकी से पुलिस बुलाकर पुलिस के साथ पीड़िता को चौकी ले गये। काफी देर बैठाने के बाद लगभग 5 बजे शाम छोड़े प्रार्थी अपने लड़की को लेकर घर गया। रात में प्रार्थी की लड़की की मानसिक स्थित सामान्य होने पर उसने अपनी सारी आप बीती बतायी। इसकी सूचना पीड़िता के पिता ने कोतवाली और सिविल लाइंस चौकी मे दी लेकिन कोई कार्यवाही न होने पर वह 14 फरवरी को किसी तरह प्रतापगढ़ आकर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर उनकेक द्वारा मुकदमा पंजीकृत कर डाक्टरी मुआयना कराये जाने हेतु आदेश चौकी इंचार्ज सिविल लाइन को तलब कर दिया गया था। लेकिन चौकी इंचार्ज द्वारा प्रार्थी की लड़की का डाक्टरी मुआयना तो कराया गया लेकिन अज्ञात कारणवश रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गयी। पीड़िता के पिता को पता चला कि प्रार्थना पत्र अभी तक अपने पास रखे हुए है। आरोप है कि विपक्षी लोग पैसे व प्रभाव का नाजायज इस्तेमाल करते हुए प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार पर डर व भय दिखाकर सुलह करने हेतु दबाव डाल रहे हैं। विपक्षी कभी भी प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार पर किसी गलत झूठे मुकदमे में फंसवा सकते हैं या कोई गम्भीर घटना करा सकते हैं।

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एसपी के आदेश पर कराया मेडिकल टेस्ट लेकिन नहीं दर्ज की रिपोर्ट अब समझौते के लिए बना रहे दबाव
प्रतापगढ़। पुलिस जब चाहे जो कारनामा कर सकती है चाहे अपने अधिकारी के आदेश का उल्लंघन करना ही क्यों न हो। अपराधी को क्लीन चिट दे देना और पीड़ित को फंसा देने का फंडा पुलिस से बेहतर और कौन कर सकता है। ऐसा ही एक मामला प्रतापगढ़ जनपद के कोतवाली थाना अंतर्गत गड़ई चकदेइया का सामने आया है। जहां एक किशोरी को काम कराने के नाम पर बुलाया गया फिर उस पर चोरी का आरोप लगाकर बंधक बनाया और जमकर पीटा। पीड़िता के परिवार वाले चौकी और थाने का चक्कर लगाते रहे लेकिन पुलिस के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। अंततः पुलिस अधीक्षक से मिले तो उन्होंने मेडिकल कराकर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाली पुलिस ने मेडिकल तो करवाया लेकिन रिपोर्ट आज तक दर्ज नहीं की। पीड़िता के परिजनों ने दोबारा पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार की है। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार गड़ई चकदेइया, थाना कोतवाली नगर जनपद प्रतापगढ़ निवासी शिवराज (परिवर्तित नाम) के गांव के चेतप्रकाश पाण्डेय सुत चन्द्रभूषण पाण्डेय चन्दिकन देवी धाम रोड़ मीरा भवन प्रतापगढ़ मकान बना कर रहते हैं। चेतप्रकाश पाण्डेय ने उसकी नाबालिक लड़की जिसकी उम्र लगभग 17वर्ष है को यह कहकर कि मेरी पत्नी अपरिहार्य कारणवश अपने मायके चली गई है बच्चे अकेले हैं बच्चों की देख-रेख व खाना बनाने के लिए मेरे घर भेज दो। परिजनों को विश्वास में लेकर अपने घर बुलाये पीड़िता चेतप्रकाश के घर रह कर ही देखभाल व घर का खाना आदि बनाकर सेवा कर रही थी। व वही रहकर अपनी स्नातक की परीक्षा दे रही थी। बीती 28 जनवरी जब चेतप्रकाश की पत्नी घर आयी तो प्रार्थी अपनी लड़की को अपने घर वापस ले जाने को कहा। इस पर चेतप्रकाश ने ये कहते हुए पीड़िता को रोक लिया कि अभी अपनी लड़की को यही रहने दो कुछ समय बाद हम भेज देंगे। पीड़िता के पिता के अनुसार बीती 05 फरवरी को चेत प्रकाश ने उसको बताया कि घर का कुछ सामान गायब हो गया है। मुझे आप की लड़की पर शक है तो मैंने उन्हें कहा कि जैसे हो अपना शक दूर करिए हम लोग गरीब जरूर है मैं और मेरी लड़की चोर नहीं है। तब से चेत प्रकाश प्रार्थी की उक्त नाबालिक लड़की को अपने घर पर ही रखे रहे और प्रार्थी की लड़की को मार-पीटकर प्रताड़ित करते रहे। बीती 13 फरवरी को जब पिता समय लगभग 8 बजे सुबह अपनी लड़की का हाल-चाल जानने परीक्षा के सम्बन्ध में जानकारी करने चेत प्रकाश के घर गया तो मालूम हुआ कि लड़की का उक्त चेत प्रकाश आदि जबरन परीक्षा देने से रोक दिये तथा इतना प्रताड़ित किया कि लड़की का मानसिक सन्तुलन प्रताड़ना के कारण डर-वश विगड़ गया था। इसके बाद आरोपी ने चेत प्रकाश ने पीड़िता के पिता को धमकी देकर स्थानीय चौकी से पुलिस बुलाकर पुलिस के साथ पीड़िता को चौकी ले गये। काफी देर बैठाने के बाद लगभग 5 बजे शाम छोड़े प्रार्थी अपने लड़की को लेकर घर गया। रात में प्रार्थी की लड़की की मानसिक स्थित सामान्य होने पर उसने अपनी सारी आप बीती बतायी। इसकी सूचना पीड़िता के पिता ने कोतवाली और सिविल लाइंस चौकी मे दी लेकिन कोई कार्यवाही न होने पर वह 14 फरवरी को किसी तरह प्रतापगढ़ आकर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर उनकेक द्वारा मुकदमा पंजीकृत कर डाक्टरी मुआयना कराये जाने हेतु आदेश चौकी इंचार्ज सिविल लाइन को तलब कर दिया गया था। लेकिन चौकी इंचार्ज द्वारा प्रार्थी की लड़की का डाक्टरी मुआयना तो कराया गया लेकिन अज्ञात कारणवश रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गयी। पीड़िता के पिता को पता चला कि प्रार्थना पत्र अभी तक अपने पास रखे हुए है। आरोप है कि विपक्षी लोग पैसे व प्रभाव का नाजायज इस्तेमाल करते हुए प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार पर डर व भय दिखाकर सुलह करने हेतु दबाव डाल रहे हैं। विपक्षी कभी भी प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार पर किसी गलत झूठे मुकदमे में फंसवा सकते हैं या कोई गम्भीर घटना करा सकते हैं।

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