लोकमित्र ब्यूरो
होलागढ़(प्रयागराज)। अहंकार का चश्मा हटाने से ही भगवान का दर्शन मिलता है।यह बात प्रह्लाद ने अपने पिता से कही थी। उक्त बातें मुकुंदपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास आचार्य विनीत कृष्ण द्विवेदी जी महाराज ने कही। भक्त जिस भाव से भगवान को भजता है उसे वैसा ही मिलता है। बताया कि लोग भगवान को ,छोटी सुपाड़ी,कटा फल,थोड़ा फूल व सड़ा पान चढ़ाते हैं जबकि अपने खाने के लिए अच्छी सामग्री लेते है। ऐसे में भगवान भी उन्हें वैसा ही फल देते है। गजराज,इंद्र,भगवान राम और भगवान कृष्ण के जन्म को विस्तार से बताया। भजन गाया कि मेरा कोई न सहारा जग में,घनश्याम सांवरिया ही है। इसके बाद मनुष्य, देवता और राक्षस का अंतर भी विस्तार से बताया। मुख्य यजमान श्रीमती मिथिला सिंह एवं त्रिवेणी बहादुर सिंह ने आये हुए सभी भक्तों का अभिवादन सिर झुका कर किया। कथा में व्यवस्थापक आशुतोष सिंह, सुनील सिंह, शोभा सिंह, ज्ञानती सिंह, रेखा सिंह, पन्नी सिंह, रेणू सिंह, अभिषेक सिंह,चाहत सिंह,इंद्र देव सिंह,राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल, किशोरी लाल मिश्र, उमाकांत पांडेय, सालिक राम वर्मा आदि मौजूद रहे। हारमोनियम वादक वैभव द्विवेदी और तबला वादक रजनीश के वाद्य यंत्र की खूब वाह वाही हो रही है।
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होलागढ़(प्रयागराज)। अहंकार का चश्मा हटाने से ही भगवान का दर्शन मिलता है।यह बात प्रह्लाद ने अपने पिता से कही थी। उक्त बातें मुकुंदपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास आचार्य विनीत कृष्ण द्विवेदी जी महाराज ने कही। भक्त जिस भाव से भगवान को भजता है उसे वैसा ही मिलता है। बताया कि लोग भगवान को ,छोटी सुपाड़ी,कटा फल,थोड़ा फूल व सड़ा पान चढ़ाते हैं जबकि अपने खाने के लिए अच्छी सामग्री लेते है। ऐसे में भगवान भी उन्हें वैसा ही फल देते है। गजराज,इंद्र,भगवान राम और भगवान कृष्ण के जन्म को विस्तार से बताया। भजन गाया कि मेरा कोई न सहारा जग में,घनश्याम सांवरिया ही है। इसके बाद मनुष्य, देवता और राक्षस का अंतर भी विस्तार से बताया। मुख्य यजमान श्रीमती मिथिला सिंह एवं त्रिवेणी बहादुर सिंह ने आये हुए सभी भक्तों का अभिवादन सिर झुका कर किया। कथा में व्यवस्थापक आशुतोष सिंह, सुनील सिंह, शोभा सिंह, ज्ञानती सिंह, रेखा सिंह, पन्नी सिंह, रेणू सिंह, अभिषेक सिंह,चाहत सिंह,इंद्र देव सिंह,राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल, किशोरी लाल मिश्र, उमाकांत पांडेय, सालिक राम वर्मा आदि मौजूद रहे। हारमोनियम वादक वैभव द्विवेदी और तबला वादक रजनीश के वाद्य यंत्र की खूब वाह वाही हो रही है।



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