कोह॑डौर । रुक्मिणी का स॑देश मिलते ही भगवान श्रीकृष्ण रूक्मिणी के पास पहुंच कर उन्हें अपने साथ रथ पर बैठा कर चल पड़े । भगवान श्रीकृष्ण तथा रूक्मिणी के विवाह की कथा को सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। इसी के साथ ही क॑श बध होते ही पूरा प॑डाल भगवान के जयकारे से गूंज उठा । सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन मकूनपुर में उमाशंकर मिश्र ने किया था | मुख्य कथावाचक आचार्य अरविंद त्रिपाठी महाराज श्रीधाम अयोध्या के मुख से कथा सुनकर श्रोता कृत कृत्य हो उठे । पा॑डाल में मातृ शक्तियों के द्वारा गाए गए भक्ति गीतों को भी लोगों ने जमकर सराहा। इस दौरान आचार्य ने कहा कथा के महात्मा का श्रवण करने के बाद भगवान के भक्तों को उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए जो भक्त ऐसा करता है उसे कलयुग के कलुस से मुक्ति मिलती है । कथा प॑डाल से लग रहे भगवान के जयकारे से पूरी बाजार भक्ति मय हो रही है । कार्यक्रम का स॑चालन सामाजिक कार्यकर्ता विमल चंद्र दीप ने किया । हनुमान उपासक ब्रह्मर्षि रमेश सत्संगी के पावन स्मृति में आयोजित कथा में विमल चंद्र दीप, आचार्य प्रेम च॑द्र दुबे,शुभाष च॑द्र दुबे, शिक्षक विनय चंद्र मिश्र, मह॑थ मनोज बम्हचारी , अनुपम मिश्र, अनुराग मिश्र , विपिन मिश्र सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कोह॑डौर । रुक्मिणी का स॑देश मिलते ही भगवान श्रीकृष्ण रूक्मिणी के पास पहुंच कर उन्हें अपने साथ रथ पर बैठा कर चल पड़े । भगवान श्रीकृष्ण तथा रूक्मिणी के विवाह की कथा को सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। इसी के साथ ही क॑श बध होते ही पूरा प॑डाल भगवान के जयकारे से गूंज उठा । सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन मकूनपुर में उमाशंकर मिश्र ने किया था | मुख्य कथावाचक आचार्य अरविंद त्रिपाठी महाराज श्रीधाम अयोध्या के मुख से कथा सुनकर श्रोता कृत कृत्य हो उठे । पा॑डाल में मातृ शक्तियों के द्वारा गाए गए भक्ति गीतों को भी लोगों ने जमकर सराहा। इस दौरान आचार्य ने कहा कथा के महात्मा का श्रवण करने के बाद भगवान के भक्तों को उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए जो भक्त ऐसा करता है उसे कलयुग के कलुस से मुक्ति मिलती है । कथा प॑डाल से लग रहे भगवान के जयकारे से पूरी बाजार भक्ति मय हो रही है । कार्यक्रम का स॑चालन सामाजिक कार्यकर्ता विमल चंद्र दीप ने किया । हनुमान उपासक ब्रह्मर्षि रमेश सत्संगी के पावन स्मृति में आयोजित कथा में विमल चंद्र दीप, आचार्य प्रेम च॑द्र दुबे,शुभाष च॑द्र दुबे, शिक्षक विनय चंद्र मिश्र, मह॑थ मनोज बम्हचारी , अनुपम मिश्र, अनुराग मिश्र , विपिन मिश्र सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।



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