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मुकदमें में सुलह करने पर बालक बना बलि का बकरा

हत्यारोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जेल
लोकमित्र ब्यूरो
हण्डिया ( प्रयागराज)।
हण्डिया थाना क्षेत्र के सदरेपुर गांव से गत दिनों लापता हुए बालक का शव तालाब में मिलने के बाद छानबीन में जुटी पुलिस ने रविवार को घटना का खुलाशा करते हुए हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया और लिखा पढ़ी के बाद सभी को जेल भेज दिया। बालक की हत्या मुकदमें में सुलह समझौता न करने पर विपक्षियों द्वारा की गई थी।
बताते चले हण्डिया कोतवाली क्षेत्र के सदरेपुर गांव निवासी भानुप्रताप यादव पुत्र रामरक्षा का विवाद गांव के ही लालमणि यादव पुत्र देवनारायण आदि से चला आ रहा है। मामले में भानुप्रताप द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमें में सुलह समझौता के लिए विपक्षियों द्वारा दबाव बनाये जाने लगा। समझौता से इंकार करने भानु प्रताप को अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। गत 7 फरवरी 2023 को भानु प्रताप का बेटा धु्रव प्रताप उर्फ गोलू उर्फ आर्यन रहस्यमय परिस्थितियों में घर से लापता हो गया। खोजबीन के बाद परिजनों ने मु0अ0सं0 68/2023 धारा 363 के तहत प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। खोजबीन में जुटी पुलिस को दो दिन बाद पता चला कि लापता आर्यन का शव गांव स्थित एक तालाब में देखा गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जें में लेकर पीएम हेतु भेज दिया। इस संबंध में पुलिस ने भानु प्रताप की तहरीर के आधार पर धारा 147, 302 व 201 आईपीसी की बढ़ोत्तरी करते हुए अभियुक्त लालमणि यादव, लाल जी यादव व लल्लन प्रसाद पुत्रगण देवनारायण यादव, संदीप कुमार पुत्र लल्लन प्रसाद, संतोष कुमार पुत्र छोटेलाल, कंचन पुत्री छोटेलाल व शंकुंतला देवी पत्नी लालमणि यादव निवासीगण सदरेपुर थाना हण्डिया को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि भानु प्रताप द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। सुलह समझौते की बात संतोष करा रहा था लेकिन भानु प्रताप इसके लिए तैयार नही थे। इसी बात को लेकर भानु प्रताप ने संतोष व उसकी बहन कचंन को दो तीन बार मार पीट चुका था। जिसे लेकर दोनो भानु से नाराज रहा करते थे। गत 7 फरवरी को योजनाबद्ध तरीके से संतोष ने मृतक बालक की मॉ राज कुमारी को खेत की तरफ बहाना बनाकर भेज दिया और नामित अभियुक्तों ने बच्चों को उठाकर बोरी में भरकर तालाब में डूबो दिया। जिससे धु्रव उर्फ गोलू उर्फ आर्यन की मौत हो गई और फिर सभी फरार हो लिए। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार दुबे, उप निरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह, राधेश्याम गुप्ता, सुनील कुमार यादव व हे0का0 उमेश यादव, का0 अभिषेक कनौजिया, मुकुन्द यादव व सहेन्द्र पाल शामिल रहे।

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हत्यारोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जेल
लोकमित्र ब्यूरो
हण्डिया ( प्रयागराज)।
हण्डिया थाना क्षेत्र के सदरेपुर गांव से गत दिनों लापता हुए बालक का शव तालाब में मिलने के बाद छानबीन में जुटी पुलिस ने रविवार को घटना का खुलाशा करते हुए हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया और लिखा पढ़ी के बाद सभी को जेल भेज दिया। बालक की हत्या मुकदमें में सुलह समझौता न करने पर विपक्षियों द्वारा की गई थी।
बताते चले हण्डिया कोतवाली क्षेत्र के सदरेपुर गांव निवासी भानुप्रताप यादव पुत्र रामरक्षा का विवाद गांव के ही लालमणि यादव पुत्र देवनारायण आदि से चला आ रहा है। मामले में भानुप्रताप द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमें में सुलह समझौता के लिए विपक्षियों द्वारा दबाव बनाये जाने लगा। समझौता से इंकार करने भानु प्रताप को अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। गत 7 फरवरी 2023 को भानु प्रताप का बेटा धु्रव प्रताप उर्फ गोलू उर्फ आर्यन रहस्यमय परिस्थितियों में घर से लापता हो गया। खोजबीन के बाद परिजनों ने मु0अ0सं0 68/2023 धारा 363 के तहत प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। खोजबीन में जुटी पुलिस को दो दिन बाद पता चला कि लापता आर्यन का शव गांव स्थित एक तालाब में देखा गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जें में लेकर पीएम हेतु भेज दिया। इस संबंध में पुलिस ने भानु प्रताप की तहरीर के आधार पर धारा 147, 302 व 201 आईपीसी की बढ़ोत्तरी करते हुए अभियुक्त लालमणि यादव, लाल जी यादव व लल्लन प्रसाद पुत्रगण देवनारायण यादव, संदीप कुमार पुत्र लल्लन प्रसाद, संतोष कुमार पुत्र छोटेलाल, कंचन पुत्री छोटेलाल व शंकुंतला देवी पत्नी लालमणि यादव निवासीगण सदरेपुर थाना हण्डिया को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि भानु प्रताप द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। सुलह समझौते की बात संतोष करा रहा था लेकिन भानु प्रताप इसके लिए तैयार नही थे। इसी बात को लेकर भानु प्रताप ने संतोष व उसकी बहन कचंन को दो तीन बार मार पीट चुका था। जिसे लेकर दोनो भानु से नाराज रहा करते थे। गत 7 फरवरी को योजनाबद्ध तरीके से संतोष ने मृतक बालक की मॉ राज कुमारी को खेत की तरफ बहाना बनाकर भेज दिया और नामित अभियुक्तों ने बच्चों को उठाकर बोरी में भरकर तालाब में डूबो दिया। जिससे धु्रव उर्फ गोलू उर्फ आर्यन की मौत हो गई और फिर सभी फरार हो लिए। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार दुबे, उप निरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह, राधेश्याम गुप्ता, सुनील कुमार यादव व हे0का0 उमेश यादव, का0 अभिषेक कनौजिया, मुकुन्द यादव व सहेन्द्र पाल शामिल रहे।

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