“मधुमेह आज व कल” विषय पर होगा दो दिन का सम्मलेन, भाग लेंगे बड़े डॉक्टर्स
प्रयागराज । मधुमेह रोग एक जटिल रोग है जो आज समूचे विश्व में महामारी के रूप में व्याप्त है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार भारतवर्ष में लगभग 7.7 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रसित हैं और 2045 तक यह संख्या दोगुनी (13. 42 करोड) होने की संभावना हैं। चिंताजनक विषय यह है कि टाइप वन डायबिटीज जो अधिकांशत: बच्चों में होती है। भारतवर्ष में ऐसे बच्चों की संख्या (1.70) एक करोड सत्तर लाख के लगभग है। गर्भवती महिलाओं में होने वाली डायबिटीज (गेस्टेशनल डायबिटीज मेलिटस ) की संख्या में भी निरन्तर वृद्धि हो रही है। अतः यह समयोपरक है कि समस्त चिकित्सा जगत को इस महामारी के नियंत्रण व रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। एक प्रेस वार्ता में कार्यशाला के आयोजक डॉ सुबोध जैन और डॉ . अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ डायबिटीज इन इंडिया मधुमेह रोग पर अनुसंधान करने वाली एशिया की सर्वाधिक सदस्यों वाली संस्था है। इसी क्रम मे 11 व 12 फरवरी को ए०एम०ए० सभागार में भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स, मधुमेह रोग विशेषज्ञो का बारहवों प्रादेशिक सम्मेलन ए०एम०ए० कनवेन्शन सेंटर, प्रयागराज में होगा। डॉ जैन के अनुसार इस सम्मेलन का विषय “मधुमेह आज व कल” है। डॉ अनुभा श्रीवास्तव ने प्रतिभाग लेने वाले डॉक्टरों के बारे में बात करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का उद्घाटन दिनांक 11 फरवरी को दोपहर 01 बजे होगा। समारोह की मुख्य अतिथि प्रयाग विश्वविद्यालय की उपकुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव होंगी। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर, एस०पी० सिंह प्राधानाचार्य मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज होंगे। इस सम्मेलन में प्रोफेसर जमाल अहमद (विभागाध्यक्ष एन्डोक्राइनोलॉजी एण्ड मेटाबोलिज्म विभाग अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय), सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ० सुबोध जैन, आयोजन सचिव डॉ० अनुभा श्रीवास्तव हैं। डा० अनुज महेश्वरी वैज्ञानिक सचिव व डा० अजय तिवारी सचिव भी उपस्थित रहेंगे। के चेयरमैन सम्मेलन में प्रोफेसर जमाल अहमद (अलीगढ़), प्रोफेसर राकेश सहाय (हैदराबाद), डॉ० सुनील गुप्ता (नागपुर), प्रोफेसर कमलाकर त्रिपाठी (वाराणसी) व डॉ० ब्रज मोहन मक्कड़ (नई दिल्ली) के द्वारा ओरेशन दिया जायेगा। सम्पूर्ण सम्मेलन मे कुल 70 व्याख्यान होंगे। नव शोधार्थियों द्वारा ई- पोस्टर व पेपर्स भी प्रदर्शित किये जायेंगे। पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ आहार विशेषज्ञों के लिए इन्सुलिन व इन्सुलिन पम्प कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है।टेक्नोलोजी वर्कशाप व डायबिटिक फुट सिम्पोजिया सम्मेलन की मुख्य विशेषता है।
“मधुमेह आज व कल” विषय पर होगा दो दिन का सम्मलेन, भाग लेंगे बड़े डॉक्टर्स
प्रयागराज । मधुमेह रोग एक जटिल रोग है जो आज समूचे विश्व में महामारी के रूप में व्याप्त है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार भारतवर्ष में लगभग 7.7 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रसित हैं और 2045 तक यह संख्या दोगुनी (13. 42 करोड) होने की संभावना हैं। चिंताजनक विषय यह है कि टाइप वन डायबिटीज जो अधिकांशत: बच्चों में होती है। भारतवर्ष में ऐसे बच्चों की संख्या (1.70) एक करोड सत्तर लाख के लगभग है। गर्भवती महिलाओं में होने वाली डायबिटीज (गेस्टेशनल डायबिटीज मेलिटस ) की संख्या में भी निरन्तर वृद्धि हो रही है। अतः यह समयोपरक है कि समस्त चिकित्सा जगत को इस महामारी के नियंत्रण व रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। एक प्रेस वार्ता में कार्यशाला के आयोजक डॉ सुबोध जैन और डॉ . अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ डायबिटीज इन इंडिया मधुमेह रोग पर अनुसंधान करने वाली एशिया की सर्वाधिक सदस्यों वाली संस्था है। इसी क्रम मे 11 व 12 फरवरी को ए०एम०ए० सभागार में भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स, मधुमेह रोग विशेषज्ञो का बारहवों प्रादेशिक सम्मेलन ए०एम०ए० कनवेन्शन सेंटर, प्रयागराज में होगा। डॉ जैन के अनुसार इस सम्मेलन का विषय “मधुमेह आज व कल” है। डॉ अनुभा श्रीवास्तव ने प्रतिभाग लेने वाले डॉक्टरों के बारे में बात करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का उद्घाटन दिनांक 11 फरवरी को दोपहर 01 बजे होगा। समारोह की मुख्य अतिथि प्रयाग विश्वविद्यालय की उपकुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव होंगी। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर, एस०पी० सिंह प्राधानाचार्य मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज होंगे। इस सम्मेलन में प्रोफेसर जमाल अहमद (विभागाध्यक्ष एन्डोक्राइनोलॉजी एण्ड मेटाबोलिज्म विभाग अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय), सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ० सुबोध जैन, आयोजन सचिव डॉ० अनुभा श्रीवास्तव हैं। डा० अनुज महेश्वरी वैज्ञानिक सचिव व डा० अजय तिवारी सचिव भी उपस्थित रहेंगे। के चेयरमैन सम्मेलन में प्रोफेसर जमाल अहमद (अलीगढ़), प्रोफेसर राकेश सहाय (हैदराबाद), डॉ० सुनील गुप्ता (नागपुर), प्रोफेसर कमलाकर त्रिपाठी (वाराणसी) व डॉ० ब्रज मोहन मक्कड़ (नई दिल्ली) के द्वारा ओरेशन दिया जायेगा। सम्पूर्ण सम्मेलन मे कुल 70 व्याख्यान होंगे। नव शोधार्थियों द्वारा ई- पोस्टर व पेपर्स भी प्रदर्शित किये जायेंगे। पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ आहार विशेषज्ञों के लिए इन्सुलिन व इन्सुलिन पम्प कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है।टेक्नोलोजी वर्कशाप व डायबिटिक फुट सिम्पोजिया सम्मेलन की मुख्य विशेषता है।



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