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पं० शिवशंकर मिश्र स्मृति सम्मान से अलंकृत हुए साहित्यकार डॉ० दयाराम मौर्य रत्न तुलसी शोध संस्थान सभागार ऐशबाग लखनऊ में हुआ अलंकरण समारोह

प्रतापगढ़। चेतना साहित्य परिषद लखनऊ द्वारा साहित्यकार डॉ० दयाराम मौर्य रत्न को प्रतिष्ठित सम्मान पं० शिवशंकर मिश्र स्मृति सम्मान  से अलंकृत किया गया।  समारोह की अध्यक्षता पूर्व महापौर लखनऊ एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ० दाऊजी गुप्त ने किया। मुख्य अतिथि  पूर्व विभागाध्यक्ष हिन्दी लखनऊ विश्वविद्यालय डॉ० प्रो० हरिशंकर मिश्र रहे। डॉ० दयाराम मौर्य श्रत्नश् की छन्दबद्ध रचनाओं की  सृजनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए परिषद की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से उन्हें इस सम्मान के लिए चुना था । गौरतलब है कि डॉ० रत्न घनाक्षरी, सवैया, कुण्डलिया, दोहा तथा चैपाई इत्यादि मात्राबद्ध छंदों को  प्रवीणता से लिखते हैं। पाँच महाकाव्य सहित ढाई दर्जन से अधिक उनकी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। विश्व-स्तर पर हिन्दी भाषा-साहित्य के विकास के लिए कार्य करने वाली इस संस्था ने तुलसी शोध संस्थान सभागार ऐशबाग लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में डॉ० रत्न को यह सम्मान प्रदान किया। इस उपलब्धि पर बेल्हा के प्रबुद्धजनों ने हर्ष प्रकट किया है। लखनऊ तथा देश अन्य भागों के साहित्यकारों ने डॉ रत्न को बधाई दी। एलायंस क्लब इंटरनेशनल के अन्तर्राष्ट्रीय एडवाइजर रोशनलाल ऊमरवैश्य ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में अपने अद्भुत सृजन से डॉ० दयाराम मौर्य श्रत्नश् निरंतर जिले के गौरव में चार चाँद लगा रहे हैं। ट्रस्टी आनन्दमोहन ओझा, विकास अधिकारी राजीव कुमार आर्य, लखन प्रतापगढ़ी, राधेश्याम दीवाना,श्रीनाथ मौर्य सरस, अनिलकुमार निलय, कुंजबिहारी लाल मौर्य काकाश्री तथा अन्य स्नेहीजनों ने डॉ० रत्न को बधाई दी है।

 

 

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प्रतापगढ़। चेतना साहित्य परिषद लखनऊ द्वारा साहित्यकार डॉ० दयाराम मौर्य रत्न को प्रतिष्ठित सम्मान पं० शिवशंकर मिश्र स्मृति सम्मान  से अलंकृत किया गया।  समारोह की अध्यक्षता पूर्व महापौर लखनऊ एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ० दाऊजी गुप्त ने किया। मुख्य अतिथि  पूर्व विभागाध्यक्ष हिन्दी लखनऊ विश्वविद्यालय डॉ० प्रो० हरिशंकर मिश्र रहे। डॉ० दयाराम मौर्य श्रत्नश् की छन्दबद्ध रचनाओं की  सृजनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए परिषद की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से उन्हें इस सम्मान के लिए चुना था । गौरतलब है कि डॉ० रत्न घनाक्षरी, सवैया, कुण्डलिया, दोहा तथा चैपाई इत्यादि मात्राबद्ध छंदों को  प्रवीणता से लिखते हैं। पाँच महाकाव्य सहित ढाई दर्जन से अधिक उनकी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। विश्व-स्तर पर हिन्दी भाषा-साहित्य के विकास के लिए कार्य करने वाली इस संस्था ने तुलसी शोध संस्थान सभागार ऐशबाग लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में डॉ० रत्न को यह सम्मान प्रदान किया। इस उपलब्धि पर बेल्हा के प्रबुद्धजनों ने हर्ष प्रकट किया है। लखनऊ तथा देश अन्य भागों के साहित्यकारों ने डॉ रत्न को बधाई दी। एलायंस क्लब इंटरनेशनल के अन्तर्राष्ट्रीय एडवाइजर रोशनलाल ऊमरवैश्य ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में अपने अद्भुत सृजन से डॉ० दयाराम मौर्य श्रत्नश् निरंतर जिले के गौरव में चार चाँद लगा रहे हैं। ट्रस्टी आनन्दमोहन ओझा, विकास अधिकारी राजीव कुमार आर्य, लखन प्रतापगढ़ी, राधेश्याम दीवाना,श्रीनाथ मौर्य सरस, अनिलकुमार निलय, कुंजबिहारी लाल मौर्य काकाश्री तथा अन्य स्नेहीजनों ने डॉ० रत्न को बधाई दी है।

 

 

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