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धूप हवन से करे पूजा-जगदगुरु ब्रह्मर्षि स्वामी गरुड़ महाराज

लोकमित्र ब्यूरो
झूंसी (प्रयागराज)।
माघ मेले में वैष्णव धाम विंध्य पर्वत रीवा से आये जगत गुरु ब्रह्मार्षि बाबा स्वामी गरुड़ महाराज जी पूजा पंडाल में कथा सुनाने दौरान बताया कि माघ मेले में आए हुए सभी भक्तगण सावधानी पूर्वक इस बात को ग्रहण करें और संकल्प लें कि चाहे मां गंगा की व घर पर रह कर पूजा करते हो, तो अगरबत्ती का प्रयोग न करें। अगरबत्ती हमारे संस्कृति में नहीं है। यहां पर कल्पवासीगण नियमों का पालन नहीं करते। मां गंगा की पूजा अर्चना में अगरबत्ती का प्रयोग करते हैं। जबकि शास्त्रों में लिखा गया है की बांस से बनी अगरबत्ती को जलाने से हिंदू धर्म में पृत दोष लगता है, इसलिए पूजा पाठ करते समय अगरबत्ती के स्थान पर धूपबत्ती का प्रयोग करें। साथ ही साथ कल्पवास में आए सभी कल्पवासियों को प्रेरणा रूप में कहा कि गंगा को प्रदूषित किया जा रहा है। फूल, माला, पूजन सामग्री को गंगा जी ने बहा कर प्रदूषित कर रहे हैं ऐसा न करें। उन्होंने आगे कहा कि बहुत से लोग धर्म के नाम पर अपनी-अपनी दुकानें चला रहे हैं।

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झूंसी (प्रयागराज)।
माघ मेले में वैष्णव धाम विंध्य पर्वत रीवा से आये जगत गुरु ब्रह्मार्षि बाबा स्वामी गरुड़ महाराज जी पूजा पंडाल में कथा सुनाने दौरान बताया कि माघ मेले में आए हुए सभी भक्तगण सावधानी पूर्वक इस बात को ग्रहण करें और संकल्प लें कि चाहे मां गंगा की व घर पर रह कर पूजा करते हो, तो अगरबत्ती का प्रयोग न करें। अगरबत्ती हमारे संस्कृति में नहीं है। यहां पर कल्पवासीगण नियमों का पालन नहीं करते। मां गंगा की पूजा अर्चना में अगरबत्ती का प्रयोग करते हैं। जबकि शास्त्रों में लिखा गया है की बांस से बनी अगरबत्ती को जलाने से हिंदू धर्म में पृत दोष लगता है, इसलिए पूजा पाठ करते समय अगरबत्ती के स्थान पर धूपबत्ती का प्रयोग करें। साथ ही साथ कल्पवास में आए सभी कल्पवासियों को प्रेरणा रूप में कहा कि गंगा को प्रदूषित किया जा रहा है। फूल, माला, पूजन सामग्री को गंगा जी ने बहा कर प्रदूषित कर रहे हैं ऐसा न करें। उन्होंने आगे कहा कि बहुत से लोग धर्म के नाम पर अपनी-अपनी दुकानें चला रहे हैं।

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