भेजा गया नैनी सेंट्रल जेल
प्रयागराज। माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ईडी की हिरासत के बाद शुक्रवार को जिला जज संतोष राय की अदालत में पेश कर रिमांड अर्जी दी गई। जिस पर जिला जज ने बचाव पक्ष के वकीलों तथा प्रवर्तन निदेशालय के विशेष लोक अभियोजक और डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी को सुनने के बाद अब्बास अंसारी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेजे जाने का आदेश दिया है। डीजीसी ने बताया कि परिवादी सौरभ कुमार सहायक निदेशक प्रवर्तन निदेशालय भारत सरकार की ओर से मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत प्रवर्तन निदेशालय की अभिरक्षा में निरुद्ध अब्बास अंसारी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें कहा गया कि आरोपी वर्तमान समय में विधायक है तथा उसकी आर्थिक, राजनैतिक व सामाजिक स्थिति बहुत अच्छी है। प्रस्तुत प्रकरण में विवेचना प्रचलन में है । यदि आरोपी को न्यायिक हिरासत में विवेचना के दौरान नहीं रखा जाएगा तो इसमें प्रकरण के अन्य गवाहों पर दबाव/ प्रभाव डाला जा सकता है । जिससे विवेचना पर प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने की संभावना है।
जिसका विरोध करते हुए बचाव पक्ष ने कहा कि प्रस्तुत प्रकरण में आरोपी के खिलाफ आरोपित अपराध 7 वर्ष तक के कारावास से दंडनीय है। इसलिए प्रकरण के विवेचक/ पुलिस प्राधिकारी दफा 41 दं० प्र० सं० की नोटिस दें और आवश्यकतानुसार वह उनके समक्ष उपस्थित रहेगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि उक्त प्रकरण आर्थिक अपराध से संबंधित है । मामले के संपूर्ण तथ्यों व परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए, अर्जी स्वीकार किए जाने योग्य है। अब्बास अंसारी को उक्त मामले में 1 दिसंबर 2022 तक न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध किया जाता है।नियत तारीख पर आरोपी को पेश किया जाए।



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