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‘भईया जी का दाल-भात’ से लोग लें सेवा की सीख -शंकराचार्य

जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने भईया जी का दाल -भात के सेवा प्रकल्प को जमकर सराहा
सेवा को और विस्तार देने का ‘भइया जी का दाल-भात’ परिवार ने लिया संकल्प
भूखी मानवता की सेवा में जुटे संगठन का सफलता के साथ पांचवें वर्ष में प्रवेश
लोकमित्र ब्यूरो
प्रयागराज। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती ने कहा है कि मानवता की सेवा में जुटे भईया जी का दाल-भात परिवार से लोगों को सेवा की सीख लेनी चाहिए। इस संगठन ने अपने कार्यों से से यह साबित कर दिया है कि अन्नदान से बड़ा कोई दान नहीं और भूखों को भोजन कराने से बड़ी कोई सेवा नहीं है। स्वामीजी आज बांध के नीचे भईया जी का दाल-भात परिवार की ओर से आयोजित चौथी वर्षगांठ पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पहले संत महात्माओं की ओर से अन्नक्षेत्र चलाया जाता था। फिर बाद में यह कार्य सिर्फ मेलों तक सिमट गया। इस वजह से तमाम गरीब बिना भोजन के रह जाते थे। मगर भईया जी का दाल भात परिवार ने मानवता की सेवा का जो संकल्प लिया उससे तमाम जरुरतमंदों को भोजन उपलब्ध होने लगा। दूसरे लोगों को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। शंकरचार्य जी ने कहाकि वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि इस संगठन के सेवा कार्य में कभी कोई बाधा न आए और सेवा का यह अभियान निरंतर चलता रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रणविजय सिंह ने भी संगठन के सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत बताया। आज के भोजन वितरण का कार्यक्रम शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के आशीर्वचन से शुरू हुआ। इससे पहले भईया जी दाल भात परिवार से जुड़े लोगों ने शंकराचार्य जी का माल्यार्पण कर स्वागत किया।  बता दें कि मां काली शक्ति साधना केन्द्र की ओर से संचालित ‘भइया जी का दाल-भात’ कार्यक्रम ने सफलता के साथ सेवा के पांचवें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। इस उपलक्ष्य में आज त्रिवेणी मार्ग बांध के नीचे विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शंकरचार्य जी के साथ ही देश के प्रख्यात कथावाचक शांतनु जी महाराज, न्यायमूर्ति रणविजय सिंह आदि उपस्थित रहे।   ‘भइया जी का दाल-भात’ कार्यक्रम की शुरुआत नवंबर 2018 में भूखी मानवता की सेवा के संकल्प के साथ हुई थी। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना है। तब से यह कार्यक्रम निरंतर चल रहा है। आज स्थिति यह है कि अनेक लोग जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या इसी तरह के अन्य कार्यक्रम इसी परिवार से जुड़कर मनाने लगे हैं। संचालक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस संगठन में कोई पदाधिकारी नहीं है, सभी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मानवता की सेवा में सभी लोग आगे आएं और भूख मुक्त भारत के सपने को साकार करने में सहयोग करें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने भईया जी का दाल -भात के सेवा प्रकल्प को जमकर सराहा
सेवा को और विस्तार देने का ‘भइया जी का दाल-भात’ परिवार ने लिया संकल्प
भूखी मानवता की सेवा में जुटे संगठन का सफलता के साथ पांचवें वर्ष में प्रवेश
लोकमित्र ब्यूरो
प्रयागराज। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती ने कहा है कि मानवता की सेवा में जुटे भईया जी का दाल-भात परिवार से लोगों को सेवा की सीख लेनी चाहिए। इस संगठन ने अपने कार्यों से से यह साबित कर दिया है कि अन्नदान से बड़ा कोई दान नहीं और भूखों को भोजन कराने से बड़ी कोई सेवा नहीं है। स्वामीजी आज बांध के नीचे भईया जी का दाल-भात परिवार की ओर से आयोजित चौथी वर्षगांठ पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पहले संत महात्माओं की ओर से अन्नक्षेत्र चलाया जाता था। फिर बाद में यह कार्य सिर्फ मेलों तक सिमट गया। इस वजह से तमाम गरीब बिना भोजन के रह जाते थे। मगर भईया जी का दाल भात परिवार ने मानवता की सेवा का जो संकल्प लिया उससे तमाम जरुरतमंदों को भोजन उपलब्ध होने लगा। दूसरे लोगों को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। शंकरचार्य जी ने कहाकि वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि इस संगठन के सेवा कार्य में कभी कोई बाधा न आए और सेवा का यह अभियान निरंतर चलता रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रणविजय सिंह ने भी संगठन के सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत बताया। आज के भोजन वितरण का कार्यक्रम शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के आशीर्वचन से शुरू हुआ। इससे पहले भईया जी दाल भात परिवार से जुड़े लोगों ने शंकराचार्य जी का माल्यार्पण कर स्वागत किया।  बता दें कि मां काली शक्ति साधना केन्द्र की ओर से संचालित ‘भइया जी का दाल-भात’ कार्यक्रम ने सफलता के साथ सेवा के पांचवें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। इस उपलक्ष्य में आज त्रिवेणी मार्ग बांध के नीचे विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शंकरचार्य जी के साथ ही देश के प्रख्यात कथावाचक शांतनु जी महाराज, न्यायमूर्ति रणविजय सिंह आदि उपस्थित रहे।   ‘भइया जी का दाल-भात’ कार्यक्रम की शुरुआत नवंबर 2018 में भूखी मानवता की सेवा के संकल्प के साथ हुई थी। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना है। तब से यह कार्यक्रम निरंतर चल रहा है। आज स्थिति यह है कि अनेक लोग जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या इसी तरह के अन्य कार्यक्रम इसी परिवार से जुड़कर मनाने लगे हैं। संचालक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस संगठन में कोई पदाधिकारी नहीं है, सभी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मानवता की सेवा में सभी लोग आगे आएं और भूख मुक्त भारत के सपने को साकार करने में सहयोग करें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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