चौदह वर्ष बाद लखन सीता संग अयोध्या वापस लौटे प्रभू श्रीराम।
जय मां वीणावादिनी रामलीला समिति के कलाकारों द्वारा किया गया मंचन ।
लीलापुर प्रतापगढ़। स्थानीय थाना क्षेत्र के हन्डौर दुबान में आठ दिवसीय रामलीला मंचन के आखिरी दिन कलाकारों द्वारा जहां पर मेघनाद – लक्ष्मण संवाद ने दर्शकों को रोमांचित कर रहा था वहीं पर लक्ष्मण – शक्ति , रावण-अंगद संवाद आदि को दर्शकों ने खूब सराहा । राम ने रावण का वध करने के पश्चात लक्ष्मण को आदेश दिया कि जाओ कुछ ज्ञान और राजनीति की बातें महाबली रावण से सीख लो , जिसपर रावण ने लक्ष्मण को बताते हुए कहा कि मनुष्य को हमेशा प्रेम करना सीखना चाहिए , और भाई से भूलकर भी बैर नही करना चाहिए नही तो उसका बुरा ही होता है जिसका परिणाम सामने है आदि कई महत्वपूर्ण बातें बताई।राम का किरदार श्याम तिवारी ने निभाया तो वहीं पर लक्ष्मण का अंकित तिवारी और सीता राजेश उर्फ खन्ने ,हनुमान के रूप मे राज दुबे, रावण भारत कनौजिया, अंगद के रुप में राजेश्वर गिरि उर्फ खुद्दुर ,सुग्रीव के रुप में राजेश वर्मा आदि कलाकारों द्वारा अभिनय कर दर्शकों का मन मोहा। इस दौरान समाजसेवक राममूरत शुक्ल, विशम्भरनाथ शुक्ल, समाजसेवी संजय शुक्ल, मुकेश, रामसिंह,हरिनाम सिंह, डॉ.श्याम सिंह, दिनेश सिंह, लालजी दुबे, शैलेन्द्र, चन्द्रभान दुबे, राममूर्ति रजक, विकास दुबे, बिन्दे दुबे आदि मौजूद रहे जिन्होने बीच- बीच में कलाकारों का उत्साह बढ़ाया ।रामलीला दृश्यांकन के समापन पर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त दुबे ने अतिथियों, दर्शकों व कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया ।हास्य कलाकार के रुप में शिव प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा दर्शकों को बीच-बीच में हसांने व गुदगुदाने का भी कार्य । रामलीला के समापन के पश्चात समिति के पदाधिकारियों द्वारा पत्रकार संतोष तिवारी व कलाकार शिव सम्पत वर्मा, बब्लू वर्मा, शिवशंकर तिवारी, राजेश, माताफेर सिंह राठौर सहित समस्त कलाकरों का सारस्वत सम्मान किया गया । कार्यक्रम का संयोजन राजेश दुबे, रंजन कुमार व पत्रकार अरविन्द दुबे ने किया। संचालन राजकुमार दुबे ने किया ।



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