प्रतापगढ़ । सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा रामानुज आश्रम में यम द्वतीया भैया दूज धूमधाम से मनाई गई। उक्त अवसर पर धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि भाई बहन का यह पवित्र प्रीति पर्व है। श्रीमद्भागवत के अनुसार द्वादश महाभागवत हैं। जिनको भागवत धर्म का रहस्य ज्ञात है। यह बारह महाभागवत ब्रह्मा जी, देवर्षि नारद ,भगवान शंकर, सनत कुमार, कपिल देव, स्वयंभूमनु, प्रहलाद, जनक, भीष्म पितामह, राजा बलि ,शुकदेव जी और यमराज जी हैं। आज के दिन यमराज जी अपनी बहन श्री कृष्णा वल्लभा माता जमुना जी के घर गए थे आपने बहुत ही यमराज जी की सेवा और सम्मान किया, यमराज जी ने वचन दिया कि जो भी व्यक्ति कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया के दिन अपने बहन के घर जाएगा बहन उनको मिष्ठान भोजन आदि खिलाकर उनको आशीर्वाद प्रदान करेगी उसके यहां साल भर कोई कलह नहीं होगी। आज के दिन यमुना जी में स्नान करने से भी अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। स्कंद पुराण के वैष्णव खंड के अंतर्गत कार्तिक मास महात्मय का कथा के अनुसार भाई जब बहन के हाथ का भोजन प्राप्त करें वही द्वतीया ग्राह्य है। जो दोपहर के बाद तक मौजूद रहे। आज के दिन बहन के हाथ से जो भोजन करता है वह धन एवं उत्तम संपदा को प्राप्त करता है। इस कथा को श्रवण करने से भी अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। भाई क सगी बहन ना हो तो चाचा की पुत्री अथवा पिता की बहन के घर जाकर आदर पूर्वक भोजन करें मौसी अथवा मामा की पुत्री को नहीं तो यदि गोत्र या कुटुंब किसी संबंध से किसी के साथ बहन का नाता जोड़ ले सब के अभाव में किसी भी समान वर्ण की स्त्री को बहन मान ले उसी का आदर करें वह भी ना मिले तो किसी गाय नदी आदि को बहन बना लें इसके भी अभाव में किसी जंगल झाड़ी को ही बहन मानकर वहां पूजन करें। यह एक ऐसा दिन है कि कर्म पास में बंधे हुए नारकीय पापियों को भी यमराज छोड़ देते हैं जिससे वह अपनी इच्छा के अनुसार घूमते हैं। कार्यक्रम में डॉक्टर अवंतिका पांडे और डॉ अंकिता पांडे ने अपने भ्राता पर्वतारोही विश्वम प्रकाश पांडे को तिलक कर के आरती उतार कर अपने हाथों से भोजन मिष्ठान खिलाया।



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