लोकमित्र ब्यूरो
लालापुर (प्रयागराज)। तीर्थों का राजा कहे जाने वाला प्रयागराज के लालापुर की पावन धरती पर विराजमान दक्षिण पश्चिम के छोर पर लालापुर गांव में पहाड़ों के बीचों बीच बिराजमान पहाड़ के किनारे स्थित आम के घने बगीचों के बीचों बीच विराजमान लगभग 500 वर्ष प्राचीन श्रीराम जानकी मंदिर लालापुर व सिद्बेश्वर हनुमान मंदिर लालापुर धाम में चल रहे तीन दिवसीय दीपावली महोत्सव के दूसरे दिन मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम की कर्मभूमि रामजानकी को बहुत ही आकर्षक तरीकों से सजाया गया। जहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के केंद्र पुराणों का सार रामायण काल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पूर्वजों ने बताया कि यह वही स्थान है जहां पर प्रभु श्री राम माता जानकी व भ्राता अनुज लक्ष्मण ने वनवास जाते समय रामजानकी कुटीर लालापुर में विश्राम किए थे। बताया जाता है कि भगवान श्रीराम माता जानकी अनुज भ्राता लक्ष्मण 14 वर्ष वनवास के लिए निकले थे और यही रात विश्राम किए थे। राम जानकी कुटीर से सटा हुआ मात्र 60 मीटर की दूरी पर एक तालाब जिसका नाम मदरोल तालाब के नाम से जाना जाता है। उस तालाब में भरा हुआ पानी के अंदर सुंदर कमल के रंग बिरंगे फूल खिलकर सुशोभित होते हैं। जिसके किनारे पहाड़ पर एक गुफा भी स्थित है जो सीता माता रसोईयां के नाम से प्रसिद्ध है। उसी गुफा के ऊपर शिला पर लिपिक भाषाओं में कुछ लिखा गया है और कई चित्र भी उस पर बने हुए हैं। जो समझ के बाहर हैं। ऐसी मान्यता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम माता जानकी भ्राता लक्ष्मण वनवास जाते समय यही पर विश्राम करे थे। उसी गुफा में माता जानकी रात्रि में भोजन बनाया था। जिसे अब सीता रसोईया के नाम से जाना जाता है। रामजानकी मंदिर में त्रेता युग की तस्वीरे रामभक्तों के समक्ष अपनी छाप को छोड़ रही थी। मंदिर और पहाड़ों का दृश्य अनोखी छटा बिखेर रहा था। सोमवार शाम होते ही रामजानकी मंदिर में थानाध्यक्ष लालापुर शेर सिंह यादव की अगुवाई में 11 सौ दीपों से प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। दीपों की लाइटिंग से पहाड़ों का नजारा अपनी अविरलता और निर्मलता का भाव रामभक्तो के मन मस्तिष्क मे विधमान नजर आया। लालापुर क्षेत्र के विभिन्न गाँवों से श्रद्धालु रामजानकी और सिद्बेश्वर मंदिर के नजारे को देखने के लिए लोग मंदिर मे पहुँच रहे थे। रामजानकी मंदिर और सिद्बेश्वर हनुमान मंदिर दुल्हन की तरह सजाया गया था। चारो तरफ दीपक के प्रकाश से अन्धकार रुपी ज्ञान निराकार रूप में नजर आ रहा था। केवल सकारात्मक ऊर्जा से श्री राम जानकी मंदिर फलीभूत हो रहा था श्री राम जानकी मंदिर में दीपों को आकर्षण तरीके से सजा कर रखा गया था। रामजानकी मंदिर के मुख्य अतिथि के रूप में थानाध्यक्ष लालापुर शेर सिंह यादव वरिष्ठ उपनिरीक्षक आशुतोष त्रिपाठी का. संतोष कुमार मिश्र, राम जानकी समिति के अध्यक्ष शिवेन्द्र पाण्डेय, अध्यक्ष रमाशंकर तिवारी राजेंद्र पांडे महामंत्री रामू तिवारी सहित सैकड़ों क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति दीपदान महोत्सव के समय उपस्थित रहे।



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