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दबंगों के डर से परिवार संग पलायन को मजबूर रेलकर्मी

o छतों पर चढ़कर लड़कियों और औरतों पर रखते हैं नजर   घरों में कूदकर सामान कर लेते हैं चोरी, करते हैं छेड़खानी
O रेल कर्मी की शिकायत के बाद शोहदों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही कोतवाली पुलिस
प्रतापगढ़। विशेष समुदाय के दबंग और अपराधी प्रवृत्ति के युवकों और उनके बाहरी साथियों की हरकतों से तंग होकर रेल कर्मी और उसका परिवार पलायन  को मजबूर हो गया है। उसके द्वारा इस संबंध में कार्रवाई के लिए दिए गए शिकायती पत्र पर कोतवाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जिससे शोहदों के हौंसले बुलंद हैं। उनके इस कार्य में एक सिपाही का भी सहयोग है। श्याम बहादुर प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर पोर्टर है। आरपीएफ कालोनी में वह परिवार के साथ रेलवे क्वार्टर में रहता हैं। उसने कोतवाली पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि बगल में ही रहने वाले दो लड़के अफजल और सुहेल अपराधी प्रवृत्ति के हैं। चोरी करना और आती जाती महिलाओं को छेड़ना, उन पर छींटाकसी करना इनकी आदत है। इनके बाहरी दबंग दोस्त चाचा और मां इनका सहयोग करते हैं। घर के सामने शहतूत का पेड़ लगा है। जिसके सहारे ये दोनों दूसरे की छतों पर चढ़कर अंदर बैठी महिलाओं और लड़कियों के साथ ताकझांक करते हैं। घरों में कूदकर सामान उठा ले जाते हैं। श्याम बहादुर ने बताया कि ये लोग उसके घर में भी कूदे थे। वह ट्रेनिग करने बाहर गया था। उसकी गैर मौजूदगी में दोनों ने उसके बच्चों को काफी परेशान किया। अफजल, सुहेल और उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उसने कोतवाली में 25 सितंबर को शिकायती पत्र दिया था। लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस की मदद न मिलने से उसका परिवार उन लोगों से इस कदर डरा सहमा है कि मजबूरी में उसने कालोनी से पलायन करने का मन बना लिया है। इस बारे में जानकारी लेने के लिए कोतवाल को फोन किया गया। लेकिन बात नहीं हो पाई। खासबात यह है कि रेलवे कालोनी अपराधियों और बदमाशों की पनाहगाह बनी हुई हैं। जो रेल कर्मियों और उनके परिवार के लिए परेशानी का सबब है। सब जानते हुए भी रेलवे के अधिकारी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई और अपने स्टाफ की मदद नहीं कर रहे हैं।

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o छतों पर चढ़कर लड़कियों और औरतों पर रखते हैं नजर   घरों में कूदकर सामान कर लेते हैं चोरी, करते हैं छेड़खानी
O रेल कर्मी की शिकायत के बाद शोहदों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही कोतवाली पुलिस
प्रतापगढ़। विशेष समुदाय के दबंग और अपराधी प्रवृत्ति के युवकों और उनके बाहरी साथियों की हरकतों से तंग होकर रेल कर्मी और उसका परिवार पलायन  को मजबूर हो गया है। उसके द्वारा इस संबंध में कार्रवाई के लिए दिए गए शिकायती पत्र पर कोतवाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जिससे शोहदों के हौंसले बुलंद हैं। उनके इस कार्य में एक सिपाही का भी सहयोग है। श्याम बहादुर प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर पोर्टर है। आरपीएफ कालोनी में वह परिवार के साथ रेलवे क्वार्टर में रहता हैं। उसने कोतवाली पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि बगल में ही रहने वाले दो लड़के अफजल और सुहेल अपराधी प्रवृत्ति के हैं। चोरी करना और आती जाती महिलाओं को छेड़ना, उन पर छींटाकसी करना इनकी आदत है। इनके बाहरी दबंग दोस्त चाचा और मां इनका सहयोग करते हैं। घर के सामने शहतूत का पेड़ लगा है। जिसके सहारे ये दोनों दूसरे की छतों पर चढ़कर अंदर बैठी महिलाओं और लड़कियों के साथ ताकझांक करते हैं। घरों में कूदकर सामान उठा ले जाते हैं। श्याम बहादुर ने बताया कि ये लोग उसके घर में भी कूदे थे। वह ट्रेनिग करने बाहर गया था। उसकी गैर मौजूदगी में दोनों ने उसके बच्चों को काफी परेशान किया। अफजल, सुहेल और उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उसने कोतवाली में 25 सितंबर को शिकायती पत्र दिया था। लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस की मदद न मिलने से उसका परिवार उन लोगों से इस कदर डरा सहमा है कि मजबूरी में उसने कालोनी से पलायन करने का मन बना लिया है। इस बारे में जानकारी लेने के लिए कोतवाल को फोन किया गया। लेकिन बात नहीं हो पाई। खासबात यह है कि रेलवे कालोनी अपराधियों और बदमाशों की पनाहगाह बनी हुई हैं। जो रेल कर्मियों और उनके परिवार के लिए परेशानी का सबब है। सब जानते हुए भी रेलवे के अधिकारी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई और अपने स्टाफ की मदद नहीं कर रहे हैं।

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