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देवर ने भाभी का सिर कलम कर मार डाला

जनपद के कप्तान सहित महकमे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे
मृतका की माँ की तहरीर पर मेजा थाने में प्राथमिकी दर्ज
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू के साथ सास व देवर को हिरासत में लिया
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। क्षेत्र के सिंहपुर गांव में सास व देवर ने मिलकर नव विवाहिता आराधना सिंह (25) की सिर धड़ से अलग करने के साथ शरीर पर चाकुओं के कई वार कर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस को भ्रमित करने के लिए लूट की झूठी कहानी रची। इस जघन्य हत्या से पुलिस महकमा हिल गया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय सहित कई मातहत अधिकारी जायजा लेने मौके पर पहुंच गए। मेजा पुलिस ने कत्ल में प्रयोग चाकू के साथ सास व देवर को हिरासत में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।  घटना की जानकारी पर नवविवाहिता आराधना के मायके वाले करछना थाना के पुरवा गांव से मौके पर पहुंच गए। मृतका की माँ शीला पत्नी अशोक बेटी का वीभत्स शव देख कुछ देर तक हतप्रभ रह गई। दहाड़ मारकर रोती हुई पुलिस अधिकारियों से कहा, मेरी बेटी की बेरहमी से हत्या की गई है। इन दोनों को फांसी की सजा होनी चाहिए। शीला की तहरीर पर आरोपी देवर नितिन व सास आरती सिंह के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका का पति दीपक सिंह मुंबई में नौकरी करता है।  ग्रामीणों में जो चर्चा है उसके मुताबिक शनिवार रात मेजा के सिंहपुर गांव निवासी दीपक कुमार सिंह की पत्नी आराधना सिंह (24) से देवर नितिन ने जबरन अवैध सम्बन्ध बनाने की कोशिश की। आराधना ने इसका कड़ा विरोध किया। इसी गुस्से में नितिन ने उसका गला काट सिर धड़ से अलग कर क्रूरता के साथ मौत के घाट उतार दिया। इसमें उसकी मां आरती सिंह को सहभागी बताया गया है। घटना अंजाम देने के बाद शातिर दिमागी नितिन ने यह अफवाह फैलाई कि डकैतों ने उसकी भाभी की हत्या कर दी। पुलिस को भी उसने यही सूचना दी। इस सूचना पर पूरा पुलिस महकमा सिंहपुर की तरफ दौड़ पड़ा। मगर गांव पहुंचने पर पुलिस को लूट या डकैतों के आने का कोई चिह्न नहीं मिला। इससे पुलिस के शक की सुई नितिन और उसकी मां आरती की ओर घूम गई। पुलिस ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो दोनों टूट गए। कप्तान शैलेश कुमार पांडेय के पहुंचने से पहले ही मेजा पुलिस ने काफी हद तक खुलासा कर लिया था। मौके पर एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित, सीओ विमलेश मिश्र भी डटे रहे। कप्तान देर तक थाना परिसर में आरोपियों से पूछताछ करते रहे और मातहतों को इस मामले में कई निर्देश दिए हैं। घर में इन दोनों के साथ आराधना रहती थी। उसका पति दीपक सिंह रोजगार के सिलसिले में बाहर रहता है।

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जनपद के कप्तान सहित महकमे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे
मृतका की माँ की तहरीर पर मेजा थाने में प्राथमिकी दर्ज
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू के साथ सास व देवर को हिरासत में लिया
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। क्षेत्र के सिंहपुर गांव में सास व देवर ने मिलकर नव विवाहिता आराधना सिंह (25) की सिर धड़ से अलग करने के साथ शरीर पर चाकुओं के कई वार कर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस को भ्रमित करने के लिए लूट की झूठी कहानी रची। इस जघन्य हत्या से पुलिस महकमा हिल गया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय सहित कई मातहत अधिकारी जायजा लेने मौके पर पहुंच गए। मेजा पुलिस ने कत्ल में प्रयोग चाकू के साथ सास व देवर को हिरासत में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।  घटना की जानकारी पर नवविवाहिता आराधना के मायके वाले करछना थाना के पुरवा गांव से मौके पर पहुंच गए। मृतका की माँ शीला पत्नी अशोक बेटी का वीभत्स शव देख कुछ देर तक हतप्रभ रह गई। दहाड़ मारकर रोती हुई पुलिस अधिकारियों से कहा, मेरी बेटी की बेरहमी से हत्या की गई है। इन दोनों को फांसी की सजा होनी चाहिए। शीला की तहरीर पर आरोपी देवर नितिन व सास आरती सिंह के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका का पति दीपक सिंह मुंबई में नौकरी करता है।  ग्रामीणों में जो चर्चा है उसके मुताबिक शनिवार रात मेजा के सिंहपुर गांव निवासी दीपक कुमार सिंह की पत्नी आराधना सिंह (24) से देवर नितिन ने जबरन अवैध सम्बन्ध बनाने की कोशिश की। आराधना ने इसका कड़ा विरोध किया। इसी गुस्से में नितिन ने उसका गला काट सिर धड़ से अलग कर क्रूरता के साथ मौत के घाट उतार दिया। इसमें उसकी मां आरती सिंह को सहभागी बताया गया है। घटना अंजाम देने के बाद शातिर दिमागी नितिन ने यह अफवाह फैलाई कि डकैतों ने उसकी भाभी की हत्या कर दी। पुलिस को भी उसने यही सूचना दी। इस सूचना पर पूरा पुलिस महकमा सिंहपुर की तरफ दौड़ पड़ा। मगर गांव पहुंचने पर पुलिस को लूट या डकैतों के आने का कोई चिह्न नहीं मिला। इससे पुलिस के शक की सुई नितिन और उसकी मां आरती की ओर घूम गई। पुलिस ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो दोनों टूट गए। कप्तान शैलेश कुमार पांडेय के पहुंचने से पहले ही मेजा पुलिस ने काफी हद तक खुलासा कर लिया था। मौके पर एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित, सीओ विमलेश मिश्र भी डटे रहे। कप्तान देर तक थाना परिसर में आरोपियों से पूछताछ करते रहे और मातहतों को इस मामले में कई निर्देश दिए हैं। घर में इन दोनों के साथ आराधना रहती थी। उसका पति दीपक सिंह रोजगार के सिलसिले में बाहर रहता है।

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