लोकमित्र ब्यूरो
फूलपुर (प्रयागराज)। गुरूवार को प्रातः 10 बजे बज्मे मीसम तम्मार द्वारा मजलिस शहीदे कर्बला का आयोजन मोहल्ला मुल्लाना इमामबाड़ा गुलजार ए बनी हाशिम में संपन्न हुआ। मजलिस का शुभारंभ तिलावते कुरान ए पाक से हुआ। उसके बाद सोज खानी हुई। जिसको शहजादे जौनपुरी ने किया। मजलिसे में पेशखानी जावेद रिजवी गोपालपुरी रुस्तम इलाहाबादी फैजी जौनपुरी द्वारा किया गया। मजलिस को मौलाना हसन अब्बास नदीम गाजीपुरी साहब एवं मौलाना अली अब्बास साहब जौनपुरी ने खिताब किया। मजलिस में हिंदुस्तान की मशहूर हो मारूफ अंजुमन अंजुमन ए शमशीर ए हैदरी जौनपुर एवं अंजुमन या हुसैन मलावां प्रयागराज ने जोरदार नौहा मातम का नजराना पेश किया। विशेष रुप से अंजुमन शमशीर ए हैदरी जौनपुर ने जंजीर के मातम का पुरसा पेश करके माहौल को गमगीन बना दिया। इस अवसर पर स्त्री एवं पुरुष भारी संख्या में लोग एकत्र होकर शहीदे इंसानियत हजरत इमाम हुसैन को आंसुओं का नजराना अकीदत के साथ पेश किया। मजलिस का संचालन अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार के अंतरराष्ट्रीय कल्चर सेक्रेटरी एवं विश्व विख्यात शायर मीसम गोपालपुरी ने करके मजलिस में चार चांद लगा दिया। मजलिस के अंत में दो लोगों को कुरान दाजी द्वारा बारगाह ए नजफ ई हिंद जोगीराम पूरा बिजनौर की जियारत के लिए चुना गया। अंत मे बज्मे मीसमे तम्मार के संयोजक मीसम गोपालपुरी ने मजलिस में पधारे सभी लोगों का आभार प्रकट किया और कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
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फूलपुर (प्रयागराज)। गुरूवार को प्रातः 10 बजे बज्मे मीसम तम्मार द्वारा मजलिस शहीदे कर्बला का आयोजन मोहल्ला मुल्लाना इमामबाड़ा गुलजार ए बनी हाशिम में संपन्न हुआ। मजलिस का शुभारंभ तिलावते कुरान ए पाक से हुआ। उसके बाद सोज खानी हुई। जिसको शहजादे जौनपुरी ने किया। मजलिसे में पेशखानी जावेद रिजवी गोपालपुरी रुस्तम इलाहाबादी फैजी जौनपुरी द्वारा किया गया। मजलिस को मौलाना हसन अब्बास नदीम गाजीपुरी साहब एवं मौलाना अली अब्बास साहब जौनपुरी ने खिताब किया। मजलिस में हिंदुस्तान की मशहूर हो मारूफ अंजुमन अंजुमन ए शमशीर ए हैदरी जौनपुर एवं अंजुमन या हुसैन मलावां प्रयागराज ने जोरदार नौहा मातम का नजराना पेश किया। विशेष रुप से अंजुमन शमशीर ए हैदरी जौनपुर ने जंजीर के मातम का पुरसा पेश करके माहौल को गमगीन बना दिया। इस अवसर पर स्त्री एवं पुरुष भारी संख्या में लोग एकत्र होकर शहीदे इंसानियत हजरत इमाम हुसैन को आंसुओं का नजराना अकीदत के साथ पेश किया। मजलिस का संचालन अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार के अंतरराष्ट्रीय कल्चर सेक्रेटरी एवं विश्व विख्यात शायर मीसम गोपालपुरी ने करके मजलिस में चार चांद लगा दिया। मजलिस के अंत में दो लोगों को कुरान दाजी द्वारा बारगाह ए नजफ ई हिंद जोगीराम पूरा बिजनौर की जियारत के लिए चुना गया। अंत मे बज्मे मीसमे तम्मार के संयोजक मीसम गोपालपुरी ने मजलिस में पधारे सभी लोगों का आभार प्रकट किया और कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।



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