लोकमित्र ब्यूरो
खीरी(प्रयागराज)। गुरु शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक आम और पवित्र हिस्सा है जिसके कई स्वर्णिम उदाहरण इतिहास में दर्ज हैं। शिक्षक उस मालिक के समान है जो एक बगीचे को अलग-अलग रंग रूप में फूलों से सजाया करता है। शिक्षक एक ऐसा जरिया है जो छात्रों को कांटों पर भी मुस्कुरा कर चलने के लिए प्रेरित करता है। आज शिक्षा को हर घर तक पहुंचाने के लिए तमाम सरकारी प्रयास युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। शिक्षकों को भी वह सम्मान मिलना चाहिए जिसके वह सही ढंग से हकदार है। संविलियन प्राथमिक विद्यालय बेल्हा में छात्रों द्वारा बड़े ही सुंदर तरीके से शिक्षक दिवस मनाया गया। पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन एवं माता सरस्वती और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। तत्पश्चात बच्चों ने मनमोहक गीत, नृत्य एवं भाषण दिया। बच्चों को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक जामवंत सिंह ने शिक्षक दिवस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में गुरु का बड़ा ही महत्व हुआ करता है क्योंकि गुरु ही एक ऐसा साधन है जिसके माध्यम से व्यक्ति का व्यक्तित्व समाज में निखर कर सामने आता है। विद्यालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक और छात्रों ने मिलजुल कर प्रतिभाग किया और गुरु शिष्य की परंपरा को कायम रखने का संकल्प अभी लिया गया। प्रदेश भर में शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षकों को सम्मानित करने का भी कार्यक्रम जगह-जगह आयोजित हुआ। प्राथमिक विद्यालय इटवा खुर्द के गिरी अजय कुमार ओम प्रकाश को विद्यालय में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत शैक्षिक प्रबंध में नयाचार एवं विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास हेतु किए गए उत्कृष्ट कार्य हेतु “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गयाl समान प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरांत शिक्षक गिरी अजय कुमार ओमप्रकाश ने कहा कि आज का दिन शिक्षक और शिष्य के लिए बहुत बड़ा दिन हैl और अपने विद्यालय परिसर के सभी विद्यार्थियों को और अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का कार्य करूंगा। जिससे कि एक सभ्य समाज की स्थापना में सहायता प्राप्त हो सके।



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