0 डॉ0 सोने लाल की मौत की जांच सीबीआई से कराई जाये-उमेश पटेल
लोकमित्र ब्यूरो
सहसों ( प्रयागराज)। अपना दल के संस्थापक डॉ0 सोने लाल पटेल यूं ही नही जमींनी नेता बने थे बल्कि मौत को मात देकर कमेरा समाज की आवाज को बुलंद किया था। 23 अगस्त 1999 को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 पटेल पर प्राण घातक हमला किया गया जो जलियां वाला नरसंहार याद दिलाता है। इस हमले की वजह कमेरा बनाम लूटेरा की लड़ाई शुरू करना था। डॉ0 साहब की इस लड़ाई में लाखों समर्थक उनकी रैलियों में आने लगे थे, जिससे बौखलायें षडयंत्रकारियों ने रोड एक्सीडेंट में उनकी हत्या का प्रयास किया और इलाज के दौरान उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे समाज को झकझोंर दिया। जिसकी जांच सी0बी0आई0 से कराया जाना चाहिए। उक्त बातें अपना दल कमेरावादी के प्रदेश सचिव उमेश पटेल ने कही। श्री पट्रेल ने आगे कहा कि कानपुर में हुई तथाकथित दुर्घटना और उसके बाद घायलावस्था में एक किमी तक पैदल चलकर अस्पताल पहुंचने वाले डॉ0 साहब महज एक घंटे के अंदर हुई मौत का रहस्य आज तक बरकरार है। डॉ0 साहब के निधन के बाद कमेरा समाज की बंद हो चुकी आवाज को बुलंद करने का वीणा माताजी श्रीमती कृष्णा पटेल जी ने अपने हाथों में लिया और पति के सपनों को साकार करने के लिए अपने मिशन में जुट गई। श्री पटेल ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि जिसकी बड़ी बेटी विधायक हो, छोटी बेटी सांसद और केंद्र में मंत्री हो और दामाद राज्य सरकार में मंत्री हो और लाखों समर्थक हो तो क्या उसकी संदिग्ध मौत की जांच सी0बी0आई0 से नही कराई जानी चाहिए। श्री पटेल ने कहा कि डॉ0 साहब पर प्रयागराज के पी0डी0 टण्डन पार्क पर साजिश के तहत कराये गये हमले में फर्जी तरीके से कार्यकर्ताओं के विरूद्ध दर्ज किये गये मुकदमें आज तक वापस क्यो नही लिए गये। इन सब बिंदुओ को लेकर माता श्रीमती कृष्णा पटेल जी द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश के हर जिले में दूसरी आजादी आंदोलन के तहत डॉ0 साहब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा परिचर्चा के बाद मांग पत्र के माध्यम से राज्यपाल एवं महामहिम राष्ट्रपति जी को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमे माताजी श्रीमती कृष्णा पटेल की सुरक्षा और डॉक्टर साहब की हत्या की सीबीआई जांच व कार्यकर्ताओं पर लगाए गए फर्जी मुकदमों को वापस करने हेतु ज्ञापन दिया जाएगा।
0 डॉ0 सोने लाल की मौत की जांच सीबीआई से कराई जाये-उमेश पटेल
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सहसों ( प्रयागराज)। अपना दल के संस्थापक डॉ0 सोने लाल पटेल यूं ही नही जमींनी नेता बने थे बल्कि मौत को मात देकर कमेरा समाज की आवाज को बुलंद किया था। 23 अगस्त 1999 को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 पटेल पर प्राण घातक हमला किया गया जो जलियां वाला नरसंहार याद दिलाता है। इस हमले की वजह कमेरा बनाम लूटेरा की लड़ाई शुरू करना था। डॉ0 साहब की इस लड़ाई में लाखों समर्थक उनकी रैलियों में आने लगे थे, जिससे बौखलायें षडयंत्रकारियों ने रोड एक्सीडेंट में उनकी हत्या का प्रयास किया और इलाज के दौरान उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे समाज को झकझोंर दिया। जिसकी जांच सी0बी0आई0 से कराया जाना चाहिए। उक्त बातें अपना दल कमेरावादी के प्रदेश सचिव उमेश पटेल ने कही। श्री पट्रेल ने आगे कहा कि कानपुर में हुई तथाकथित दुर्घटना और उसके बाद घायलावस्था में एक किमी तक पैदल चलकर अस्पताल पहुंचने वाले डॉ0 साहब महज एक घंटे के अंदर हुई मौत का रहस्य आज तक बरकरार है। डॉ0 साहब के निधन के बाद कमेरा समाज की बंद हो चुकी आवाज को बुलंद करने का वीणा माताजी श्रीमती कृष्णा पटेल जी ने अपने हाथों में लिया और पति के सपनों को साकार करने के लिए अपने मिशन में जुट गई। श्री पटेल ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि जिसकी बड़ी बेटी विधायक हो, छोटी बेटी सांसद और केंद्र में मंत्री हो और दामाद राज्य सरकार में मंत्री हो और लाखों समर्थक हो तो क्या उसकी संदिग्ध मौत की जांच सी0बी0आई0 से नही कराई जानी चाहिए। श्री पटेल ने कहा कि डॉ0 साहब पर प्रयागराज के पी0डी0 टण्डन पार्क पर साजिश के तहत कराये गये हमले में फर्जी तरीके से कार्यकर्ताओं के विरूद्ध दर्ज किये गये मुकदमें आज तक वापस क्यो नही लिए गये। इन सब बिंदुओ को लेकर माता श्रीमती कृष्णा पटेल जी द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश के हर जिले में दूसरी आजादी आंदोलन के तहत डॉ0 साहब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा परिचर्चा के बाद मांग पत्र के माध्यम से राज्यपाल एवं महामहिम राष्ट्रपति जी को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमे माताजी श्रीमती कृष्णा पटेल की सुरक्षा और डॉक्टर साहब की हत्या की सीबीआई जांच व कार्यकर्ताओं पर लगाए गए फर्जी मुकदमों को वापस करने हेतु ज्ञापन दिया जाएगा।



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