लोकमित्र ब्यूरो
नैनी (प्रयागराज)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के धनुआ स्थित मुख्य सेवा केंद्र में जन्माष्टमी के अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम तथा झांकियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रियंवदा बहन ने बताया कि श्री कृष्ण जन्म, गोप- गोपियों के साथ रास, श्री कृष्ण सुदामा मिलन, कालिया मर्दन तथा श्री लक्ष्मी नारायण का दरबार आदि मुख्य झांकियां बनाई गई हैं। साथ में श्री कृष्ण की बाल लीला का मंचन भी किया गया। श्री कृष्ण जन्माष्टमी का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए ब्रह्माकुमारीज की क्षेत्रीय निदेशिका मनोरमा दीदी ने बताया कि श्री कृष्ण वास्तव में सतयुगी दुनिया के प्रथम महाराजकुमार हैं। वह सूर्यवंशी राजघराने के प्रथम महाराज श्री नारायण के रूप में सतयुगी भारत पर राज्य करते हैं। जिस समय भारत सहित संपूर्ण विश्व सतोप्रधान होता है। इसलिए ही श्रीकृष्ण को 16 कला संपूर्ण तथा मयूर मुकुट वाला और सुख चैन की बंसी बजाने वाला कहा जाता है। उनके राज्य में दुख, चिंता,भय से सभी मुक्त सुख,शांति एवं प्रसन्न जीवन व्यतीत करते हैं जिसका यादगार गोप गोपियों के साथ उनका महारास है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रीकृष्ण का जीवन वास्तव में गीता ज्ञान के आधार पर ऐसा बना है,जो स्वयं परमपिता परमात्मा शिव आकर कलयुग तथा सतयुग के संगम युग पर हम सभी आत्माओं को देते हैं। झांकी का शुभारंभ करछना एसडीएम रेनू सिंह की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन करके किया गया।



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