डाक्टर समेत तीन संदिग्ध को थाने उठा ले गई आरपीएफ टैक्सी चालक निकला दलाल, मुंबई का टिकट बरामद
प्रतापगढ़। बुधवार को लखनऊ रेलवे क्राइम ब्रांच की टीम ने स्थानीय स्टेशन के टिकट आरक्षण काउंटर पर छापा मारा और एक दलाल को टिकट बरामद होने पर जेल भेज दिया। उसके बाद यहां की आरपीएफ ने तीन संदिग्ध यात्रियों को उठाया और उन्हें थाने ले गई। इन पर आवेदन फार्म पर नाम में हेरफेर का आराेप लगा है। पूछताछ चल रही है।
तत्काल के समय क्राइम ब्रांच ने छापा मारा। उस समय लाइन में खड़ा एक युवक भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछने पर वह सही कुछ बता नहीं पाया। तलाशी ली गई तो एक टिकट मुंबई का मिला। उस बारे में भी कुछ बता नहीं पाया। पुलिस ने उसे आरपीएफ को सौंप दिया। आरपीएफ ने कार्रवाई करके जेल भेज दिया। दलाल का नाम डाक्टर पटेल बताया गया। वह कार चालक है। रेलवे परिसर में गाड़ी लगाता है। मौका पाने पर दलाली भी करता है। उसका घर विवेक नगर में है। इसी बीच स्थानीय आरपीएफ थाने के सहायक उपनिरीक्षक सीपी दूबे ने तीन संदिग्ध को पकड़ा। जिसमें से एक सुहेल निवासी पूरे अंती दूसरा प्रदीप कुमार गरवारा, लंभुवा सुल्तानपुर और एक अन्य व्यक्ति था। आरोप है कि प्रदीप को मुंबई जाना था। उसने अपनी जगह किसी दूसरे को लाइन में खड़ा किया था। जब टिकट चेक हुआ तो उसमें सुहेल का नाम भी जुड़ा था। थाने पर पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि सुहेल के कहने पर उसने नाम जोड़ा था। खास बात यह पता चली है कि क्राइम ब्रांच के छापे के वक्त उपनिरीक्षक सीपी दूबे को दलाल की भनक तक नहीं लगी। उनके सामने ही लोग दलाल को पकड़कर ले गए। जिससे वे खिसिया गए थे। प्रदीप से भी उनकी बहस हो गई थी। सुहेल और प्रदीप से पूछताछ हो रही थी।
सुहेल डाक्टर है, प्रदीप को टीचर बनना
शक के आधार पर पकड़े गए सुहेल ने पुलिस को बताया है कि वह डाक्टर है। रूमा नर्सिंग होम में ड्यूटी करता है।बहन को मुंबई जाना था। उसके लिए टिकट लेने आया था। प्रदीप से नाम बढ़ाने के लिए कहा था। प्रदीप ने बताया है कि वह नाम बढ़ाना चाहता था। वह टीचर बनना चाहता है। कल उसकी टीजीटी की परीक्षा भी है। पुलिस दोनो को छोड़ेगी यह तो पता नहीं। फार्म पर नाम बढ़ाना अपराध श्रेणी में आता है कि नहीं यह जांच का विषय जरूर हो सकता है।



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