लापरवाह कर्मचारी का बचाव करना अभियंता को भारी पड़ा
प्रतापगढ़। कोच की खामियों को दूर करने में ट्रेन की लेट लतीफी में मुख्य किरदार वाले कर्मचारी का बचाव करना स्थानीय रेलवे स्टेशन के एसएसई इलेक्ट्रिक को महंगा पड़ गया। उनकी कार्यशैली से खफा मेंस यूनियन ने बुधवार को पावर हाउस में उनका घेराव किया। खरी खोटी सुनाई। मामला डीआरएम कार्यालय लखनऊ तक पहुंच गया है। वरिष्ठ अधिकारी भी मामले की पड़ताल करवा रहें हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन के कोच में बिजली की तरफ से शिकायत थी। उसको ठीक करने में समय लग गया। जिस वजह से ट्रेन लेट हो गई। चूंकि रेल मंत्रालय ट्रेनों के समय पर बड़ा ध्यान दें रहा है। बिना वजह ट्रेन की लेट लतीफी बर्दाश्त नहीं होगी। इस मामले में भी यही हुआ। परिचालन अधिकारी लखनऊ ने ट्रेन लेट होने की वजह पूछी। जांच में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दोषी ठहराते हुए उन्हें लखनऊ तलब कर लिया गया। कर्मचारियों का आरोप था की सुपरवाइजर भी बराबर का दोषी है। लेकिन एसएसई ने उसे बचा लिया। बुधवार को मेंस यूनियन की ब्रांच काउंसिल में पीड़ित कर्मचारियों ने एसएसई पर उत्पीड़न और एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए नेताओं के सामने यह मुद्दा उठाया और जांच की मांग की। नेताओं ने न्याय का भरोसा दिलाया। मीटिंग के बाद ब्रांच अध्यक्ष मोहम्मद शफीक, सेकेट्री अनिल शुक्ला, अजय आनंद, मनीष पांडे, मोहम्मद अनीश, वीके तिवारी सहित कई कर्मचारी और नेताओं ने पावर हाउस जाकर एसएसई का घेराव किया। उन्होंने कर्मचारियों को आ रही समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिलाया। सूत्रों की मानें तो जिसको बचाने के आरोप के चक्कर में एसएसई निशाने पर आए हैं। उसके खिलाफ पहले से कई शिकायतें हैं। इस मामले में भी उस पर तलवार लटक रही है।



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