जनपद में 10 वर्षो बाद जनता के लिए लोकप्रिय कप्तान की देखने को मिल रही छवि एसपी की सख्ती से नही बच पा रहे अपराधी व अकर्मण्य पुलिसकर्मी
सच्चिदानन्द मिश्र
कौशाम्बी। वैसे तो जनपद सृजन के बाद से जनपद में तमाम पुलिस अधिकारियों का आवागमन बना रहा। परंतु उनमें कुछ ऐसे पुलिस अधिकारी भी रहे जिनकी सख्ती ,लोकप्रियता वा कार्यशैली आज भी जनपद में गूंज रही है। ऐसी ही कुछ कार्यशैली वर्तमान पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा में जनता को देखने को मिल रही है। जनपद सृजन के बाद से कौशांबी जनपद में बीडी पाल्सन, के एस इमैनुअल ,आरके स्वर्णकार, आरके भारद्वाज व कृपाशंकर सिंह जैसे पुलिस अधीक्षकों का कार्यकाल आज भी जनता के जेहन से नहीं उतार पा रहा है। कुछ ऐसी ही छवि वर्तमान पुलिस अधीक्षक में जनता को देखने को मिल रही है ,जो सरकार के दिशानिर्देशों में शत प्रतिशत खरा उतरते हुए आम जनता में भी पूरी तरह लोकप्रिय हो रही है। वर्तमान कप्तान हेमराज मीणा के जनपद की बागडोर संभालते ही जनपद में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म था ।परंतु थोड़े ही दिन बाद जैसे ही उनकी कार्यशैली जनता के सामने आई जनता द्वारा चहुँओर ऐसे कप्तान की प्रशंसा का बाजार गर्म हो गया। ज्ञात हो कि वर्तमान पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा के कार्यकाल में जहां एक और अब अपराध व अपराधियों में बेतहाशा कमी देखी जा रही है, वहीं घटित घटनाओं का जिस गति से अनावरण हो रहा है वह आज से लगभग 10 वर्ष पहले देखने को जनता को मिला करता था ।पुलिस अधीक्षक द्वारा जहां एक ओर अपराध व अपराधियों में पूरी तरह शिकंजा कसकर अपराध में कमी लाई गई है ,वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग में अकर्मण्य तरह के लोगों के लिए लगभग 10 वर्षों बाद ऐसे किसी पुलिस अधिकारी से पाला पड़ा है कि उन्हें अपने कर्तव्यों का ज्ञान भरपूर हो रहा है। पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली पर जाएं वर्तमान समय में खाऊ कमाऊ पुलिसकर्मियों को नाको चने चबाने पड़ रहे हैं। एसपी की पैनी नजर से खाऊ कमाऊ पुलिस कर्मियों का कोई भी खेल चल नहीं रही पा रहा है। कहीं भी अगर तिनका भी सुराग लगा तो पुलिस अधीक्षक की नजरों से बच नहीं पा रहा है।नतीजन गैरकानूनी कार्यो में लिप्त पुलिसकर्मियों पर जिस प्रकार की कार्रवाई पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही है ,वह आज से लगभग 10 वर्ष पहले देखी जाती थी। पुलिस अधीक्षक के आते ही पहली बार थाना और चौकी स्तर पर फरियादियों की फरियाद सुनी जा रही है। नतीजन मुख्यालय में लगने वाली फरियादियों की बेतहाशा भीड़ में भारी कमी आई है ।बात करें थाना चौकी स्तर पर कार्रवाई की तो विगत दिनों पुलिस अधीक्षक की कारवाई में महेवाघाट थाना क्षेत्र में जिस प्रकार ओवरलोड वाहनों पर भारी कार्रवाई की गई थी तथा उक्त कार्यों में लिप्त कोतवाल को पुलिस कार्यालय का रास्ता दिखाया गया था, वह जनपद में खासा चर्चा का विषय रहा है ।यही नहीं पुलिस अधीक्षक द्वारा दुबारा महेवाघाट थाना क्षेत्र में लगभग दो दर्जन वाहनों को एक बार फिर कार्रवाई करते हुए जनपद के अकर्मण्य अन्य पुलिसकर्मियों को संदेश दिया गया है कि उनकी पैनी नजरों से किसी भी प्रकार की गैरकानूनी हरकत बच नहीं पाएगी। दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली से थाना चौकी स्तर पर शिकायतों का निस्तारण ना होने वाली समस्याओं को जिस प्रकार एसपी का दरवाजा खटखटाने वाले लोगों को न्याय मिल रहा है वह चारो ओर चर्चा का विषय बना हुआ है।
योगी सरकार के दिशानिर्देशों पर जिस प्रकार वर्तमान पुलिस अधीक्षक द्वारा अमलीजामा पहनाया जा रहा है विगत कई वर्षों में पहली बार जनपद में देखने को मिल रहा है ।जनपद के बुद्धजीवियों के विचारों पर जाएं तो लोगों का कहना है कि आज से 10 वर्ष पहले इस प्रकार के पुलिस कप्तान देखे जाते थे जो जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में न डालकर उनके तत्काल निर्णय व निस्तारण की बात किया करते थे ।आज एक बार फिर जनपद को ऐसे पुलिस कप्तान की प्राप्ति हुई है जिससे जनता को जहां भरपूर न्याय मिल रहा है, वही अपराध व अपराधियों में जिस प्रकार दहशत का माहौल व्याप्त है वह जनपद से लेकर लखनऊ तक चर्चा का विषय बना हुआ है ।वहीं दूसरी ओर विभाग में खाऊ कमाऊ नीति अपनाने वाले पुलिस कर्मियों पर जिस प्रकार वर्तमान कप्तान द्वारा शिकंजा कसा गया है वह जनपद में चहुँओर प्रशंसा का विषय बना हुआ है।



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