कोहंडौर (नि.सं.)। स्थानीय थाने के लाकअप में पूंछताछ के लिए बैठाया गया आरोपी खिड़की तोड़कर भागने में सफल रहा। हालांकि घटना के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए कुछ ही घण्टे में उसका पीछा करके पकड़ लिया। कोहंडौर थाना क्षेत्र के गांव सरायरजई निवासी शिवम मौर्या पुत्र राजेन्द्र मौर्या कुछ दिन पूर्व गांव की एक लड़की को भगा ले गया था। पुलिस ने लड़की समेत उसे बरामद कर लिया था। इसके बाद लड़की को परिजनो के साथ भेजने के साथ ही आरोपी शिवम को थाने में रोक लिया था। उसे पूंछताछ के लिए थाने के लाकअप में बैठा दिया था। बताया गया कि लाकअप वाले परिसर की हालत काफी जर्जर हो चुकी है। इसके बावजूद थाने मे पर्याप्त जगह न होने के कारण जर्जर लाकअप में ही बैठाया गया था। उसी के एक दम बगल में हाईवे है। इसी का फायदा उठाते हुए आरोप शिवम लाकअप की खिड़की तोड़कर फरार हो गया। पुलिस कर्मियो को इसकी जानकारी हुई तो हड़कम्प मच गया। साथ ही फौरन उच्च अधिकारियो को इसकी जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी एवं एसओ कोहंडोर ने पुलिस बल के साथ उसकी खोजबीन शुरू कर दिया। वह पयागीपुर चैराहे के पास पुलिस को दिखाई पड़ा। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा। ऐसे में सिपाहियों प्रदीप, नन्हेलाल एवं केपी सिंह ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। साथ ही पुलिस ने राहत की सांस ली।
कोहंडौर (नि.सं.)। स्थानीय थाने के लाकअप में पूंछताछ के लिए बैठाया गया आरोपी खिड़की तोड़कर भागने में सफल रहा। हालांकि घटना के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए कुछ ही घण्टे में उसका पीछा करके पकड़ लिया। कोहंडौर थाना क्षेत्र के गांव सरायरजई निवासी शिवम मौर्या पुत्र राजेन्द्र मौर्या कुछ दिन पूर्व गांव की एक लड़की को भगा ले गया था। पुलिस ने लड़की समेत उसे बरामद कर लिया था। इसके बाद लड़की को परिजनो के साथ भेजने के साथ ही आरोपी शिवम को थाने में रोक लिया था। उसे पूंछताछ के लिए थाने के लाकअप में बैठा दिया था। बताया गया कि लाकअप वाले परिसर की हालत काफी जर्जर हो चुकी है। इसके बावजूद थाने मे पर्याप्त जगह न होने के कारण जर्जर लाकअप में ही बैठाया गया था। उसी के एक दम बगल में हाईवे है। इसी का फायदा उठाते हुए आरोप शिवम लाकअप की खिड़की तोड़कर फरार हो गया। पुलिस कर्मियो को इसकी जानकारी हुई तो हड़कम्प मच गया। साथ ही फौरन उच्च अधिकारियो को इसकी जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी एवं एसओ कोहंडोर ने पुलिस बल के साथ उसकी खोजबीन शुरू कर दिया। वह पयागीपुर चैराहे के पास पुलिस को दिखाई पड़ा। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा। ऐसे में सिपाहियों प्रदीप, नन्हेलाल एवं केपी सिंह ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। साथ ही पुलिस ने राहत की सांस ली।



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