लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर कुल पांच हजार 502 मतदाता ऐसे थे, जिन्होंने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया। राजनीतिक दलों व निर्दलीय समेत कुल 41 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन उन्हें पसंद करने की बजाय मतदाताओं ने नोटा का बटन दबा दिया। चायल, सिराथू व मंझनपुर सुरक्षित विधानसभा सीट पर कुल 11 लाख 82 हजार 518 मतदाताओं को मताधिकार का मौका मिला था। इन सीटों पर कुल 41 प्रत्याशी मैदान में थे। इनके लिए सिराथू में 60.05 फीसदी, मंझनपुर में 60.53 फीसदी और चायल में 58.02 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। यह बात अलग है कि इनमें से पांच हजार 502 मतदाताओं ने सभी 41 प्रत्याशियों को खारिज कर दिया। उन्हें कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया। सबसे ज्यादा दो हजार 815 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग सिराथू में किया, जबकि सबसे कम 727 मतदाताओं ने सिराथू में नोटा बटन दबाया। चायल में एक हजार 960 मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया है।
लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर कुल पांच हजार 502 मतदाता ऐसे थे, जिन्होंने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया। राजनीतिक दलों व निर्दलीय समेत कुल 41 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन उन्हें पसंद करने की बजाय मतदाताओं ने नोटा का बटन दबा दिया। चायल, सिराथू व मंझनपुर सुरक्षित विधानसभा सीट पर कुल 11 लाख 82 हजार 518 मतदाताओं को मताधिकार का मौका मिला था। इन सीटों पर कुल 41 प्रत्याशी मैदान में थे। इनके लिए सिराथू में 60.05 फीसदी, मंझनपुर में 60.53 फीसदी और चायल में 58.02 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। यह बात अलग है कि इनमें से पांच हजार 502 मतदाताओं ने सभी 41 प्रत्याशियों को खारिज कर दिया। उन्हें कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया। सबसे ज्यादा दो हजार 815 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग सिराथू में किया, जबकि सबसे कम 727 मतदाताओं ने सिराथू में नोटा बटन दबाया। चायल में एक हजार 960 मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया है।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें







































































