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स्टेशन पर ट्रेन मैनजरों ने किया विरोध प्रदर्शन

लाइन बॉक्स हटाने के तुगलकी फरमान का कर रहे विरोध बॉक्स हटने से गार्डो को उठाना पड़ेगा 35 किलो का बोझ
प्रतापगढ़। सुरक्षा और संरक्षा के साजो सामान के साथ ड्यूटी कर रहे ट्रेन मैनेजरों(गार्ड) का लाइन बॉक्स(बक्सा) हटाने की रेलवे बोर्ड के फैसले की कड़ी निंदा करते हुये मैनजरों ने शुक्रवार को स्थानीय जंक्शन पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि बॉक्स को हटाये जाने से सेफ्टी खतरे में पड़ सकती है। बॉक्स में रखे जाने वाले सामानों का बोझ उनके कंधे पर आ जायेगा। ड्यूटी के समय ट्रेन मैनेजरो के साथ टिन(लोहा) का एक बड़ा सा बक्सा होता है। इसको रेल भी भाषा में लाइन बॉक्स कहते हैं। इसमें गार्ड ट्रेनों के संचालन में काम आने वाली सेफ्टी सी जुड़ी चींजे जैसे झंडी, लाइट, लोहे के बोर्ड के साथ भोजन बनाने का अनाज भी इसी में रखता है। गार्डो के अनुसार बॉक्स का वजन कम से कम 35 किलो होता है। सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड ने बॉक्स हटाने का निर्देश दिया है। अगर ऐसा हुआ तो बॉक्स में रखे जाने वाला 35 किलो का वजन उनको सिर पर रखकर चलना पड़ेगा। वैसे भी गार्ड के एक हाथ में पहले से एक झोला रहता है। स्थानीय स्टेशन पर बोर्ड के फैसले का विरोध जता रहे आल ट्रेन मैनेजर एसोसिएशन लखनऊ डिवीजन के मंडल अध्यक्ष विश्राम सरोज ने बताया कि बॉक्स हटाने के रेलवे बोर्ड के फरमान का विरोध हो रहा है। बक्सा हटाये जाने से ड्यूटी में काफी दिक्कत आयेगी। सुरक्षा और संरक्षा भी खतरे में है। प्रदर्शन के दौरान मोहम्मद अनीश, डीके शर्मा, ददन, केके शर्मा और एसए अंसारी समेत कई गार्ड मौजूद रहे।

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लाइन बॉक्स हटाने के तुगलकी फरमान का कर रहे विरोध बॉक्स हटने से गार्डो को उठाना पड़ेगा 35 किलो का बोझ
प्रतापगढ़। सुरक्षा और संरक्षा के साजो सामान के साथ ड्यूटी कर रहे ट्रेन मैनेजरों(गार्ड) का लाइन बॉक्स(बक्सा) हटाने की रेलवे बोर्ड के फैसले की कड़ी निंदा करते हुये मैनजरों ने शुक्रवार को स्थानीय जंक्शन पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि बॉक्स को हटाये जाने से सेफ्टी खतरे में पड़ सकती है। बॉक्स में रखे जाने वाले सामानों का बोझ उनके कंधे पर आ जायेगा। ड्यूटी के समय ट्रेन मैनेजरो के साथ टिन(लोहा) का एक बड़ा सा बक्सा होता है। इसको रेल भी भाषा में लाइन बॉक्स कहते हैं। इसमें गार्ड ट्रेनों के संचालन में काम आने वाली सेफ्टी सी जुड़ी चींजे जैसे झंडी, लाइट, लोहे के बोर्ड के साथ भोजन बनाने का अनाज भी इसी में रखता है। गार्डो के अनुसार बॉक्स का वजन कम से कम 35 किलो होता है। सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड ने बॉक्स हटाने का निर्देश दिया है। अगर ऐसा हुआ तो बॉक्स में रखे जाने वाला 35 किलो का वजन उनको सिर पर रखकर चलना पड़ेगा। वैसे भी गार्ड के एक हाथ में पहले से एक झोला रहता है। स्थानीय स्टेशन पर बोर्ड के फैसले का विरोध जता रहे आल ट्रेन मैनेजर एसोसिएशन लखनऊ डिवीजन के मंडल अध्यक्ष विश्राम सरोज ने बताया कि बॉक्स हटाने के रेलवे बोर्ड के फरमान का विरोध हो रहा है। बक्सा हटाये जाने से ड्यूटी में काफी दिक्कत आयेगी। सुरक्षा और संरक्षा भी खतरे में है। प्रदर्शन के दौरान मोहम्मद अनीश, डीके शर्मा, ददन, केके शर्मा और एसए अंसारी समेत कई गार्ड मौजूद रहे।

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