दूर दूर से लोग सुनने पहुंच रहे कथावाचक अंकुश जी महराज की रामकथा
कोरांव प्रयागराज। तहसील कोरांव के ऊंचडीह गांव में अंकुश जी महराज के मुखारविंद से राम की रसधार बहती दिख रही है जिसका सभी स्रोतागण अमृतपान किया करते हैं। कथा के चौथे दिन स्रोताओं की लम्बी भीड़ रही। रामचरितमानस के बारे में बताते हुए अंकुश जी महराज ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी महराज हिंदी भाषा में इसलिए इस ग्रंथ को लिखे क्योंकि हिंदी भाषा गरी के समान सरल और सहज होता है जिसका स्वाद सभी चख सकते हैं और संस्कृत भाषा नारियल की तरह कठोर होता है जिसका उच्चारण करते करते रस का महत्व ही खत्म हो जाएगा। भगवान राम सहित सभी भाइयों के जन्म बधाई पर पण्डाल में बैठे सभी श्रोतागण थिरकने झूमने लगे। कथा श्रवण के मुख्य यजमान रामउजागिर शुक्ल एवं श्यामला शुक्ला हैं। कथा के आयोजक उद्योगपति धर्म प्रकाश शुक्ला उर्फ महादेव राष्ट्रीय स्तर के कथावाचक अंकुश जी महराज के मुखारविंद से कथा करवाते हुए न केवल अपने क्षेत्र को धर्म और आस्था के संगम में नहला रहे हैं बल्कि आस्था चैनल के माध्यम से अपने छोटे से क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नाम भी रोशन करने का काम कर रहे हैं। कथा में मुख्य रूप से लक्ष्मी नारायण मिश्र उर्फ मंगला, सभासद शैलेश सिंह शैलू, भलुहा प्रधान प्रतिनिधि राजू सिंह, आदि लोग मौजूद रहे।



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