विधान सभा चुनाव में जीत को लेकर सभी की अपनी-अपनी गणित!
परिणामों की उल्टी गिनती शुरू,10 मार्च को प्रात:8 बजे से शुरू होगी मतगणना!
नतीजा आने तक सभी अपने आपको मानें बैठे हैं विधायक!
कुछ भी आए परिणाम पर प्रत्याशियों उनके समर्थकों के दिलों की बढी हैं धड़कनें
मतदान के बाद चुनाव परिणामों की बेचैनी व जीत की आशा ने बना दिया आस्थावान!
प्रत्याशियों,समर्थकों सहित परिजनों के बीच मन्नतों का दौर शुरू!
कौशाम्बी । विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी के बाद अब मतदाताओं द्वारा किए गए फैसले की आने वाली घड़ी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आने वाले परिणाम प्रत्याशियों के दिलों की धड़कनों को तेज किए हुए हैं।चुनावी जोड़ गणित के बाद अपनी-अपनी जीत को पक्का मान रहे प्रत्याशी अपने-अपने ईष्टों(भगवान)की शरण में हैं।अपनी नैया पार लगाने के लिए मन्नतों का दौर जारी है।किसी के घर हवन-पूजन किसी के यहां तंत्र-मंत्र तो किसी के परिजन व्रत लेकर अपने-अपने घरों के देवी-देवताओं सामने बैठ गए हैं। अपने हिसाब से जीत की गणित लगाई जा रही है।परिणाम आने के पहले तक हर कोई जीत का स्वाद लेना चाह रहा है।परिणाम आने तक विधायक बनने में आखिर हर्ज ही क्या है? जिले की तीन विधानसभा सीटों के 41 दावेदारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद है।मतगणना 10मार्च को सुबह 8 बजे से शुरू होगी।विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता है।भाजपा,कांग्रेस,सपा,बसपा तथा अन्य छोटे दलों ने भी अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं।सत्ताधारी भाजपा का सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। जबकि चायल विधानसभा सीट पर सपा और बसपाा क सीधाा मुकाबला है।मतगणना का परिणाम आने के पहले सबकी अपनी-अपनी चुनावी गणित है और इसके पहले कोई भी हार मानने को तैयार नहीं है। परिणाम आने के पहले तक जीत का स्वाद भी सभी प्रत्याशी चखना चाह रहे हैं। इसके लिए उनकी चुनावी गणित भी तेजी से चल रही है।हर कोई अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है और जीत के अपने आंकड़े हैं।कारण भी अपने-अपने अलग-अलग हैं। गत 27 फरवरी को पांचवे चरण में हुए मतदान के बाद होने वाली गणना तक चुनावी जीत के समीकरण प्रत्याशी व उनके समर्थक बना रहे हैं। चुनाव परिणामों को लेकर लोगो की आंकडों की बाजीगरी जारी है।उसका अंत भी चुनाव परिणाम के बाद ही होगा।सभी प्रत्याशी अपने आपको जीत की दौड़ में मान रहे हैं और उसी जीत को पक्का करने के लिए आंकड़े भी अपने-अपने हिसाब से लगा रहे हैं। हलांकि चुनावी तस्वीर मतगणना के बाद साफ हो जाएगी लेकिन तब तक जीत का सेहरा अपने सिर में बांधने की प्रत्याशियों में बेताबी दिखाई पड़ रही है?मतगणना की शुरुआत प्रातः8बजे से होगी।जैसे-जैसे दिन चढेगा वैसे-वैसे चुनावी कयासों को विराम लगना भी जारी हो जाएगा। परिणामों को अपने-अपने पक्ष में उसी तरह लाने की होड़ मची है जिस तरह से मतदान के पहले वोटरों को लाने की होड़ मची थी। कई प्रत्याशी ऐसे हैं जिन्हें अपना भविष्य मालूम है।कई तो पहले से ही डमी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े हैं लेकिन जो जीत की दौड़ में हैं ,उन प्रत्याशियों,समर्थकों के अलावा परिजनों की बेचैनी बढ़ी है। सभी अपने अपने ईष्टों की शरण में है।पूजा-पाठ का दौर शुरू हो गया है।मन्नतें मानी जा रही हैं।उपवास रखा जा रहा है।कुल मिलाकर परिणाम किसी के भी पक्ष में जाए लेकिन चुनावी जीत की आशा ने सभी को आस्थावान बना दिया है। अब मौसमी आस्था कितना कारगर होगी यह तो आने वाला 10 मार्च ही बताएगा !



उत्तरप्रदेश








शेयर करें








































































