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पांच चरणीय रणनीति पर निरंतर ध्यान दिया जाना चाहिए:मण्डलायुक्त

अयोध्या। मण्डलायुक्त  एम0पी0 अग्रवाल ने देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वैश्विक महामारी की स्थिति से निपटने के लिए मण्डल के जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिक़ित्याधिकारियों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरत के हिसाब से स्थानीय स्तर पर पाबंदियां लगाने पर विचार करें। मण्डलायुक्त ने कहा कि पांच चरणीय रणनीति पर निरंतर ध्यान दिया जाना चाहिए। ये रणनीति है – जांच, संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान, उपचार, टीकाकरण और संक्रमण के मामलों को बढ़ने से रोकने के लिए कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन। मण्डलायुक्त ने मण्डल के मुख्य चिक़ित्याधिकारियों से कहा कि हेल्थ वर्कर्स को कोरोना से लड़ने में बूस्टर ए डोज दी जानी है, इसके साथ ही पहले फेज में जनपद अयोध्या में अगले महीने से 15 से 18 साल के किशोरों के लिए कोरोना रोधी टीका की शुरुआत की जा रही है, की तैयारिया पूर्ण करा ली जाये। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियो को निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क की अनिवार्यता को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाए तथा इसे सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर जिला प्रशासन व पुलिस लगातार अनुश्रवण करें। बाजारों में ’मास्क नहीं तो सामान नहीं’ के संदेश के साथ व्यापारियों को जागरूक किया जाए और बिना मास्क के कोई भी दुकानदार ग्राहक को सामान ना दे। कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत गांव एवं शहरी वार्डों में निगरानी समितियों को पुनः एक्टिव किया जाए। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के परामर्श से ग्राम विकास एवं नगर विकास विभाग द्वारा तत्काल निर्देश दिए जाएं और उसका अनुश्रवण जनपद स्तर पर प्रतिदिन किया जाए। मण्डलायुक्त ने वातावरण में गलन व शीतलहर को देखते हुए नगर आयुक्त एवं सम्बन्धित अधिकारियों को रैन बसेरों की स्थापना, कंबल, अलाव व अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था तत्काल किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी कहा कि निराश्रित गोवंशों को नजदीकी गौशालाओं में भेजे तथा गौशालाओं में पर्याप्त शेड, भूसा, चारा, पानी व इलाज के पुख्ता बंदोबस्त रहे, इसमें कोई के शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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अयोध्या। मण्डलायुक्त  एम0पी0 अग्रवाल ने देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वैश्विक महामारी की स्थिति से निपटने के लिए मण्डल के जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिक़ित्याधिकारियों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरत के हिसाब से स्थानीय स्तर पर पाबंदियां लगाने पर विचार करें। मण्डलायुक्त ने कहा कि पांच चरणीय रणनीति पर निरंतर ध्यान दिया जाना चाहिए। ये रणनीति है – जांच, संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान, उपचार, टीकाकरण और संक्रमण के मामलों को बढ़ने से रोकने के लिए कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन। मण्डलायुक्त ने मण्डल के मुख्य चिक़ित्याधिकारियों से कहा कि हेल्थ वर्कर्स को कोरोना से लड़ने में बूस्टर ए डोज दी जानी है, इसके साथ ही पहले फेज में जनपद अयोध्या में अगले महीने से 15 से 18 साल के किशोरों के लिए कोरोना रोधी टीका की शुरुआत की जा रही है, की तैयारिया पूर्ण करा ली जाये। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियो को निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क की अनिवार्यता को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाए तथा इसे सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर जिला प्रशासन व पुलिस लगातार अनुश्रवण करें। बाजारों में ’मास्क नहीं तो सामान नहीं’ के संदेश के साथ व्यापारियों को जागरूक किया जाए और बिना मास्क के कोई भी दुकानदार ग्राहक को सामान ना दे। कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत गांव एवं शहरी वार्डों में निगरानी समितियों को पुनः एक्टिव किया जाए। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के परामर्श से ग्राम विकास एवं नगर विकास विभाग द्वारा तत्काल निर्देश दिए जाएं और उसका अनुश्रवण जनपद स्तर पर प्रतिदिन किया जाए। मण्डलायुक्त ने वातावरण में गलन व शीतलहर को देखते हुए नगर आयुक्त एवं सम्बन्धित अधिकारियों को रैन बसेरों की स्थापना, कंबल, अलाव व अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था तत्काल किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी कहा कि निराश्रित गोवंशों को नजदीकी गौशालाओं में भेजे तथा गौशालाओं में पर्याप्त शेड, भूसा, चारा, पानी व इलाज के पुख्ता बंदोबस्त रहे, इसमें कोई के शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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