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सरदार वल्लभभाई ने रियासतों को एक करके भारत को अखण्ड बनायाः राज्यपाल

अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं प्रदेश राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने कहा कि आज पूरा देश राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप मना रहा है। 562 से ज्यादा रियासतों को एक करके भारत को अखण्ड बनाया है। इसलिए हम सभी सरदार पटेल जी को लौह पुरूष बोलते है। यह बातें राज्यपाल ने डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आज 31 अक्टूबर, 2021 दिन रविवार को दोपहर 12 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल राष्ट्रीय एकात्मकता भवन, मल्टीपरपज लेक्चर हाल काॅम्प्लेक्स भवन तथा इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी भवन के वर्चुअल शिलान्यास कार्यक्रम में कही। राज्यपाल ने कहा कि गुजरात में सरदार पटेल जी का जन्म हुआ। अहमदाबाद में पार्षद का चुनाव हुआ और वे जीत नही पाये। फिर जब उपचुुनाव हुए उसमें पटेल जी चुने गए। कुलाधिपति ने बताया कि वर्तमान में मेयर बोला जाता है। लेकिन उस समय प्रमुख बोला जाता था वे अहमदाबाद के प्रमुख बने। उन्होंने बताया कि एक पार्षद सिटी का कैसे विकास कर सकता है। उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके लिए सभी को संकल्प लेना चाहिए। सरदार पटेल ने वहां के विकास के लिए बहुत बड़े कदम उठाये। उन्होंने अपने समय में ड्रेनेज का कार्य करवाया। वे दूरदर्शी व्यक्तित्व के थे। सोच समझकर कार्य किया करते थे जो आज देश के प्रधानमंत्री मोदी जी कर रहे है। उन्होंने अमूल डेरी के बारे बताते हुए कहा कि यह आजादी के पहले की है और सिर्फ पांच सौ लीटर दूध से इसकी शुरूआत हुई थी। इस तरह की दूरदृष्टि वाले नेता समाज के लिए अपना जीवन लगा देते है। स्टैच्यू आफ यूनिटी सरदार वल्लभभाई पटेल की कर्तव्य निष्ठा को दर्शाती है। पूरे विश्व से लोग इसे देखने आते है। इसे सिर्फ देखना ही नही है बल्कि इससे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति से कहा कि अपने यहां के 100 या 150 छात्रों को ले जाकर वहां का भ्रमण जरूर कराये ताकि उससे प्रेरणा पा सके। हमारा देश विश्वगुरू बने और पूरे विश्व में प्रतिष्ठा प्राप्त करें। अयोध्या सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि जिस समय देश आजाद हुआ उस समय परिस्थिति बहुत विषम थी। ऐसे में सरदार पटेल जी ने पूरे देश को एकजुट करने का कार्य किया। उस समय पूरा देश और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी भी चाहते थे कि पटेल जी प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करें। परन्तु उन्होंने सहज भाव से कहा कि पं. नेहरू इस समय की आवश्यकता है उन्हें प्रधानमंत्री होना चाहिए। ऐसे सहज सरल व्यक्ति और राष्ट्र को एकजुट करने वाले सरदार पटेल जी के जन्मदिवस पर सभी शुभकामनाएं देता हूॅ। वे जिस तरह जिए वे प्रेरणा स्त्रोत है। आज उसी रास्ते पर चलते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी लगातार देश के विकास के बारें में सोचते रहते है। भारत फिर से सोने की चिड़ियां के रूप में जाना जाये और इसकी संस्कृति की पताका फहराये इसके लिए प्रयासरत है।   स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने सर्वप्रथम विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ शारदा, संपूर्ण विश्व को भारतीय अध्यात्म, धर्म और दर्शन का अभूतपूर्व परिचय देने वाले स्वामी विवेकानंद और भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति श्रंद्धाजलि अर्पित की। कुलपति ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के तीन नवीन भवनों का शिलान्यास किया गया। है। जिसमें सरदार पटेल राष्ट्रीय एकात्मता भवन में पब्लिक पालिसी एण्ड गर्वनेन्स, अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, सामरिक एवं रक्षा अध्ययन सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं प्रदेश राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने कहा कि आज पूरा देश राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप मना रहा है। 562 से ज्यादा रियासतों को एक करके भारत को अखण्ड बनाया है। इसलिए हम सभी सरदार पटेल जी को लौह पुरूष बोलते है। यह बातें राज्यपाल ने डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आज 31 अक्टूबर, 2021 दिन रविवार को दोपहर 12 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल राष्ट्रीय एकात्मकता भवन, मल्टीपरपज लेक्चर हाल काॅम्प्लेक्स भवन तथा इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी भवन के वर्चुअल शिलान्यास कार्यक्रम में कही। राज्यपाल ने कहा कि गुजरात में सरदार पटेल जी का जन्म हुआ। अहमदाबाद में पार्षद का चुनाव हुआ और वे जीत नही पाये। फिर जब उपचुुनाव हुए उसमें पटेल जी चुने गए। कुलाधिपति ने बताया कि वर्तमान में मेयर बोला जाता है। लेकिन उस समय प्रमुख बोला जाता था वे अहमदाबाद के प्रमुख बने। उन्होंने बताया कि एक पार्षद सिटी का कैसे विकास कर सकता है। उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके लिए सभी को संकल्प लेना चाहिए। सरदार पटेल ने वहां के विकास के लिए बहुत बड़े कदम उठाये। उन्होंने अपने समय में ड्रेनेज का कार्य करवाया। वे दूरदर्शी व्यक्तित्व के थे। सोच समझकर कार्य किया करते थे जो आज देश के प्रधानमंत्री मोदी जी कर रहे है। उन्होंने अमूल डेरी के बारे बताते हुए कहा कि यह आजादी के पहले की है और सिर्फ पांच सौ लीटर दूध से इसकी शुरूआत हुई थी। इस तरह की दूरदृष्टि वाले नेता समाज के लिए अपना जीवन लगा देते है। स्टैच्यू आफ यूनिटी सरदार वल्लभभाई पटेल की कर्तव्य निष्ठा को दर्शाती है। पूरे विश्व से लोग इसे देखने आते है। इसे सिर्फ देखना ही नही है बल्कि इससे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति से कहा कि अपने यहां के 100 या 150 छात्रों को ले जाकर वहां का भ्रमण जरूर कराये ताकि उससे प्रेरणा पा सके। हमारा देश विश्वगुरू बने और पूरे विश्व में प्रतिष्ठा प्राप्त करें। अयोध्या सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि जिस समय देश आजाद हुआ उस समय परिस्थिति बहुत विषम थी। ऐसे में सरदार पटेल जी ने पूरे देश को एकजुट करने का कार्य किया। उस समय पूरा देश और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी भी चाहते थे कि पटेल जी प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करें। परन्तु उन्होंने सहज भाव से कहा कि पं. नेहरू इस समय की आवश्यकता है उन्हें प्रधानमंत्री होना चाहिए। ऐसे सहज सरल व्यक्ति और राष्ट्र को एकजुट करने वाले सरदार पटेल जी के जन्मदिवस पर सभी शुभकामनाएं देता हूॅ। वे जिस तरह जिए वे प्रेरणा स्त्रोत है। आज उसी रास्ते पर चलते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी लगातार देश के विकास के बारें में सोचते रहते है। भारत फिर से सोने की चिड़ियां के रूप में जाना जाये और इसकी संस्कृति की पताका फहराये इसके लिए प्रयासरत है।   स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने सर्वप्रथम विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ शारदा, संपूर्ण विश्व को भारतीय अध्यात्म, धर्म और दर्शन का अभूतपूर्व परिचय देने वाले स्वामी विवेकानंद और भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति श्रंद्धाजलि अर्पित की। कुलपति ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के तीन नवीन भवनों का शिलान्यास किया गया। है। जिसमें सरदार पटेल राष्ट्रीय एकात्मता भवन में पब्लिक पालिसी एण्ड गर्वनेन्स, अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, सामरिक एवं रक्षा अध्ययन सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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