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घड़े से हल टकराते ही सीता की हुई उत्पत्ति

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। जनकपुर में लोग बारिश न होने के कारण परेशान थे। फसले सूखने लगी थी। इससे जनता में त्राहि त्राहि मची थी। उधर आसमान में दूर दूर तक बादल नहीं नजर आ रहे थे। राजा जनक को भी सूखे से निजात पाने की कोई तरकीब नहीं सूझ रही थी। ऐसे में मुनिवर ने राजा जनक को सपत्नीक खेत में हल चलाने का सुझाव दिया। उनके हल का फाल एक घड़े से टकराते ही उसमें से जगत जननी मां सीता की उत्पत्ति हो गई। साथ ही पलक झपकते ही आसमान में छाये बादलो ने बरसना शुरू कर दिया।
श्री रामलीला समिति की ओर नवरात्र के दूसरे दिन सीता उत्पत्ति की आकर्षक झांकी निकाली गई। झांकी देखकर दर्शको ने जमकर तालियां बजायी। साथ ही माता सीता के जयकारे भी लगाए। उधर माता सीता की उत्पत्ति का गवाह बनने के लिए बेल्हा के लोग आतुर रहे। दोपहर बाद गोपाल मंदिर से सीता उत्पत्ति की आकर्षक झांकी निकाली गई। इसे चैक घण्टाघर, ठठेरी बाजार होते हुए सदर बाजार तथा विभिन्न मुहल्लो में घुमाया गया। बीच बीच में महिलाओ ने झांकी की आरती उतारी। साथ ही लोगो ने पुष्प वर्षा भी की। रामलीला समिति की ओर से प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। हजारो श्रद्धालुओ ने प्रसाद ग्रहण किया। झाकी को देखने के लिए तमाम लोग अपने घरो की छतो से नजर गड़ाए रहे। साथ ही झांकी पर पुष्प वर्षा भी करते रहे। लोगो के जयकारे से वातावरण भक्तिमय हो गया था। इस दौरान रामलीला समिति के संरक्षक रोशनलाल उमरवैश्य, अध्यक्ष श्याम शंकर सिंह, संयोजक दिनेश कुमार, उपाध्यक्ष संजय खण्डेलवाल, मंत्री विपिन गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। जनकपुर में लोग बारिश न होने के कारण परेशान थे। फसले सूखने लगी थी। इससे जनता में त्राहि त्राहि मची थी। उधर आसमान में दूर दूर तक बादल नहीं नजर आ रहे थे। राजा जनक को भी सूखे से निजात पाने की कोई तरकीब नहीं सूझ रही थी। ऐसे में मुनिवर ने राजा जनक को सपत्नीक खेत में हल चलाने का सुझाव दिया। उनके हल का फाल एक घड़े से टकराते ही उसमें से जगत जननी मां सीता की उत्पत्ति हो गई। साथ ही पलक झपकते ही आसमान में छाये बादलो ने बरसना शुरू कर दिया।
श्री रामलीला समिति की ओर नवरात्र के दूसरे दिन सीता उत्पत्ति की आकर्षक झांकी निकाली गई। झांकी देखकर दर्शको ने जमकर तालियां बजायी। साथ ही माता सीता के जयकारे भी लगाए। उधर माता सीता की उत्पत्ति का गवाह बनने के लिए बेल्हा के लोग आतुर रहे। दोपहर बाद गोपाल मंदिर से सीता उत्पत्ति की आकर्षक झांकी निकाली गई। इसे चैक घण्टाघर, ठठेरी बाजार होते हुए सदर बाजार तथा विभिन्न मुहल्लो में घुमाया गया। बीच बीच में महिलाओ ने झांकी की आरती उतारी। साथ ही लोगो ने पुष्प वर्षा भी की। रामलीला समिति की ओर से प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। हजारो श्रद्धालुओ ने प्रसाद ग्रहण किया। झाकी को देखने के लिए तमाम लोग अपने घरो की छतो से नजर गड़ाए रहे। साथ ही झांकी पर पुष्प वर्षा भी करते रहे। लोगो के जयकारे से वातावरण भक्तिमय हो गया था। इस दौरान रामलीला समिति के संरक्षक रोशनलाल उमरवैश्य, अध्यक्ष श्याम शंकर सिंह, संयोजक दिनेश कुमार, उपाध्यक्ष संजय खण्डेलवाल, मंत्री विपिन गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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