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मुसीबत बनी बारिश जनजीवन अस्त व्यस्त विकास के सभी दावे हुए फेल

अयोध्या।  बीते दो दिनों से रिकार्ड बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
 जिले में औसतन करीब 350 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इनायतनगर के बांसगांव में तो अब तक की एक दिन में सर्वाधिक दर्ज की गई। इस प्रकार की बारिश हुदहुद तूफान आने पर हुई थी। हालांकि गुरुवार को हुई बरसात को तत्समय से भी ज्यादा माना जा रहा है। बुधवार को दोपहर करीब तीन बजे से बारिश का सिलसिला आरंभ हुआ था। शाम सात बजे के बाद बारिश करीब-करीब बंद हो गई थी, लेकिन बुधवार रात आठ बजे से फिर से बरसात का सिलसिला आरंभ हो गया, जो शुक्रवार की देर शाम तक लगातार जारी रहा। कभी तेज तो कभी धीमी बरसात होती रही। बारिश से लोगों को गर्मी से तो राहत मिल गई, लेकिन लोगों की मुसीबत भी बढ़ी। ज्यादातर लोग घरों में ही कैद रहे। बेहद आवश्यक कार्य से ही लोगों ने घर के बाहर कदम रखा। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय होने से शुक्रवार को भी मध्यम से भारी बरसात हुई मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. सीताराम मिश्र के मुताबिक मानसून सक्रिय है, इसलिए 19 सितंबर तक रोजाना वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से पांच डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम आ‌र्द्रता 97 व न्यूनतम 92 फीसद रही। भारी बारिश से अधिकांश मुहल्ले जलमग्न हो गए। जलवानपुरा में लोगों के घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का खासा नुकसान भी हुआ। कई वस्तुएं बर्बाद हो गईं। शहर का वीआइपी कौशलपुरी नवीन मंडी सिविल लाइन इलाका भी जलभराव से नहीं बच सका, जबकि कालोनियों का हाल बेहद बदतर नजर आया। हाल ही में नगर निगम में शामिल क्षेत्रों में तो आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। पहाड़गंज , शिवनगर , उसरू , अशरफपुर टोनिया , गद्दोपुर समेत अन्य मुहल्लों में जलभराव से लोग घरों में रहने को मजबूर रहे। लालबाग , जनौरा , गणेशनगर , रामनगर कालोनी , दिल्ली दरवाजा , देवकाली समेत लगभग सभी कालोनियों में जलभराव रहा। धान-गन्ना जमींदोज , सब्जियां बर्बाद  बारिश फसलों के लिए वज्रपात के समान साबित हुई। बरसात के साथ हवा की रफ्तार तेज होने से फसलों को भी खासा नुकसान हुआ है। धान व गन्ने की फसल जमींदोज हो गईं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में धान व गन्ने की फसल जमींदोज नजर आई। इसका विपरीत असर धान और गन्ने के उत्पादन पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। सब्जियां भी करीब-करीब बर्बाद हो गईं। अगेती आलू की बोआई की तैयारी कर रहे किसानों को भी झटका लगा है। भारी बारिश से किसान अब अगेती आलू की बोआई फिलहाल नहीं कर सकेंगे। किसानों को मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ेगा। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के विज्ञानी डा. अमरनाथ मिश्र के मुताबिक़ बारिश से करीब-करीब सभी फसलों को नुकसान हुआ है।

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अयोध्या।  बीते दो दिनों से रिकार्ड बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
 जिले में औसतन करीब 350 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इनायतनगर के बांसगांव में तो अब तक की एक दिन में सर्वाधिक दर्ज की गई। इस प्रकार की बारिश हुदहुद तूफान आने पर हुई थी। हालांकि गुरुवार को हुई बरसात को तत्समय से भी ज्यादा माना जा रहा है। बुधवार को दोपहर करीब तीन बजे से बारिश का सिलसिला आरंभ हुआ था। शाम सात बजे के बाद बारिश करीब-करीब बंद हो गई थी, लेकिन बुधवार रात आठ बजे से फिर से बरसात का सिलसिला आरंभ हो गया, जो शुक्रवार की देर शाम तक लगातार जारी रहा। कभी तेज तो कभी धीमी बरसात होती रही। बारिश से लोगों को गर्मी से तो राहत मिल गई, लेकिन लोगों की मुसीबत भी बढ़ी। ज्यादातर लोग घरों में ही कैद रहे। बेहद आवश्यक कार्य से ही लोगों ने घर के बाहर कदम रखा। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय होने से शुक्रवार को भी मध्यम से भारी बरसात हुई मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. सीताराम मिश्र के मुताबिक मानसून सक्रिय है, इसलिए 19 सितंबर तक रोजाना वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से पांच डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम आ‌र्द्रता 97 व न्यूनतम 92 फीसद रही। भारी बारिश से अधिकांश मुहल्ले जलमग्न हो गए। जलवानपुरा में लोगों के घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का खासा नुकसान भी हुआ। कई वस्तुएं बर्बाद हो गईं। शहर का वीआइपी कौशलपुरी नवीन मंडी सिविल लाइन इलाका भी जलभराव से नहीं बच सका, जबकि कालोनियों का हाल बेहद बदतर नजर आया। हाल ही में नगर निगम में शामिल क्षेत्रों में तो आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। पहाड़गंज , शिवनगर , उसरू , अशरफपुर टोनिया , गद्दोपुर समेत अन्य मुहल्लों में जलभराव से लोग घरों में रहने को मजबूर रहे। लालबाग , जनौरा , गणेशनगर , रामनगर कालोनी , दिल्ली दरवाजा , देवकाली समेत लगभग सभी कालोनियों में जलभराव रहा। धान-गन्ना जमींदोज , सब्जियां बर्बाद  बारिश फसलों के लिए वज्रपात के समान साबित हुई। बरसात के साथ हवा की रफ्तार तेज होने से फसलों को भी खासा नुकसान हुआ है। धान व गन्ने की फसल जमींदोज हो गईं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में धान व गन्ने की फसल जमींदोज नजर आई। इसका विपरीत असर धान और गन्ने के उत्पादन पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। सब्जियां भी करीब-करीब बर्बाद हो गईं। अगेती आलू की बोआई की तैयारी कर रहे किसानों को भी झटका लगा है। भारी बारिश से किसान अब अगेती आलू की बोआई फिलहाल नहीं कर सकेंगे। किसानों को मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ेगा। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के विज्ञानी डा. अमरनाथ मिश्र के मुताबिक़ बारिश से करीब-करीब सभी फसलों को नुकसान हुआ है।

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