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सीएमओ ने फटकारा डीएमओ की हालत खराब

लखनऊ के लिये खुद को  रेफर कराया, एम्बुलेंस से भेजे गये
सीएमओ किससे बयां करे अपनी आपबीती
काम को लेकर कर्मचारियों पर रहता है बोझ, स्टाफ की कमी
प्रतापगढ़। रिपोर्ट में हो रही देरी से  खफा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर एके श्रीवास्तव ने गुरुवार को जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार को फटकार दिया। आरोप है कि जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। बेहोश हो गये।आनन फानन में लखनऊ रेफर कर दिया गया है। इससे सीएमओ आफिस में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ पर तरह तरह के आरोप लग रहे हैं। उधर, मलेरिया अधिकारी सीधे तौर पर कुछ भी नहीं बोले, इतना जरूर कहा कि सीएमओ ने उन्हें रिपोर्ट में लेटलतीफी के लिये डांटा। अपने बयान में उन्होंने यह बात कही। जिसमें तबियत खराब होने के लिए वे सीधे तौर पर सीएमओ को जिम्मेदार नहीं मान रहे। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया है कि राजेश कुमार को सीने में दर्द की शिकायत पर भर्ती किया गया है। मलेरिया अधिकारी का कहना है कि उनके यहां स्टाफ की कमी है। सारा काम उन्हें ही करना पड़ रहा है। जहां तक स्टाफ की कमी का सवाल है यह काम शासन स्तर का है। उसमें सीएमओ कुछ कर भी नहीं सकता है। रही डांट की बात तो काम को लेकर डांट फटकार तो लगी रहती है। यह नौकरी का हिस्सा है। इस समय कोरोना से लेकर डेंगू, वायरल का प्रकोप चल रहा है। अस्पतालों में इसके मरीज बढ़ रहे हैं। इसको लेकर शासन स्तर पर मॉनिटरिंग हो रही है। सीएमओ को पल पल की रिपोर्ट भेजनी पड़ रही है। जवाब तलब उनसे किया जाता है। सीएमओ से पूछिए काम के प्रेशर को लेकर वे रोज कितनी डांट फटकार सुनते हैं। गालियां भी सुनने को मिलती होंगी। क्या करें वो भी बेहोश हो जाये। वो किससे अपना दर्द बयां करें। स्टाफ का कहना है कि राजेश कुमार को ब्लड प्रेशर की समस्या हो गई थी। जो इस उम्र में किसी को भी हो सकती है। आरोप है कि काम काज में भी थोड़ा ढीले हैं। बात तो सुननी पड़ेगी। वहीं सीएमओ भी सारी चीजों और वास्तविक से अवगत है। स्टाफ के साथ जरा संयम बरतने की जरूरत है। उन्हें चाहिये जो काम नहीं कर पा रहें है उनके खिलाफ शासन प्रशासन को लिखित अवगत कराये। किसी को डांटने की जरूरत ही नहीं है। जानकारों का कहना है कि फ़िलहाल जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार ने लखनऊ के लिये खुद को रेफर कराया है। उन्हें एम्बुलेंस से भेजा गया है। वहां पर लारी अस्पताल में अपनी जांच करायेंगे। बाराबंकी घर है।

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लखनऊ के लिये खुद को  रेफर कराया, एम्बुलेंस से भेजे गये
सीएमओ किससे बयां करे अपनी आपबीती
काम को लेकर कर्मचारियों पर रहता है बोझ, स्टाफ की कमी
प्रतापगढ़। रिपोर्ट में हो रही देरी से  खफा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर एके श्रीवास्तव ने गुरुवार को जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार को फटकार दिया। आरोप है कि जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। बेहोश हो गये।आनन फानन में लखनऊ रेफर कर दिया गया है। इससे सीएमओ आफिस में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ पर तरह तरह के आरोप लग रहे हैं। उधर, मलेरिया अधिकारी सीधे तौर पर कुछ भी नहीं बोले, इतना जरूर कहा कि सीएमओ ने उन्हें रिपोर्ट में लेटलतीफी के लिये डांटा। अपने बयान में उन्होंने यह बात कही। जिसमें तबियत खराब होने के लिए वे सीधे तौर पर सीएमओ को जिम्मेदार नहीं मान रहे। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया है कि राजेश कुमार को सीने में दर्द की शिकायत पर भर्ती किया गया है। मलेरिया अधिकारी का कहना है कि उनके यहां स्टाफ की कमी है। सारा काम उन्हें ही करना पड़ रहा है। जहां तक स्टाफ की कमी का सवाल है यह काम शासन स्तर का है। उसमें सीएमओ कुछ कर भी नहीं सकता है। रही डांट की बात तो काम को लेकर डांट फटकार तो लगी रहती है। यह नौकरी का हिस्सा है। इस समय कोरोना से लेकर डेंगू, वायरल का प्रकोप चल रहा है। अस्पतालों में इसके मरीज बढ़ रहे हैं। इसको लेकर शासन स्तर पर मॉनिटरिंग हो रही है। सीएमओ को पल पल की रिपोर्ट भेजनी पड़ रही है। जवाब तलब उनसे किया जाता है। सीएमओ से पूछिए काम के प्रेशर को लेकर वे रोज कितनी डांट फटकार सुनते हैं। गालियां भी सुनने को मिलती होंगी। क्या करें वो भी बेहोश हो जाये। वो किससे अपना दर्द बयां करें। स्टाफ का कहना है कि राजेश कुमार को ब्लड प्रेशर की समस्या हो गई थी। जो इस उम्र में किसी को भी हो सकती है। आरोप है कि काम काज में भी थोड़ा ढीले हैं। बात तो सुननी पड़ेगी। वहीं सीएमओ भी सारी चीजों और वास्तविक से अवगत है। स्टाफ के साथ जरा संयम बरतने की जरूरत है। उन्हें चाहिये जो काम नहीं कर पा रहें है उनके खिलाफ शासन प्रशासन को लिखित अवगत कराये। किसी को डांटने की जरूरत ही नहीं है। जानकारों का कहना है कि फ़िलहाल जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार ने लखनऊ के लिये खुद को रेफर कराया है। उन्हें एम्बुलेंस से भेजा गया है। वहां पर लारी अस्पताल में अपनी जांच करायेंगे। बाराबंकी घर है।

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