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हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद बन्द हुआ अधिवक्ता की जमीन पर तालाब खुदायी का काम

हनुमानगंज.श। अभिलेखों में फेर बदल कर अधिवक्ता की भूमिधरी बाग की जमीन को तालाब बता कर खुदायी करने वाली ग्राम पंचायत के काम पर हाईकोर्ट बार अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद पर विराम लग गया। तहसील प्रशासन के आदेशों को धता बता कर खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर शासकीय धन का दुरूपयोग करने में कोई कोताही नहीं बरत रही थी। तहसील फूलपुर के राजस्व गाँव दलापुर की आराजी सं० 273 क और 273 ग  दो गाटा रकबा दो वीघा गाँव के गाँव के वरिष्ठ अधिवक्ता हाईकोर्ट कुंजेश कुमार दुबे के पूर्वजों के नाम राजस्व अभिलेख 1359 फसली खसरा और सीएच 41 व सीएच 45 में बाग के रूप में दर्ज है। अधिवक्ता के उक्त भूमि पर नव निर्वाचित ग्राम पंचायत तालाब खुदायी का काम लगा दिया। जिसमें गाँव के दर्जनों मनरेगा मजदूर पिछले तीन दिन से काम करना शुरू कर दिये। जब मामले की जानकारी अधिवक्ता को हुई तो मौके पर जाकर मना किया तो मजदूरों ने काम नहीं बंद किया। इसके बाद हल्का लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित एसडीएम फूलपुर से अधिवक्ता ने बात की। जिस पर एसडीएम फूलपुर ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर व्यस्तता बतायी तथा बीडीओ को जरिये फोन कर तत्काल काम रोकवाने का आश्वासन दिया। उसके बाद भी खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर शासकीय धन का दुरूपयोग अधिवक्ता के जमीन को खुदवाने में कर रही थी। जब तीन दिन तक काम नहीं रुका तब हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेन्द्र नाथ जी ने जिलाधिकारी प्रयागराज को पत्र लिखकर तत्काल काम रोकवाने का आग्रह किया। जिस पर जिलाधिकारी प्रयागराज ने गम्भीरता दिखाते हुए तत्काल काम रोकवाने का निर्देश दिया। जिसके बाद अधिवक्ता की जमीन पर हो रहे अवैध तालाब खुदायी के काम पर विराम लगा। आरोप है कि गाँव के कुछ लोग राजस्व कर्मियों से मिलकर अभिलेखों में कूट रचना कर किसी की भूमिधरी को तालाब और बंजर व नवीन परती में फेर बदल करते रहते हैं जिससे गाँव के काफी लोग परेशान भी है। इसकी शिकायत ग्रामीण तहसील प्रशासन से करते हैं किन्तु तहसील प्रशासन अनसुना कर देता है जिससे इन कूट रचना करने वालों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

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हनुमानगंज.श। अभिलेखों में फेर बदल कर अधिवक्ता की भूमिधरी बाग की जमीन को तालाब बता कर खुदायी करने वाली ग्राम पंचायत के काम पर हाईकोर्ट बार अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद पर विराम लग गया। तहसील प्रशासन के आदेशों को धता बता कर खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर शासकीय धन का दुरूपयोग करने में कोई कोताही नहीं बरत रही थी। तहसील फूलपुर के राजस्व गाँव दलापुर की आराजी सं० 273 क और 273 ग  दो गाटा रकबा दो वीघा गाँव के गाँव के वरिष्ठ अधिवक्ता हाईकोर्ट कुंजेश कुमार दुबे के पूर्वजों के नाम राजस्व अभिलेख 1359 फसली खसरा और सीएच 41 व सीएच 45 में बाग के रूप में दर्ज है। अधिवक्ता के उक्त भूमि पर नव निर्वाचित ग्राम पंचायत तालाब खुदायी का काम लगा दिया। जिसमें गाँव के दर्जनों मनरेगा मजदूर पिछले तीन दिन से काम करना शुरू कर दिये। जब मामले की जानकारी अधिवक्ता को हुई तो मौके पर जाकर मना किया तो मजदूरों ने काम नहीं बंद किया। इसके बाद हल्का लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित एसडीएम फूलपुर से अधिवक्ता ने बात की। जिस पर एसडीएम फूलपुर ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर व्यस्तता बतायी तथा बीडीओ को जरिये फोन कर तत्काल काम रोकवाने का आश्वासन दिया। उसके बाद भी खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर शासकीय धन का दुरूपयोग अधिवक्ता के जमीन को खुदवाने में कर रही थी। जब तीन दिन तक काम नहीं रुका तब हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेन्द्र नाथ जी ने जिलाधिकारी प्रयागराज को पत्र लिखकर तत्काल काम रोकवाने का आग्रह किया। जिस पर जिलाधिकारी प्रयागराज ने गम्भीरता दिखाते हुए तत्काल काम रोकवाने का निर्देश दिया। जिसके बाद अधिवक्ता की जमीन पर हो रहे अवैध तालाब खुदायी के काम पर विराम लगा। आरोप है कि गाँव के कुछ लोग राजस्व कर्मियों से मिलकर अभिलेखों में कूट रचना कर किसी की भूमिधरी को तालाब और बंजर व नवीन परती में फेर बदल करते रहते हैं जिससे गाँव के काफी लोग परेशान भी है। इसकी शिकायत ग्रामीण तहसील प्रशासन से करते हैं किन्तु तहसील प्रशासन अनसुना कर देता है जिससे इन कूट रचना करने वालों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

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