ब्लाक की 87 आशाओं को बाहर करने के नोटिस भड़की आशा
अयोध्या। मुख्यमंत्री की सीएचसी पर हुआ प्रदर्शन इस बार प्रदर्शन कारी कोई और नहीं बल्कि वह महिलाएं है जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ माना है। बुधवार को विकास खण्ड मसौधा की आशा बहुओं ने सीएचसी अधीक्षक द्वारा संस्थागत प्रसव सीएचसी पर न कराने के मामले में नोटिस देकर सभी 87 आशा बहुओं से स्पष्टिकरण मांगा है और स्पष्टिकरण तीन दिवस के अंदर न देने पर सभी की सेवा समाप्त करने की बात कही है। जिससे नाराज आशा बहुओं ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसौधा के बाहर एकत्र होकर अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। आशा बहुओं का आरोप है कि हमने कोविड-19 के दौरान भी गांव-गांव जाकर काम किया है और अब भी हमसे काम लिया जा रहा है। उनका आरोप है हम लोगों को बीते चार महीने से मानदेय भी नहीं दिया गया। आशा बहुओं ने कहा कि हम लोगों को अधीक्षक की ओर से स्पष्टीकरण जारी कर जवाब देने को कहा गया है, आशा बहू ने मांग किया है कि हम लोगों को स्पष्टीकरण देने के पीछे का कारण भी नहीं बताया जा रहा। बता दें कि सीएचसी मसौधा अधीक्षक अवसार अली की ओर से जारी स्पष्टीकरण पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 माह अप्रैल 21 से 20 जून 2021 तक आशा बहू के द्वारा कोई भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की है और इसी मामले को लेकर आशा बहुओं को स्पष्टीकरण दिया गया है। चस्पा नोटिस में बताया गया है कि यदि आशा बहुओं ने तीन कार्य दिवस के भीतर उचित जवाब नहीं दिया गया तो उनकी सेवा समाप्त की जाएगी। इस मौके पर आशा बहु ऊषा रानी, संगीता गौड़ जानकी सिंह सहित अन्य आशा बहु मौजूद रही।



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