मुहर्रम में हम गम मनाते हैं, किसी का दिल नहीं दिखाते हैंः बाकर नक़वी
प्रयागराज। मोहफिज अजा अमारी कमेटी की एक बैठक कमेटी के अध्यक्ष हसन असगर की अध्यक्षता में इसी कमेटी के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता हाजी सैयद अजादार हुसैन नकवी के आवास दरियाबाद में शुक्रवार को हुई जिसमें पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के डी जी पी द्वारा जारी मुहर्रम गाइड लाइन की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई गई। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए जुलूसे अमारी के संयोजक एवं पूर्व जेल विजिटरबाकर नक़वी ने कहा कि मुहर्रम गाइड लाइन तैयार करने में प्रयुक्त भाषा एवं सार अत्यन्त आपत्तिजनक है। मुहर्रम एक गम का महीना है और करबला के ⁷² शहीदों की यादें इससे जुड़ी हैं।क्या किसी भी मज़हब में शहीदों के गम मनाने को अराजकता कहा जा सकता है, यकीनन नहीं। फिर डी जी पी ने ऐसा क्यों किया। हम ऐसी समस्त गाइड लाइन और आदेशों का विरोध करते हैं जिनसे आपसी प्रेम और भाई चारे को ठेस पहुंचती हो। अध्यक्षता कर रहे अलहाज हसन असगर ने कहा कि हम हर बरस मुहर्रम का गम मनाते रहे हैं और मनाते रहेंगे अलबत्ता कोविड के नारे दो गज की दूरी मास्क है ज़रूरी पर सबको अमल करते रहना चाहिए। श्री हसन ने प्रयागराज स्थित इमामबाड़ा वक्फ गुलाम हैदर मरहूम में की गई हालिया प्रशासनिक कार्रवाई का समर्थन किया है। कार्यक्रम का संचालन हाजी सैयद अजादार हुसैन ने किया। प्रमुख उपस्थित लोगों में अली हसन रिज़वी, तालिब अब्बास जाफरी, सरताज नकवी, वस्मी जहीर, अबरार आबिदी, ईशान अली, मोहम्मद इमरान, इंतेखाब हैदर, रजा हसनैन जायसी,अब्बास, साजिद और अच्छे भाई आदि मौजूद रहे।



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