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सरकार ने लागू की नई जनसंख्या नीति, चर्चाओं का बाजार गर्म

पक्ष ,बिपक्ष के लोगों ने ब्यक्त की अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं
कौशाम्बी। रविवार को सरकार ने  नई जनसंख्या नीति 2021-30 को लागू कर दिया है।. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा है।. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जो नई जनसंख्या नीति लेकर आई है उससे समाज के हर वर्ग व तबके को जुड़ना होगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूकता जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जनसंख्या नीति सरकार लेकर आई है उससे समाज में खुशहाली आएगी.
जनसंख्या नीति के फायदे-
1. उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से नवजात मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर को कम करने और नपुंसकता/बांझपन की समस्या के समाधान उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयास करेगी.
2. इस नीति का एक उद्देश्य यह भी है कि 11 से 19 साल तक के किशोरों के लिए सही पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के बेहतर प्रबंधन किए जा सकें. इसके अलावा, बुजुर्गों की देखभाल के लिए भी व्यापक व्यवस्था करना सरकार का लक्ष्य है.
3. जनसंख्या नियंत्रण विधेयक पर योगी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा ने कहा था कि अभी इसका कानून बनाने को लेकर सरकार ने जनता से राय मांगी है. जनता की राय के बाद जनता की ही सिफारिशों के बाद हम ज़रूर इस क़ानून को लाएंगे. एक खबर के मुताबिक, रजा ने कहा था कि 2 बच्चों को हम डॉक्टर और इंजीनियर बना सकते हैं, लेकिन 8 बच्चे होंगे तो साइकिल की दुकान पर पंचर बनाएंगे या फावड़ा लेकर मजदूरी ही करेंगे. इस कानून से प्रदेश के साथ हमारा देश भी आगे बढ़ेगा और बच्चों को अच्छा जीवन मिल सकेगा.
4. नई नीति के तहत अगर घर का मालिक सरकारी नौकरी में है तो वह नसबंदी कराने के बाद एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, पीएफ में एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन बढ़ने जैसी कई सुविधाओं का हकदार हो सकते हैं.
5. इसके अलावा 2 बच्चों वाले दंपति अगर सरकारी नौकरी में नहीं हैं तो उन्हें पानी, बिजली, हाउस टैक्स, होम लोन में छूट व अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव है.
6. एक संतान पर खुद से नसबंदी कराने वाले हर अभिभावकों को संतान के 20 वर्ष तक मुफ्त इलाज, शिक्षा, बीमा शिक्षण संस्था व सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की सिफारिश है और इसके अंतर्गत सरकारी नौकरी वाले दंपती को चार अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने का सुझाव भी है.
7. अगर दंपती गरीबी रेखा के नीचे हैं और एक संतान के बाद ही स्वैच्छिक नसबंदी करवाते हैं तो उनके बेटे के लिए उसे 80 हजार और बेटी के लिए एक लाख रुपये एकमुश्त दिए जाने की भी सिफारिश की गई है.
8. अगर यह कानून लागू हुआ तो एक साल में सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय निकाय में चुने जनप्रतिनिधियों को शपथपत्र देना होगा कि वह इसका उल्लंघन नहीं करेंगे. अगर ऐसा करते हैं तो इसमें सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन रोकने व बर्खास्त करने तक की सिफारिश है.
9. इसके अलावा, अगर कोई आदमी एक से ज्यादा शादी करे तो भी सभी पत्नियों से मिलाकर दो ही बच्चे होने चाहिए. दो से ज्यादा बच्चे होने पर वह व्यक्ति सुविधाओं से वंचित होगा. यही केस महिलाओं के साथ भी है. अगर कोई स्त्री एक से ज्यादा शादी करती है तो सभी पतियों के साथ दो से अधिक बच्चे होने पर उसे भी सुविधाएं नहीं मिलेंगी.
10. हालांकि, एक्ट लागू होते समय प्रेग्नेंसी की स्टेज है या दूसरी प्रेग्नेंसी के समय जुड़वा बच्चे होते हैं तो ऐसे केस कानून के दायरे में नहीं आएंगे. अगर किसी का पहला, दूसरा या दोनों बच्चे नि:शक्त हैं, तो उसे भी तीसरी संतान पर सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा. तीसरे बच्चे को गोद लेने पर भी रोक नहीं रहेगी.। सरकार द्वारा जारी जनसंख्या नीति को लेकर जनपद में बुद्धिजीवी सबके व सफेदपोश नेताओं के अलावा आम जनता में जनसंख्या नीति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा ।लोगों ने सरकार की लागू इस नीति पर अपने अपने हिसाब से प्रतिक्रियाएं व्यक्ति की है ।किसी ने इस जनसंख्या नीति को खूब सराहा है । तो वही विपक्षी पार्टियों से ताल्लुक रखने वाले लोगो ने इस नीति को सीधे जनता के ऊपर बाजबरन सिर पर लादना करार दिया है।

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पक्ष ,बिपक्ष के लोगों ने ब्यक्त की अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं
कौशाम्बी। रविवार को सरकार ने  नई जनसंख्या नीति 2021-30 को लागू कर दिया है।. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा है।. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जो नई जनसंख्या नीति लेकर आई है उससे समाज के हर वर्ग व तबके को जुड़ना होगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूकता जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जनसंख्या नीति सरकार लेकर आई है उससे समाज में खुशहाली आएगी.
जनसंख्या नीति के फायदे-
1. उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से नवजात मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर को कम करने और नपुंसकता/बांझपन की समस्या के समाधान उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयास करेगी.
2. इस नीति का एक उद्देश्य यह भी है कि 11 से 19 साल तक के किशोरों के लिए सही पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के बेहतर प्रबंधन किए जा सकें. इसके अलावा, बुजुर्गों की देखभाल के लिए भी व्यापक व्यवस्था करना सरकार का लक्ष्य है.
3. जनसंख्या नियंत्रण विधेयक पर योगी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा ने कहा था कि अभी इसका कानून बनाने को लेकर सरकार ने जनता से राय मांगी है. जनता की राय के बाद जनता की ही सिफारिशों के बाद हम ज़रूर इस क़ानून को लाएंगे. एक खबर के मुताबिक, रजा ने कहा था कि 2 बच्चों को हम डॉक्टर और इंजीनियर बना सकते हैं, लेकिन 8 बच्चे होंगे तो साइकिल की दुकान पर पंचर बनाएंगे या फावड़ा लेकर मजदूरी ही करेंगे. इस कानून से प्रदेश के साथ हमारा देश भी आगे बढ़ेगा और बच्चों को अच्छा जीवन मिल सकेगा.
4. नई नीति के तहत अगर घर का मालिक सरकारी नौकरी में है तो वह नसबंदी कराने के बाद एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, पीएफ में एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन बढ़ने जैसी कई सुविधाओं का हकदार हो सकते हैं.
5. इसके अलावा 2 बच्चों वाले दंपति अगर सरकारी नौकरी में नहीं हैं तो उन्हें पानी, बिजली, हाउस टैक्स, होम लोन में छूट व अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव है.
6. एक संतान पर खुद से नसबंदी कराने वाले हर अभिभावकों को संतान के 20 वर्ष तक मुफ्त इलाज, शिक्षा, बीमा शिक्षण संस्था व सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की सिफारिश है और इसके अंतर्गत सरकारी नौकरी वाले दंपती को चार अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने का सुझाव भी है.
7. अगर दंपती गरीबी रेखा के नीचे हैं और एक संतान के बाद ही स्वैच्छिक नसबंदी करवाते हैं तो उनके बेटे के लिए उसे 80 हजार और बेटी के लिए एक लाख रुपये एकमुश्त दिए जाने की भी सिफारिश की गई है.
8. अगर यह कानून लागू हुआ तो एक साल में सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय निकाय में चुने जनप्रतिनिधियों को शपथपत्र देना होगा कि वह इसका उल्लंघन नहीं करेंगे. अगर ऐसा करते हैं तो इसमें सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन रोकने व बर्खास्त करने तक की सिफारिश है.
9. इसके अलावा, अगर कोई आदमी एक से ज्यादा शादी करे तो भी सभी पत्नियों से मिलाकर दो ही बच्चे होने चाहिए. दो से ज्यादा बच्चे होने पर वह व्यक्ति सुविधाओं से वंचित होगा. यही केस महिलाओं के साथ भी है. अगर कोई स्त्री एक से ज्यादा शादी करती है तो सभी पतियों के साथ दो से अधिक बच्चे होने पर उसे भी सुविधाएं नहीं मिलेंगी.
10. हालांकि, एक्ट लागू होते समय प्रेग्नेंसी की स्टेज है या दूसरी प्रेग्नेंसी के समय जुड़वा बच्चे होते हैं तो ऐसे केस कानून के दायरे में नहीं आएंगे. अगर किसी का पहला, दूसरा या दोनों बच्चे नि:शक्त हैं, तो उसे भी तीसरी संतान पर सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा. तीसरे बच्चे को गोद लेने पर भी रोक नहीं रहेगी.। सरकार द्वारा जारी जनसंख्या नीति को लेकर जनपद में बुद्धिजीवी सबके व सफेदपोश नेताओं के अलावा आम जनता में जनसंख्या नीति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा ।लोगों ने सरकार की लागू इस नीति पर अपने अपने हिसाब से प्रतिक्रियाएं व्यक्ति की है ।किसी ने इस जनसंख्या नीति को खूब सराहा है । तो वही विपक्षी पार्टियों से ताल्लुक रखने वाले लोगो ने इस नीति को सीधे जनता के ऊपर बाजबरन सिर पर लादना करार दिया है।

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