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आयुष चिकित्सको ने तीसरे दिन काली पट्टी बांध जताया विरोध

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। एनएचएम संविदा के मेनस्ट्रीम आयुष चिकित्सको ने आज तीसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध जताया। साथ ही मांगो का निस्तारण न होने के कारण आक्रोश व्याप्त किया। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. शैलेन्द्र योगी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मे कार्यरत संविदा आयुष चिकित्सको ने जिला मुख्यालय सहित अपनी अपनी सीएचसी व पीएचसी पर काला फीता बांध कर विरोध किया। एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सको के विरोध का कारण बहुत कम मानदेय दिया जाना है। एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सको का मानदेय वर्तमान में लगभग रू. 40000/हजार प्रति माह है। जबकि एलोपैथिक चिकित्सको का मानदेय रू. 70000 प्रति माह है। यहा तक कि राज्य सरकार के अधीन काय कर रहे एमओसीएच संविदा आयुष चिकित्सको का मानदेय भी 60000 रू. है लेकिन एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सक को उसके पद के अनुरूप वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिससे एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सको में आक्रोश है। एनएएम संविदा आयुष चिकित्सको ने इस महामारी में फ्रंट लाइन कोरोना वारियर के रूप में काम किया है। इस दौरान कई चिकित्सको ने अपने प्राणो की आहुति भी दी है। उन्होने कहा कि 11 वर्षो से पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करने के बावजूद भी सरकार द्वारा अपनी उपेक्षा से आयुष चिकित्सको में निराशा व रोष का भाव है। हम सब लोगो ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध दर्ज कराया है। अगर शीघ्र हमारी मांगो को पूरा न किया गया तो अगले चरण में हम सब होम आइसोलेशन में चले जाएंगे।

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। एनएचएम संविदा के मेनस्ट्रीम आयुष चिकित्सको ने आज तीसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध जताया। साथ ही मांगो का निस्तारण न होने के कारण आक्रोश व्याप्त किया। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. शैलेन्द्र योगी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मे कार्यरत संविदा आयुष चिकित्सको ने जिला मुख्यालय सहित अपनी अपनी सीएचसी व पीएचसी पर काला फीता बांध कर विरोध किया। एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सको के विरोध का कारण बहुत कम मानदेय दिया जाना है। एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सको का मानदेय वर्तमान में लगभग रू. 40000/हजार प्रति माह है। जबकि एलोपैथिक चिकित्सको का मानदेय रू. 70000 प्रति माह है। यहा तक कि राज्य सरकार के अधीन काय कर रहे एमओसीएच संविदा आयुष चिकित्सको का मानदेय भी 60000 रू. है लेकिन एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सक को उसके पद के अनुरूप वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिससे एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सको में आक्रोश है। एनएएम संविदा आयुष चिकित्सको ने इस महामारी में फ्रंट लाइन कोरोना वारियर के रूप में काम किया है। इस दौरान कई चिकित्सको ने अपने प्राणो की आहुति भी दी है। उन्होने कहा कि 11 वर्षो से पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करने के बावजूद भी सरकार द्वारा अपनी उपेक्षा से आयुष चिकित्सको में निराशा व रोष का भाव है। हम सब लोगो ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध दर्ज कराया है। अगर शीघ्र हमारी मांगो को पूरा न किया गया तो अगले चरण में हम सब होम आइसोलेशन में चले जाएंगे।

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