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किसी भी दशा में रिवाइज इस्टीमेट की स्थिति न होने पायेः डीएम

पूर्ण होने वाले निर्माण कार्यों के हैण्डओवर होने के पहले अनिवार्य रूप से थर्ड पार्टी से कार्य की गुणवत्ता की जांच कराये जाने के दिए निर्देश
प्रयागराज। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में बुधवार को संगम सभागार में 50 लाख रूपये से अधिक की लागत वाले निर्माण कार्यों एवं विकास कार्यक्रमों की प्रगति के  सम्बंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जो भी निर्माण कार्य चल रहे है, वे सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण हो। किसी भी दशा में रिवाइज इस्टीमेट की स्थिति न होने पाये। जिलाधिकारी ने पूर्ण हुए भवनों/निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी से जांच अनिवार्य रूप से कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि सभी कार्य मानक के अनुसार पूर्ण होने के बाद ही हस्तातंरण की कार्यवाही पूर्ण हो, इसके साथ ही उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित रूप से जांच जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम से भी कराये जाने का निर्देश दिया है। बैठक में बताया गया कि छः अधिकारियों के द्वारा अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की गयी है। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जांच रिपोर्ट न प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जसरा में बन रहे मिनी स्टेडियम में अप्रैल माह में विद्युत कनेक्शन हेतु पैसा जमा करने के बावजूद भी अभी तक विद्युत कनेक्शन न दिए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने विद्युत विभाग के इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित रहें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को शिकायतों को अनिवार्य रूप से निर्धारित समयसीमा में निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि किसी भी दशा में डिफाल्टर न होने पाये। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से शिकायतों के निस्तारण के सम्बंध में फीडबैक भी अनिवार्य रूप से लेने के लिए कहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 आशु पाण्डेय, प्राचार्य डाॅ0 एस0पी0 सिंह, परियोजना निदेशक अशोक कुमार मौर्या, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कनौजिया सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

पूर्ण होने वाले निर्माण कार्यों के हैण्डओवर होने के पहले अनिवार्य रूप से थर्ड पार्टी से कार्य की गुणवत्ता की जांच कराये जाने के दिए निर्देश
प्रयागराज। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में बुधवार को संगम सभागार में 50 लाख रूपये से अधिक की लागत वाले निर्माण कार्यों एवं विकास कार्यक्रमों की प्रगति के  सम्बंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जो भी निर्माण कार्य चल रहे है, वे सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण हो। किसी भी दशा में रिवाइज इस्टीमेट की स्थिति न होने पाये। जिलाधिकारी ने पूर्ण हुए भवनों/निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी से जांच अनिवार्य रूप से कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि सभी कार्य मानक के अनुसार पूर्ण होने के बाद ही हस्तातंरण की कार्यवाही पूर्ण हो, इसके साथ ही उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित रूप से जांच जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम से भी कराये जाने का निर्देश दिया है। बैठक में बताया गया कि छः अधिकारियों के द्वारा अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की गयी है। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जांच रिपोर्ट न प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जसरा में बन रहे मिनी स्टेडियम में अप्रैल माह में विद्युत कनेक्शन हेतु पैसा जमा करने के बावजूद भी अभी तक विद्युत कनेक्शन न दिए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने विद्युत विभाग के इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित रहें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को शिकायतों को अनिवार्य रूप से निर्धारित समयसीमा में निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि किसी भी दशा में डिफाल्टर न होने पाये। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से शिकायतों के निस्तारण के सम्बंध में फीडबैक भी अनिवार्य रूप से लेने के लिए कहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 आशु पाण्डेय, प्राचार्य डाॅ0 एस0पी0 सिंह, परियोजना निदेशक अशोक कुमार मौर्या, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कनौजिया सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।