संघ के जिलाध्यक्ष की अगुवाई में सौंपा गया ज्ञापन
अनीश मिश्र ने कहा कि लंबित मांगों पर सरकार करे विचार
मेजा (प्रयागराज)। ग्राम रोजगार सेवक एकता संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वाहन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित 8 सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारी उरुवा के माध्यम से सौंपा गया है। समिति के जिलाध्यक्ष अनीश मिश्र ने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार सेवकों की मांगों पर हीलाहवाली कर रही है,यदि मांगों पर विचार नही किया गया तो संगठन हक के लिए सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होगा। जिलाध्यक्ष अनीश मिश्र ने बताया कि 4 अक्टूबर वर्ष 2021 को डिफेंस एक्सपो लखनऊ के मैदान में ग्राम रोजगार सेवक एवं मनरेगा कर्मियों के विषय में सम्मेलन में की गई घोषणा से जुड़ी मांगे पूरी नही की गई हैं। इस सम्बन्ध में जॉब चार्ट में अन्य कार्य को जोड़ना, सेवा समाप्ति से पहले मनरेगा उपायुक्त की सहमति से एच आर पाल्सी लागू करना,, इत्यादि मांगें लंबित हैं।.हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, की तरह वेतन मानदेय में बढ़ोतरी की जाय, ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में 50% का कोटा ग्राम रोजगार सेवकों के लिए आरक्षित किया जाय। . ग्राम रोजगार सेवकों से मूल ग्राम पंचायत के अलावा रिक्त ग्राम पंचायत में भी कार्य लिया जाए, मनरेगा की यूजर आईडी पासवर्ड सिर्फ ग्राम रोजगार सेवक को ही दिया जाए। ज्ञापन की 8 सूत्रीय मांगों में. आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके आश्रित को सेवक के स्थान पर समायोजित किया जाए, इपीएफ कटौती की धनराशि मनरेगा कर्मचारियों को यू एन खाते में भेजी जाए।.ग्राम रोजगार सेवकों को निमित्त करते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसका पदनाम ग्राम विकास सहायक किया जाए और पूर्व वित्तीय वर्ष का बकाया मानदेय भुगतान दिया जाना चाहिए।
मौके पर ग्राम रोजगार सेवक समिति के रामेश्वर यादव ब्लाक अध्यक्ष, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप रस्तोगी, तकनीकी सहायक के जिला महामंत्री उदयवीर सिंह, शिशिर सिंह, घनस्याम, जीत बहादुर, निर्दोष मिश्रा, सतेंदर, सतीश, बालगोविंद, संजीव, संजीत, पवन, इंदरजत, पंकज, आजाद, सचिन सहित मनरेगा कर्मी मौजूद रहे।



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