हरवारा प्राथमिक स्कूल में बच्चों को चंद्रयंती की लैंडिंग का सीधा प्रसारण दिखाने के लिए वायदा प्रोजेक्टर लगाए गए थे। विद्यालय की अध्यापिका श्वेता वीर का कहना है कि लाइव प्रसारण की तैयारी कई दिन पहले से यहां की जा रही थी। प्रशासन के निर्देश पर विद्यालय की सबसे बड़ी कक्षा में एक प्रोजेक्टर लगाया गया था जिसमें बैठकर सभी स्टूडेंट्स चंद्रयान-3 की लैंडिंग के ऐतिहासिक लम्हों का हिस्सा बने।
शहर के कुछ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था न होने की वजह से प्रोजेक्टर में छात्र इस ऐतिहासिक लम्हे का लुत्फ नहीं उठा सके लेकिन अध्यापकों के मोबाइल के माध्यम से छात्रों ने इस प्रसारण को दिखा। प्रयागराज के बीएसए प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि शासन के निर्देश के मुताबिक ही सभी विद्यालयों को इसके लिवेव प्रसारण दिखाने के निर्देश दिए गए थे। कुछ विद्यालयों में इंटरनेट की व्यवस्था न होने की वजह से इस प्रसारण की रिकॉर्ड वीडियो अगले दिन दिखाई जाएगी। शहर के मदरसों में भी चंद्रयान-3 की लैंडिंग के देखने का जोश सातवें आसमान पर था। करेली के गौस नगर के मदरसा कुरानिया में चंद्रयान-3 के लाइव टेलीकास्ट के लिए एक बड़ा प्रोजेक्टर लगाया गया था। जिसमें छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ चंद्रयान की लैंडिंग को एकाग्र होकर देखा।
लैंड की तस्वीर देखकर झूम उठे स्टूडेंट्स
बाघम्बरी गद्दी मठ में साधु संतों और शिष्यों ने देखी लैंडिंग
प्रयागराज। भारत में अंतरिक्ष के क्षेत्र में इतिहास लिख दिया। भारत का चंद्रयान 3 की चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग देखने के लिए शहर के सभी सरकारी स्कूलों और मदरसों में बच्चों के अंदर जुनून देखने को मिला। बाघमबारी गद्दी मठ में संस्कृत विद्यालय के बच्चों ने श्री महंत बलवीर गिरी जी महाराज की अगुवाई में लैंडिंग का सजीव प्रसारण देखा।
हरवारा प्राथमिक स्कूल में बच्चों को चंद्रयंती की लैंडिंग का सीधा प्रसारण दिखाने के लिए वायदा प्रोजेक्टर लगाए गए थे। विद्यालय की अध्यापिका श्वेता वीर का कहना है कि लाइव प्रसारण की तैयारी कई दिन पहले से यहां की जा रही थी। प्रशासन के निर्देश पर विद्यालय की सबसे बड़ी कक्षा में एक प्रोजेक्टर लगाया गया था जिसमें बैठकर सभी स्टूडेंट्स चंद्रयान-3 की लैंडिंग के ऐतिहासिक लम्हों का हिस्सा बने।
शहर के कुछ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था न होने की वजह से प्रोजेक्टर में छात्र इस ऐतिहासिक लम्हे का लुत्फ नहीं उठा सके लेकिन अध्यापकों के मोबाइल के माध्यम से छात्रों ने इस प्रसारण को दिखा। प्रयागराज के बीएसए प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि शासन के निर्देश के मुताबिक ही सभी विद्यालयों को इसके लिवेव प्रसारण दिखाने के निर्देश दिए गए थे। कुछ विद्यालयों में इंटरनेट की व्यवस्था न होने की वजह से इस प्रसारण की रिकॉर्ड वीडियो अगले दिन दिखाई जाएगी। शहर के मदरसों में भी चंद्रयान-3 की लैंडिंग के देखने का जोश सातवें आसमान पर था। करेली के गौस नगर के मदरसा कुरानिया में चंद्रयान-3 के लाइव टेलीकास्ट के लिए एक बड़ा प्रोजेक्टर लगाया गया था। जिसमें छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ चंद्रयान की लैंडिंग को एकाग्र होकर देखा। मदरसे के प्रबंधक मोहम्मद इशरत का कहना है कि 300 से अधिक छात्राओं ने मुल्क के इस ऐतिहासिक लम्हे को प्रोजेक्टर के माध्यम से देखा। इस मौके पर मदरसे के सभी टीचर और स्टाफ भी मौजूद रहे।



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