नागवासुकि मंदिर में लंबी कतार
प्रयागराज। नाग पंचमी का पर्व जिले में परंपरागत तरीके से मनाया गया। नाग देवता को दूध और लावा का भोग लगाया गया। घर के दरवाजों पर आम के पत्ते पर दूध और लावा रखकर नाग देवता का आह्वान किया गया। साथ ही सर्पदोष से मुक्ति की कामना की गई। शिव मंदिरों में भी भक्तों दर्शन पूजन किया। जनपद के प्रमुख शिव मंदिरों मनकामेश्वर महादेव, सोमेश्वर महादेव, पड़िला महादेव, कोटेश्वर महादेव, हनुमत निकेतन स्थित शिव मंदिर, दशाश्वमेधेश्वर महादेव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। दारागंज गंगा घाट पर स्थित नागवासुकि मंदिर में दूध और लावा चढ़ाने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां करीब आधा किमीमीटर लंबी कतार लगी रही। पूरा इलाका हर हर महादेव, बोल बम, ऊं नम: शिवाय के मंत्र से गूंजता रहा। नागवासुकि मंदिर पर भोर से ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। यहां पर भारी पुलिस बल के साथ ही महिला पुलिस की भी तैनाती की गई थी। सावन के चौथे सोमवार और पंचमी का योग होने के कारण पूजन का विशेष महात्म रहा। भक्तों ने संगम और गंगा में डुबकी भी लगाई। बड़ी संख्या में कांवरिये गंगा जल लेकर बाबा विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुए। मंदिरों के अलावा घरों में भी नाग देवता का पूजन किया गया। दरवाजे और घर की दीवारों पर नाग देवता के चित्र लगाकर पूजन किया गया। नाग पंचमी भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। भारत, नेपाल और हिंदू आबादी वाले अन्य दक्षिण एशियाई देशों में लोग इस हिंदू त्योहार पर नागों की पारंपरिक पूजा करते हैं। नाग पंचमी श्रावण के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है।



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