प्रतापगढ़ । अवधी सम्राट के नाम से विख्यात स्व० आद्याप्रसाद मिश्र ‘ उन्मत्त’ जी की 89वीं जयंती के अवसर पर उनके पैतृक ग्राम मल्हुपुर में उनके स्मारक स्थल पर दिग्गज साहित्यकारों ने पहुंचकर उनको याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की ।
इस अवसर पर हुई उन्मत्त विचार गोष्ठी में प्रतापगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार सुनील प्रभाकर ने उन्मत्त जी के साहित्यिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्मत्त जी ने सदा सादा जीवन उच्च विचार की कहावत को अपने कर्मों से परिभाषित किया । उन्होंने बताया कि उन्मत्त जी के भीतर अहंकार का लेश मात्र भी स्थान ना था । बाल न्यायाधीश होते हुए भी वे अधिकांशसाइकिल से ही चलते । उन्होंने बताया कि उनकी रचनाएं समाज के हर वर्ग के लिए होती थी। इस मौके पर सुनील प्रभाकर ने उन्मत्त जी की पाती की पंक्तियां पढ़कर उपस्थित लोगों को भाव विभोर कर दिया । वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ कवि व्योम जी ने बताया की जीवन भर श्री उन्मत्त जी ने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया । उनकी रचनाओं में समाज की बातें बड़े ही सरल एवं स्पष्ट रूप में होती थी । इस अवसर पर उन्होंने अपनी पंक्तियों के माध्यम से उन्मत्त जी को याद किया । वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश संभव ने कहा कि उन्मत्त जैसे व्यक्तित्व युगों में एक बार जन्म लेते हैं और हम प्रतापगढ़ वाले धन्य हैं कि ऐसे विलक्षण व्यक्तित्व का जन्म हमारे इस जनपद की माटी में हुआ । उन्होंने उन्मत्त जी के साहित्यिक जीवन से लोगों को प्रेरणा लेने की बात कही और एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर वातावरण में ओज भर दिया । वही वरिष्ठ कवि दीप चंद्र दीप ने कहा कि उन्मत्त जी प्रतापगढ़ सहित अनेक जनपद के कवियों के आदर्श एवं गुरु भी थे । उन्होंने कहा कि जब तक उन्मत्त जी जीवित थे उन्होंने अपने शिष्यों तथा युवा कवियों के लिए सदा एक अभिभावक की भूमिका निभाई । इस अवसर पर स्व० उन्मत्त जी के मझले पुत्र और जांबाज हिन्दुस्तानी सेवा समिति के अध्यक्ष आलोक आजाद ने कहा कि पिताजी ने कभी भी अपने जीवन में स्वास्मिता और सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया । उनकी शिक्षाएं , उनके सिद्धांत एवं उनके आदर्श उनकी रचनाओं के रूप में हम सबको सदैव प्रेरित करते रहेंगे । स्व० उन्मत्त जी के नातिनों ने ओजस्वी काव्य पाठ करते हुए लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया गोष्ठी से पूर्व आए हुए समस्त अतिथियों ने स्व० उन्मत्त जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित करते हुए उनको श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया । संचालन जांबाज हिंदुस्तानी सेवा समिति के उपाध्यक्ष आलोक तिवारी ने किया । इस अवसर पर प्रमुख रूप से योगी देवरहा जंगल बाबा , विनोद मिश्र , सुरेंद्र सिंह , मुन्ना पांडेय , आदर्श मिश्र , अभिनव , अनमोल , बबलू सहित अनेक क्षेत्रवासी उपस्थित रहे ।



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