प्रयागराज। भारत मे कायस्थ समाज के योगदान से सदैव लोकतंत्र मजबूत होता आया है। इस समाज ने हर काल खंड में राष्ट्र की प्रगति और उन्नति के लिए अपना सर्वस्व अर्पण किया है। उक्त बातें कायस्थ समाज की आहूत बैठक में कहीं गई। उक्त बैठक मुल्ला का हाता प्रयागराज मे आयोजित हुई। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद, सुभाष चन्द्र बोस, खुदी राम बोस, डॉ राजेंद्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, बालासाहब ठाकरे, मेजर ध्यानचंद, मुंशी प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, फ़िराक़ गोरखपुरी, अमिताभ बच्चन कुछ ऐसे नाम है जिन्होंने हमारे स्वाभिमान ही नहीं अभिमान को भी बढाया है। कायस्थ हमेशा राष्ट्र प्रेम एवं राष्ट्र की उन्नति के लिए ही जाना जाता रहा है। भारत में कायस्थ हर प्रदेश में अच्छी संख्या में है जिसमे उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सबसे आगे हैं। उत्तर प्रदेश में यह संख्या सर्वाधिक है और राज्य की ४% आबादी इसका साक्ष्य है। राजनीति के दृष्टिकोण से देखें तो यह संख्या किसी भी पार्टी के लिए ८% का असर डालती है। कायस्थों का एक बड़ा संख्या बल प्रयागराज में देखने को मिलता है, और यहीं स्थित है केपी ट्रस्ट। ट्रस्ट ने शिक्षा एवम् समाज के क्षेत्र में पिछले १५० वर्षों में अनेकोनेक कार्य करे हैं। इसके सदस्यों का भारत ही नहीं विश्व के हर कोने में फैलाव इसकी प्रसिद्धि का प्रमाण है। दिसंबर २०२३ में के पी ट्रस्ट के चुनाव आने वाले हैं और इन चुनावों से इस बात का निर्धारण होगा को अगले ५ वर्षों तक कौन इसका प्रतिनिधत्व करेगा। ट्रस्ट के सक्रिय सदस्य कुश श्रीवास्तव की माने तो ट्रस्ट कायस्थ समाज के लिए एकजुटता का प्रतीक है और समाज की दिशा और दशा का सांकेतिक परिचायक भी। उत्तर प्रदेश के १.२ करोड़ कायस्थों को राष्ट्र हित विषयों से जोड़े रहने का कार्य भी ट्रस्ट कामयाबी से करती है। बैठक में अमिताभ श्रीवास्तव, आभा श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, अनुपम श्रीवास्तव, अविरल, अवनिष, आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।



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